बाहरियों पर नहीं रखी नजर तो टूटेगा सुरक्षा चक्र

- दो राज्यों पर निगरानी से ही नहीं बनेगी बात
- कोरोना की दूसरी लहर की आशंका फिर प्रबल

By: Deepak Vyas

Updated: 06 Mar 2021, 10:30 AM IST

जैसलमेर- पर्यटन के लिहाज से जगप्रसिद्ध जैसलमेर जिले में कोरोना के पलटवार की आशंका खड़ी हो गई है। गत गुरुवार को जिले के फतेहगढ़ स्थित सोलर कम्पनी के चार बाहरी कार्मिकों के पाॅजिटिव आने के बाद इस संबंध में चिंता बहुत बढ़ गई है। अभी तक राज्य सरकार का ध्यान महाराष्ट्र और केरल से आने वाले लोगों पर सीमित रहा है लेकिन जैसलमेर जिले में पाए गए चारों पाॅजिटिव राजस्थान के ही मूल निवासी हैं। ऐसे में कम्पनियों के कार्मिकों के साथ पर्यटकों का जैसलमेर में लगने वाला जमावड़ा कोरोना का वाहक बन सकता है। हाल में संपन्न मरु महोत्सव में हजारों की भीड़ कार्यक्रमों में जुटी। इनमें अधिकांश लोग स्थानीय थे फिर भी 10 प्रतिशत बाहरी लोगों की हिस्सेदारी से इनकार नहीं किया जा सकता। और तो और महोत्सव के लिए साज-सज्जा आदि कार्य करने वाले कार्मिक तक बाहरी राज्यों के थे।
पर्यटकों की जांच नहीं
जैसलमेर में हालांकि पर्यटन का सीजन तो निपट गया है लेकिन वीकेंड और वेकेशन ट्यूरिज्म अब भी जोरों पर है तथा यह वर्ष पर्यन्त चलता है। इन दिनों में यहां सैकड़ों की तादाद में सैलानी राजस्थान के अन्य जिलों के साथ बाहरी राज्यों से जैसलमेर पहुंचते हैं। वे यहां सैर-सपाटा करते हैं, होटलों-रिसोर्ट्स आदि में ठहरते हैं। निश्चित रूप से स्थानीय लोगों के सीधे सम्पर्क में आते हैं। उनकी किसी तरह की जांच की कोई व्यवस्था अभी तक नहीं है और सबसे टेस्ट रिपोर्ट तलब करना भी फिलहाल मुश्किल लग रहा है। जैसलमेर भ्रमण पर आने वाले अधिकांश सैलानियों के चेहरों पर मास्क नहीं होता। उनकी देखादेखी उनसे व्यवहार करने वाले स्थानीय बाशिंदे भी मास्क या सामाजिक दूरी को बिसरा गए हैं। वैसे भी वैक्सीनेशन शुरू होने तथा केसेज में एकदम से कमी आने के चलते जैसलमेर में कोरोना को लेकर चारों तरफ लापरवाही का मंजर साफ देखा जा सकता है।
नजर नहीं आती सख्ती
इसी तरह से पुलिस की तरफ से भी मास्क को लेकर पूर्व में बरती जाने वाली सख्ती जैसलमेर मुख्यालय पर ही कहीं नजर नहीं आती। सम-खुहड़ी आदि पर्यटन से जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों की तो बात दूर की है। पूर्व में पुलिस के साथ नगरपरिषद का अमला भी बगैर मास्क घूमने वालों के चालान करता था। अब वह सब बीते समय की बातें हो गई हैं। दूसरी ओर देश के अनेक राज्यों के साथ राजस्थान के कई शहरों में भी कोरोना पाॅजिटिव के मामले बढ़ रहे हैं। जैसलमेर में ही ग्रामीण क्षेत्रों में सौर तथा पवन ऊर्जा की कम्पनियों में सैकड़ों की तादाद में बाहरी कर्मचारी कार्यरत हैं।

फैक्ट फाइल -
- 2000 से अधिक पाॅजिटिव जैसलमेर में अब तक आए
- 80 से ज्यादा की मौत महामारी से हुई
- 05 अप्रेल 2020 को जिले में पहला केस आया

बाहरियों पर नहीं रखी नजर तो टूटेगा सुरक्षा चक्र
Deepak Vyas Bureau Incharge
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned