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करोड़ों की सीवरेज लाइन बिछाने के बावजूद क्यों बह रहा दूषित पानी का झरना?

- ऐतिहासिक सोनार दुर्ग की मजबूती को खतरा
- तकनीकी खामी से लेकर रखरखाव की कमी

जैसलमेर

Published: September 14, 2022 09:47:21 pm

जैसलमेर. यूनेस्को की ओर से विश्व धरोहर घोषित किए गए सोनार दुर्ग की प्राचीर से सीवरेज लाइन के ओवरफ्लो होने से दूषित पानी एक झरने की शक्ल में शिव मार्ग की दिशा में लगातार बहने से दुर्ग की नींव को गंभीर खतरा होने के साथ सैलानियों के समक्ष एक बेहद भद्दी तस्वीर बन रही है। यह भी तब है जबकि रूडीप की ओर से पिछले सालों के दौरान दुर्ग में करीब सात करोड़ रुपए की लागत से नई सीवरेज लाइन बिछाई गई है। यह लाइन पूर्व में आवास विकास संस्थान की तरफ से बिछाई गई दोषपूर्ण सीवरेज लाइन के दोषों को दूर करने के लिए धरातल पर उतारी गई थी। इसके बावजूद गोपा चौक से शिव मार्ग की तरफ जाने वाले रास्ते में दुर्ग के ऊपरी हिस्से से बहता हुआ गंदा पानी परकोटे की दीवार से झरने की शक्ल में नीचे सडक़ पर बिखरता नजर आ जाता है। ऐसा ही नजारा इससे आगे शिव मार्ग पर बैंक के पास भी दिखता था, जिसे पिछले अर्से के दौरान नगरपरिषद ने जरूरी मरम्मत कार्य करवाकर काफी हद तक समस्या पर काबू पा लिया। दरअसल यह समस्या एक तो सीवरेज लाइन बिछाने के दौरान की गई तकनीकी खामी और दूसरा, नगरपरिषद की ओर से समय पर हौदियों की सफाई नहीं करवाए जाने के नतीजे के रूप में उत्पन्न हो रही है। जानकारी के अनुसार कायदे से सीवरेज लाइन की तमाम हौदियों की सफाई एक पखवाड़े के दौरान आवश्यक रूप से करवा देनी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो पाता तथा जिम्मेदार हौद के ओवरफ्लो होने के बाद कहीं जाकर जागते हैं।
बना रहे खराब तस्वीर
- जैसलमेर भ्रमण पर आने वाले लाखों सैलानियों के आकर्षण का केंद्र सोनार दुर्ग रहता है। देशी-विदेशी पर्यटक दुर्ग के विभिन्न हिस्सों का भ्रमण करते हुए इसकी जमकर फोटोग्राफी करते हैं। ऐसे में दुर्ग के ऊपर से बहकर नीचे आने वाले दूषित जल को देखकर वे नाक-भौं सिकोड़ते नजर आते हैं और दुर्ग ही नहीं समूचे शहर की एक खराब तस्वीर उनके सामने बनती है।
- सीवरेज की लाइनों से होकर निकलने वाले पानी के इस तरह से बहने की वजह से दुर्ग की पहले से खोखली हो रही नींवों को और नुकसान पहुंच रहा है।
- दुर्ग के भीतर सीवरेज लाइन बिछाते समय पाइप के आकार में असमानता रखे जाने की शिकायतें अब तक आम हैं। इससे पीछे से बड़ी साइज के पाइप के मुहाने छोटा पाइप रखे जाने से पानी सुचारू ढंग से लाइनों के जरिए नहीं निकलता और वह जमीन में रिस कर आसपास के मकानों की नींवों को नुकसान पहुंचा रहा है।
- जमीन के स्तर से नीचे जिन मकानों के दरवाजे हैं, उनके भीतर आज भी सीवरेज लाइनों का पानी हौदियों से ओवरफ्लो होकर जा रहा है। हालांकि उनकी संख्या पहले के मुकाबले अब काफी कम है।
- दुर्ग की हवा प्रोल से जल निकासी के लिए बनाए गए नाले के ऊपर लगाई गई दाबडिय़ां आए दिन टूटती या उखड़ती हैं। इससे पर्यटकों सहित स्थानीय बाशिंदों के दुर्घटनाओं का शिकार होने का सिलसिला लगातार बना हुआ है।
- नाले के ऊपरी पत्थरों की टंचाई नहीं किए जाने से पैदल दुर्ग पर चढऩे वाले सैलानी आए दिन फिसल कर गिरते हैं। जबकि वे अपनी समझ में इसे किनारे का रास्ता मानकर सुरक्षा की चाह में इन पर से गुजरते हैं।
करोड़ों की सीवरेज लाइन बिछाने के बावजूद क्यों बह रहा दूषित पानी का झरना?
करोड़ों की सीवरेज लाइन बिछाने के बावजूद क्यों बह रहा दूषित पानी का झरना?
फैक्ट फाइल -
- 2015-16 में बिछाई गई सीवरेज लाइन
- 07 करोड़ करीब लाइन बिछाने पर हुआ खर्च
- 450 से ज्यादा घर हैं सोनार दुर्ग में

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