97 बंद स्कूलों में साफ होगी धूल,चार वर्ष पहले सत्तासीन प्रदेश सरकार के आदेश पर लगे थे ताले

वर्ष 2014 में बंद हुए थे विद्यालय...

97 बंद स्कूलों में साफ होगी धूल
-चार वर्ष पहले सत्तासीन प्रदेश सरकार के आदेश पर लगे थे ताले
-विद्यालय बंद कर दूरस्थ स्थान पर लगाए जाने से चल रही थी नाराजगी

By: Deepak Vyas

Published: 10 Jan 2019, 05:55 PM IST

Jaisalmer, Jaisalmer, Rajasthan, India

पोकरण. उपखंड क्षेत्र में चार वर्ष पूर्व बंद किए गए 97 उच्च प्राथमिक, प्राथमिक व बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालयो को शिक्षा विभाग की ओर से उसेे पुन: चालू करने की कवायद शुरू कर दी गई है। जिला स्तर के आदेश बाद ब्लॉक कार्यालय से बंद की गई स्कूलों की जानकारी मांगी गई थी, जिस पर सांकड़ा ब्लॉक शिक्षा अधिकारी स्तर से बंद पड़ी स्कूलों की सूची तथा वहां की वर्तमान स्थिति की जानकारी को लेकर तथ्यात्मक रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी प्रांरभिक शिक्षा को भिजवा दी गई है। गौरतलब है कि चार वर्ष 2014 में प्रदेश की भाजपा सरकार की ओर से ऐसे उच्च प्राथमिक,प्राथमिक व बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालयों को बंद करने के आदेश दिए गए थे। जहां पर एक ही परिसर में संचालित दूसरा विद्यालय, कम दूरी में स्थापित दूसरा विद्यालय तथा ऐसे विद्यालय जहां छात्र-छात्राओं का नांमाकन संख्या शून्य हो। उन सरकारी स्कूलों को समीप के विद्यालय में समायोजित कर वहां पर लगे अध्यापकों को अन्यत्र तबादले किए गए थे, जिस पर शिक्षा विभाग ने अमल करते हुए गत १९ जुलाई २०१४ को सांकडा ब्लॉक के अधीन 97 विद्यालयों को बंद कर दिया गया। सरकार के इस निर्णय से ग्रामीण क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को अध्यापन में परेशानियां झेलनी पड़ी रही थी, वहीं इन स्कूलों में लगे अध्यापकों को दूरस्थ स्थानों पर लगाने से सरकार से नाराजगी चल रही थी।
विभाग को भेजी तथ्यात्मक रिपोर्ट
नवनिर्वाचित सरकार की ओर से जिले में बंद पड़े विद्यालयों को पुन: शुरू करने की घोषणा के बाद सांकड़ा ब्लॉक में ऐसे विद्यालय जो गत चार वर्ष पूर्व बंद कर दिए गए थे, उनकी वर्तमान स्थिति से अवगत करा दिया है। विभाग की ओर सें विद्यार्थियों की नामांकन संख्या, एक किलोमीटर से अधिक की दूरी पर स्थित प्राथमिक विद्यालय, दो किलोमीटर से अधिक दूरी पर उच्च प्राथमिक विद्यालय, सडक़ व राज्यमार्ग,दोनो विद्यालयों के बीच नदी-नाला व भामाशाहों की ओर से निर्मित स्कूल भवनों की स्थिति को चिह्नित कर जिला स्तर पर रिपोर्ट पेश की गई है।

मांगे गए है प्रस्ताव
सरकार के आदेश के बाद बंद की गई स्कूलों को पुन:चालू करने की कवायद शुरू कर दी है। निदेशक स्तर से आदेश के बाद ब्लॉक अधिकारी सें प्रस्ताव मांगे गए है। विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या,आवागमन के साधन व अन्य किसी प्रकार की तकलीफों को मध्यनजर रखते हुए प्रस्ताव तैयार कर निदेशक शिक्षा विभाग को भिजवाए जा रहे है।
-भल्लाराम, सहायक प्रशासनिक अधिकारी, प्रारंभिक शिक्षा जैसलमेर

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