JAISALMER NEWS- रेगिस्तानी गांवों में पेयजल संकट, कहीं आ रहा गंदा पानी, तो कहीं तरसे पानी को...

गंदे पानी की आपूर्ति, ग्रामीणों ने जताया रोष

By: jitendra changani

Published: 26 Mar 2018, 08:52 PM IST

रेगिस्तानी गांवों में पेयजल संकट, कहीं आ रहा गंदा पानी, तो कहीं तरसे पानी को...
जैसलमेर . सरहदी जैसलमेर जिले के रेगिस्तानी क्षेत्र में बसे गांवों में पेयजल संकट गहराया हुआ है, लेकिन जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे। हालात यह है कि कहीं पानी ही नहीं है, तो कहीं मिल रहा पानी इतना गंदा है कि इसे पीना तो दूर नहाने के लायक भी नहीं है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को पेयजल संकट से रूबरू होना पड़ रहा है। जिले के लाठी, नोख, पोकरण, मानासर, दूधिया सहित अधिकतर छोटे गांव और ढाणियों में पेयजल किल्लत है। भीषण गर्मी में पेयजल की समस्या का समाधान नहीं होने से आमजन में रोष है और वे पीने लायक पेयजल व्यवस्था की मांग कर रहे है।

गंदे पानी की आपूर्ति, ग्रामीणों ने जताया रोष
नोख. गांव में गत लम्बे समय से गंदे व बदबूदार पानी की आपूर्ति हो रही है। इसको लेकर रविवार को ग्रामीणों ने रोष जताया। गौरतलब है कि गांव में राजीव गांधी लिफ्ट नहर के पम्पिंग स्टेशन संख्या दो से जलापूर्ति की जाती है। यहां फिल्टर प्लांट भी लगा हुआ है, लेकिन उसका उपयोग नहीं किया जा रहा है। जिसके चलते आए दिन गंदे पानी की आपूर्ति होती है। जिससे ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। रविवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हुए तथा रोष जताते हुए जिला कलक्टर को ज्ञापन प्रेषित कर गांव में शुद्ध पानी की आपूर्ति करने की मांग की।

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फिटकों की ढाणी में दो माह से पेयजल संकट
पोकरण . क्षेत्र की सादा ग्राम पंचायत के दूधिया गांव अंतर्गत फिटकों की ढाणी में गत दो माह से जलापूर्ति बंद होने के कारण ग्रामीणों को पेयजल संकट से रूबरू होना पड़ रहा है। कांग्रेस के पूर्व जिला महामंत्री हरिवंश व्यास सहित ग्रामीणों ने बताया कि ढाणी में स्थित जीएलआर, पशुखेली व राजकीय विद्यालय में गत दो माह से जलापूर्ति बंद पड़ी है। जिससे ग्रामीणों व मवेशी को पेयजल के लिए इधर उधर भटकना पड़ रहा है तथा विद्यार्थियों को बोतलों में घरों से पानी लेकर आना पड़ रहा है। जिससे उन्हें परेशानी हो रही है।

 

एक माह से विद्यालय में बंद जलापूर्ति
पोकरण . ग्राम पंचायत मानासर के नेतासर गांव स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय में गत एक माह से जलापूर्ति बंद होने से छात्र-छात्राओं को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। विद्यालय के कार्यवाहक प्रधानाध्यापक फकीराराम ने बताया कि विद्यालय में 450 छात्र छात्राएं अध्ययनरत हैं। यहां पेयजल व्यवस्था को लेकर दो टांके बने हुए हैं तथा जलदाय विभाग की ओर से इन्हें पाइपलाइन से जोड़ा गया है। गत एक माह से जलापूर्ति बंद होने से दोनों टांके खाली हैं। जिसके चलते विद्यार्थी बोतलों से अपने घरों से पानी लेकर आते हैं। जब बोतलों में पानी खत्म हो जाता है, तो विद्यालय की छुट्टी करनी पड़ती है तथा दूर दराज ढाणियों से आने वाले छात्र-छात्राओं को इस भीषण गर्मी में प्यासे ही घर पहुंचना पड़ता है। पूर्व में भी कई बार ग्रामीणों की ओर से जनसहयोग से राशि एकत्र कर टैंकरों से पानी खरीदकर टांकों में डलवाया गया था, लेकिन गत एक माह से टांकों में पानी नहीं होने के कारण छात्र छात्राओं व अध्यापकों को परेशानी हो रही है तथा मिड-डे-मील का कार्य भी प्रभावित हो रहा है।

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jitendra changani Desk/Reporting
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