जानिए विदेशी युगल के जर्मनी से जैसलमेर आकर हिन्दू रीति से शादी करने का सच

Jitendra Kumar Changani

Publish: Nov, 15 2017 09:48:17 AM (IST)

Jaisalmer, Rajasthan, India

Rajasthan patrika

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दुल्हन के वेश में खूब जंची करीमा जैसलमेर आकर हिंदू रीति से विवाह बंधन में बंधने वाले शाशा जर्मनी के रहने वाले हैं, जबकि उनकी दोस्त करीमा के माता-पिता मोरक्को में रहते हैं, और वह खुद भी जर्मनी में रहती है। करीमा जब राजस्थानी घाघरा-ओढऩी और स्वर्णाभूषणों से सज-धज कर विवाह मंडप में पहुंची तो बेहद खुश थी तथा बड़ी खूबसूरत नजर आई। दोस्तों ने उस पर चादर तानकर मंडप तक पहुंचाया। दूल्हे के रूप में शाशा ने जरीदार शेरवानी पहनी। वे दोनों दूसरी बार भारत भ्रमण पर आए हुए हैं। साल 2011 में वे पहली जैसलमेर घूमने आए थे। दोनों यहां की खूबसूरती देख दंग रह गए। यहां के लोगों की मेहमानवाजी, रहन-सहन संस्कृति देखकर उन्होंने भारतीय रीति-रिवाज से शादी के बंधन में बंधने का निर्णय लिया। इसके लिए 13 नवम्बर की गोधुली बेला का समय तय किया। युगल के मित्र मनोज पुरोहित को विवाह का इंतजाम कराए।


जैसलमेर . जैसलमेर भ्रमण पर आने वाले सैलानी यहां की स्थापत्य धरोहरों को निहारने के दौरान भारतीय सभ्यता व संस्कृति के भी मुरीद हो जाते हैं। ऐसे ही जर्मनी से आए एक युगल शाशा गोट्सचाक व करीमा ने अग्नि के सात फेरे लेकर सात जन्मों तक साथ निभाने की कसमें खाई। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यह शादी ढिब्बा पाड़ा स्थित एक होटल में सोमवार रात्रि को धूमधाम से संपन्न हुई।जिसमें युगल के स्थानीय कई दोस्त शरीक हुए।पंडित धर्मेन्द्र ओझा ने यह शादी संपन्न करवाई।

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