दुर्ग और आसपास पट्टे जारी करने में दिक्कतों से अभियान की मंशा अधूरी

- प्रभारी सचिव पाठक ने नगरपरिषद का दौरा कर स्थितियों का जायजा लिया
- सरकार से लिया जाएगा मार्गदर्शन

By: Deepak Vyas

Published: 06 Oct 2021, 07:57 PM IST


जैसलमेर। जैसलमेर शहर में गत दो तारीख से शुरू किया गया प्रशासन शहरों के संग अभियान की रंगत फिलहाल जम नहीं पा रही है। पुराने शहर में मु य रूप से सोनार दुर्ग और उसके १०० मीटर दायरे में रियासतकाल से बसे हुए मकानों के स्टेट ग्रांट एक्ट तथा ६९ ए के तहत दिए जाने वाले पट्टों के बीच पुरातत्व विभाग के नियमों का अडंग़ा आ जाने से कम से कम डेढ़ हजार पट्टे जारी होने की राह बाधित हो गई है। हालात की गंभीरता को देखते हुए जैसलमेर प्रवास पर आए हुए जिले के प्रभारी सचिव और पूर्व में यहां कलक्टर रह चुके डॉ. केके पाठक मंगलवार को जैसलमेर नगरपरिषद कार्यालय पहुंचे। उन्होंने सभापति हरिवल्लभ कल्ला तथा कार्यवाहक आयुक्त यूआइटी सचिव सुनिता चौधरी के साथ इस संबंध में ल बी मंत्रणा की। पाठक ने दुर्ग व उसके १०० मीटर क्षेत्रफल के संबंध में पट्टे दिए जाने की सरकारी गाइडलाइन का भी अध्ययन किया। उन्होंने सभापति से कहा कि वे एक पत्र तैयार कर उन्हें भिजवाए जिसे वह सरकार स्तर से मार्गदर्शन लेकर पीढिय़ों से बसे हुए लोगों को पट्टे दिलवाकर अभियान का वास्तविक लाभ दिला सकें। प्रभारी सचिव ने दुर्ग के संबंध में समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों के बारे में भी नगरपरिषद के कार्मिकों से जानकारी ली।
शिविर स्थल का दौरा किया
इससे पहले नगरपरिषद कार्यालय पहुंचकर डॉ. केके पाठक ने वहां संचालित वार्डों के शिविर का अवलोकन किया और अधिकारियों-कार्मिकों से जानकारी ली। उन्होंने निर्देशित किया कि जो भी व्यक्ति अपना परिवाद लेकर शिविर में पहुंचे, उसे उसकी पावती जरूर दी जाए। वह मामला सही है या गलत, यह बाद में अध्ययन का विषय होता है। सभापति कल्ला ने विश्वास दिलाया कि नगरपरिषद के सभी पार्षद व पूरा अमला प्रशासन शहरों के संग अभियान का सही मायनों में लाभ लोगों को दिलाने के लिए दृढ़ प्रतिज्ञ है। इस काम में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। उपस्थित लोगों ने प्रभारी सचिव को अपनी समस्याओं के संबंध में ज्ञापन भी सौंपे। पाठक ने दुर्ग में नए बिजली कनेक्शन के साथ ही कच्ची बस्तियों में जल-बिजली कनेक्शन जारी करने में आ रही अड़चनों को भी दूर करने पर जोर दिया। उन्होंने शहर में स्थित सभी कच्ची बस्तियों का व्यापक सर्वे करवाने के निर्देश दिए। जिससे यह पता चल सके कि कुल कितने परिवार इन बस्तियों में रह रहे हैं और कितनों के पास कब्जे व पट्टे हैं। उन्होंने यह कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ करवाने की बात कही। सभापति से कहा कि एक समयबद्ध कार्यक्रम बनवाकर तथा अधिकारियों-कार्मिकों की टीमें गठित कर यह कार्य करवाएं। इस कार्य की वीडियोग्राफी भी करवाई जाए। सभापति ने भरोसा दिलाया कि इस संबंध में जल्द कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
नगरपरिषद कार्यालय पहुंचने पर प्रभारी सचिव का सभापति कल्ला के साथ उपसभापति खीमसिंह राठौड़ तथा अन्य निर्वाचित सदस्यों व अधिकारियों ने स्वागत किया।

Deepak Vyas Bureau Incharge
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