Jaisalmer:टॉर्च की रोशनी में करवाना पड़ा प्रसव,रात-दिन गर्मी में तड़पते रहे मरीज

Jaisalmer:टॉर्च की रोशनी में करवाना पड़ा प्रसव,रात-दिन गर्मी में तड़पते रहे मरीज

Deepak Vyas | Updated: 14 Aug 2019, 10:33:23 AM (IST) Jaisalmer, Jaisalmer, Rajasthan, India

जैसलमेर मुख्यालय स्थित जवाहर चिकित्सालय की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में आए फॉल्ट ने एक बार फिर जिले के इस एकमात्र सरकारी अस्पताल में व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। बीती मध्यरात्रि करीब 1.03 बजे अस्पताल की बिजली गुल हुई, जो देर शाम तक नहीं लौटाई जा सकी। अस्पताल परिसर में बने एमसीएच यूनिट में बीती रात्रि टॉर्च की रोशनी में महिलाओं के प्रसव करवाने की नौबत आ गई।

जैसलमेर. जैसलमेर मुख्यालय स्थित जवाहर चिकित्सालय की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में आए फॉल्ट ने एक बार फिर जिले के इस एकमात्र सरकारी अस्पताल में व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। बीती मध्यरात्रि करीब 1.03 बजे अस्पताल की बिजली गुल हुई, जो देर शाम तक नहीं लौटाई जा सकी। अस्पताल परिसर में बने एमसीएच यूनिट में बीती रात्रि टॉर्च की रोशनी में महिलाओं के प्रसव करवाने की नौबत आ गई। बिना लाइट अंधेरे और दम घुटाने वाले उमस भरे वातावरण में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों के हाल बेहाल हो गए। रात के बाद दिनभ र बिजली व्यवस्था सुचारू नहीं होने से भर्ती मरीजों के परिवारजन हाथ पंखियों व गत्ते के टुकड़ों को झल कर उन्हें राहत पहुंचाने का विफल प्रयास करते नजर आए। अस्पताल में लगा जनरेटर भी खराब होने से बिजली का वैकल्पिक प्रबंध नहीं हो सका। लम्बे समय तक तो अस्पताल प्रबंधन बिजली आपूर्ति के फॉल्ट का पता नहीं लगा पाया। पता लगने के बाद उसे दूर करने में कार्मिकों के पसीने छूट गए।
देर रात गुल हुई बिजली
जानकारी के अनुसार जवाहर चिकित्सालय के समूचे परिसर में बिजली आपूर्ति सोमवार-मंगलवार की दरम्यानी रात को 1.03 बजे ठप हो गई। यहां भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों ने सोचा, थोड़ी देर में आपूर्ति बहाल हो जाएगी। अस्पताल में ड्यूटी पर रहे कार्मिकों ने भी सोचा कि लाइट गई होगी, आ जाएगी। लेकिन थोड़ी देर में पता चला कि अस्पताल से बाहर सभी जगह पर बिजली आपूर्ति सुचारू है। इस दौरान अस्पताल परिसर में बने एमसीएच यूनिट में भर्ती गर्भवती महिला की पीड़ा बढ़ जाने के कारण अंधेरे में ही उसका प्रसव करवाना पड़ा। मोबाइल और चार्जिंग टॉर्च के प्रकाश में यह कार्रवाई की गई। जानकारी के अनुसार अंधेरे में प्रसव करवाए गए। यह जानकारी भी मिली है कि एक प्रसूता को खून चढ़ाना था। कॉल पर तकनीशियन भी पहुंच गया, लेकिन बिना बिजली रक्त की क्रॉस मैचिंग नहीं हो सकती थी। आनन-फानन में इसके बिना ही मजबूरी में खून चढ़ाया गया। इसके बावजूद यह गनीमत रही कि एमसीएच यूनिट में तडक़े चार बजे लाइट व्यवस्था सुचारू हो गई।
दिन भर करते रहे मशक्कत
एमसीएच यूनिट के साथ कुछ अन्य हिस्सों को छोडक़र समूचे जवाहर चिकित्सालय के विभिन्न कक्षों में विद्युत आपूर्ति मंगलवार दिन से लेकर शाम तक बाधित रही। अस्पताल प्रबंधन देरी से चेता और उसने फॉल्ट दूर करने के लिए हाथ-पांव मारे। तब पता चला कि अस्पताल परिसर में उपभोक्ता होलसेल भंडार की दवाइयों की दुकान के आगे भूमिगत बिछाई गई केबल में कहीं फॉल्ट है। डिस्कॉम के कार्मिकों के साथ अन्य तकनीशियन उसे सुचारू करने में जुटे, लेकिन उन्हें शाम तक सफलता नहीं मिल पाई। इससे अस्पताल में भर्ती मरीजों की तो मानो शामत ही आ गई। उनके रिश्तेदारों ने बताया कि उन्हें रात में तेज गर्मी के कारण बाहर खुले में लाकर सुलाना पड़ा। दिन में भी वार्डों में अंधेरे और उमस का साम्राज्य कायम रहा। इस सारे प्रकरण पर पत्रिका ने जब अस्पताल प्रबंधन का पक्ष जानना चाहा तो पीएमओ डॉ. जेआर पंवार ने कई बार प्रयास करने के बावजूद कॉल अटेंड नहीं की।

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