चार दिन बाद पार्थिव शरीर पहुंचा पैतृक गांव, गमगीन माहौल में दी अंतिम विदाई

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के मटन इलाके में तैनात अर्ध सैनिक बल सीआरपीएफ में सब इंस्पेक्टर फतेहसिंह की मौत के चार दिन बाद शव उनके पैतृक गांव सगरा पहुंचा। यहां सामाजिक दूरी का अनुपालन करते हुए राजकीय सम्मान के साथ सब इंस्पेक्टर का अंतिम संस्कार किया गया।

By: Deepak Vyas

Published: 16 May 2020, 06:27 PM IST

जैसलमेर/लाठी. जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के मटन इलाके में तैनात अर्ध सैनिक बल सीआरपीएफ में सब इंस्पेक्टर फतेहसिंह की मौत के चार दिन बाद शव उनके पैतृक गांव सगरा पहुंचा। यहां सामाजिक दूरी का अनुपालन करते हुए राजकीय सम्मान के साथ सब इंस्पेक्टर का अंतिम संस्कार किया गया। गौरतलब है कि लाठी क्षेत्र के सगरा गांव निवासी 56 वर्षीय फतेहसिंह जम्मू-कश्मीर के आतंकवाद से प्रभावित अनंतनाग जिले के मटन इलाके में आंतरिक सुरक्षा की ड्यूटी में अद्र्ध सैनिक बल सीआरपीएफ की बटालियन में सब इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थे। सोमवार दोपहर परिजनों को सीआरपीएफ के उच्च अधिकारियों की ओर से सूचना दी गई कि फतेहसिंह ने स्वयं को कोरोना से ग्रसित होने की आशंका व भय के मध्यनजर घाटी में ही ड्यूटी पर तैनाती के दौरान अपने सरकारी हथियार से फायर कर आत्महत्या कर ली। फतेहसिंह की मौत की सूचना उसके परिवार में कोहराम मच गया।
चार दिन बाद पहुंचा सब इस्पेक्टर का शव
सोमवार को फतेहसिंह की मौत के बाद गुरूवार शाम चार दिन बाद उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव सगरा पहुंचा। पार्थिव शरीर के साथ सीआरपीएफ के असिस्टेंट कमांडेंट हनुमानराम तथा कृष्ण कुमार अपने सीआरपीएफ जवानों के साथ पहुंचे। गुरुवार शाम मृतक सब इंस्पेक्टर फतेहसिंह का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव सगरा पहुंचा। सब इंस्पेक्टर के अंतिम दर्शनों के लिए रिश्तेदारों के अलावा आसपास के गांव के ग्रामीण भी उमड़ पड़े। जहां पर सामाजिक दूरी के साथ राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान लाठी थानाधिकारी ओमप्रकाश चौधरी, पूर्व प्रधान एवं समाजसेवी सगतसिंह भाटी, लखसिंह भाटी, पूर्व सरपंच भैरुलाल, समाजसेवी आईदानसिंह उपस्थित रहे।

Deepak Vyas Bureau Incharge
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