हर्षोल्लास के साथ मनाया दुर्गाष्टमी का पर्व,देवी मंदिरों में हुआ यज्ञ का आयोजन,गूंजे जय माता दी के स्वर

हर्षोल्लास के साथ मनाया दुर्गाष्टमी का पर्व,देवी मंदिरों में हुआ यज्ञ का आयोजन,गूंजे जय माता दी के स्वर
हर्षोल्लास के साथ मनाया दुर्गाष्टमी का पर्व,देवी मंदिरों में हुआ यज्ञ का आयोजन,गूंजे जय माता दी के स्वर

Deepak Vyas | Updated: 06 Oct 2019, 07:30:10 PM (IST) Jaisalmer, Jaisalmer, Rajasthan, India

शारदीय नवरात्रा के मौके पर रविवार को कस्बे सहित समूचे उपखण्ड क्षेत्र में दुर्गाष्टमी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।

जैसलमेर/पोकरण. शारदीय नवरात्रा के मौके पर रविवार को कस्बे सहित समूचे उपखण्ड क्षेत्र में दुर्गाष्टमी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। दिनभर कस्बे के सभी देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की रेलमपेल लगी रही तथा मंदिरों को आकर्षक रोशनी से सजाया गया और जाज्वला मैया, लटियाल माता व हिंगलाज माता मंदिर को छोड़कर सभी मंदिरों में यज्ञ का आयोजन किया गया। इस मौके पर श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहूतियां देकर विश्वशांति, मानव कल्याण व सुख समृद्धि के लिए प्रार्थना की। क्षेत्र के प्रसिद्ध शक्तिपीठ भादरिया राय मंदिर, आशापूर्णा मंदिर, जया सच्चियाय सिद्धेश्वरी सिद्धपीठ, खींवज माता मंदिर, जाज्वला मंदिर, करणी माता मंदिर, कालका मंदिर, धरज्जवल माता मंदिर, चामुण्डा माता मंदिर सहित सभी देवी मंदिरों में सुबह से लगाकर शाम तक श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई।
आशापूर्णा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
इस मौके पर कस्बे के प्रमुख आशापूर्णा मंदिर में भक्तों की भीड़ रही। यहां अलसुबह ही दर्शनार्थियों की भीड़ उमडऩे लगी। आचार्य पंडित राधाकिशन व्यास के सानिध्य में यजमान राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारी व अतिरिक्त आयुक्त उपनिवेशन जैसलमेर दुर्गेश बिस्सा की ओर से पूजा-अर्चना की गई। दोपहर पश्चात मंदिर में स्थित यज्ञशाला में आयोजित हवन में श्रद्धालुओं ने अपनी ओर से आहूतियां दी। इस मौके पर बीकानेर, जैसलमेर, फलोदी से आए अनेक श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर दर्शन किए। शाम के समय मंदिर से लेकर कस्बे तक तीन किमी सड़क पर श्रद्धालुओं की रेलमपेल देखने को मिली, जो देर रात्रि तक भी लगी रही। इसी प्रकार प्रसिद्ध खींवज माता मंदिर में पुजारी महेश शर्मा व आचार्य पंडित चंद्रशेखर के सानिध्य में पूजा-अर्चना की गई। यहां यजमानों ने हवनात्मक यज्ञ का आयोजन किया गया। यहां उपस्थित यजमानों ने यज्ञ में आहुतियां दी। साधोलाई स्थित पुष्करणा छंगाणियों की कुलदेवी सच्चियाय मंदिर में अष्टमी के मौके पर यज्ञशाला में यजमानों व अन्य श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुतियां दी। दुर्गाष्टमी के मौके पर गांधी माहेश्वरी समाज की कुलदेवी धरज्जवल माता मंदिर में पंडित वासूदेव दवे ने पूजा-अर्चना की। आचार्य पंडित शिवकिशन व्यास के सानिध्य में जगदीश गांधी मोहनगढ़ तथा कालका मंदिर में पंडित अजय व्यास के सानिध्य में यजमान खुमाणसिंह करणोत ने यज्ञ का आयोजन किया गया। इसी प्रकार सेवगों की बगेची स्थित पीपलाद माता मंदिर में श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुतियां दी। कस्बे के चौधरियों की गली स्थित आई माता मंदिर में आचार्य पंडित डीपी व्यास के सानिध्य में यजमान ज्योतिष पुरोहित ने यज्ञ में आहुतियां दी।
भादरिया में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
क्षेत्र के प्रसिद्ध शक्तिपीठ भादरिया मंदिर में भी दुर्गाष्टमी के मौके पर श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। यहां प्रदेश के अलावा देश के कोने-कोने से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। श्रद्धालुओं के लगातार आने से यहां मेले सा माहौल है। रविवार को दुर्गाष्टमी के मौके पर यहां आयोजित यज्ञ में सैंकड़ों श्रद्धालुओं ने अपनी ओर से आहुतियां दी। शाम के समय आरती के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। क्षेत्र के माड़वा गांव में चंदू मैया व हिंगलाज अवतार देवल मैया मंदिर में हवन व पूजा-अर्चना की गई। यहां पुजारी प्रभुदान बारहठ, पंडित पाबूदान पालीवाल व ओमलाल पालीवाल के सानिध्य में भूपेन्द्रसिंह उज्वल, नारायणदान उज्वल सहित यजमानों ने यज्ञ में आहुतियां दी। बारठ का गांव में स्थित डूंगरेच्या माता मंदिर में भी यज्ञ का आयोजन किया गया।
जाज्वला माता के मंदिर में होगा हवन का आयोजन
परंपरा के अनुसार शारदीय नवरात्रा की पूर्णाहूति के साथ व्यासों की कुलदेवी जाज्वला माता के मंदिर, हिंगलाज माता मंदिर व स्थानीय रामनाथ महाराज के आश्रम में स्थित लटियाल माता मंदिर में नवमी के मौके पर सोमवार को हवन व यज्ञ का आयोजन किया जाएगा।
नोख. गांव में स्थित आई माता मंदिर में रविवार को होमष्टमी के मौके पर हवन का आयोजन हुआ। पंडित हितेश श्रीमाली ने पूजा-अर्चना करवाई तथा यजमानों ने हवन में आहुतियां दी। इस मौके पर उम्मेदसिंह, मेघसिंह, गोकुलसिंह, अशोक बन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
रामदेवरा. स्थानीय चिल्लाय माता मंदिर में होमाष्टमी के मौके पर हवन का आयोजन किया गया। बाबा रामदेव वंशज गादीपति राव भोमसिंह तंवर ने पूजा-अर्चना की तथा यजमानों व श्रद्धालुओं की ओर से हवन में आहुतियां दी गई। शाम के समय आरती कर प्रसादी का वितरण किया गया।
फलसूण्ड. गांव के सैणी माता मंदिर में बुधवार को दुर्गाष्टमी के मौके पर हवन का आयोजन किया गया। यजमानों ने पूजा-अर्चना की। इसके बाद हवन में आहुतियां दी गई। दुर्गाष्टमी के मौके पर मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। यहां आए श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पूजा-अर्चना की।

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