JAISALMER NEWS- कागजी औपचारिकता में अटका खराबे का अनुदान, अब कलक्टर ने दिए ऐसे निर्देश कि...

कृषि आदन-अनुदान का तत्काल हो भुगतान - बकाया एवं चालू राजस्व वसूली के निर्देश

By: jitendra changani

Updated: 24 Mar 2018, 01:33 PM IST

जैसलमेर. सरहदी जैसलमेर जिले में खरीफ फसल का खरीफ अनुदान प्राप्त होने के करीब एक महिने बाद भी खराबे का दंश झेल रहे किसानों को उनका अनुदान उनके खातों में जमा नहीं हो पाया है। ऐसे में किसानों को खरीफ में मिले नुकसान पर कृषि अनुदान का मरहम लगने में देरी हो रही है। जानकारों की माने तो कुछ किसानों के खातों में अनुदान की राशि जमा हुई है, लेकिन अधिकतर किसान अब भी अनुदान राशि स्वीकृति के बाद भी इंतजार कर रहे है। जानकार किसानों के खाता संख्यां नहीं होने का हवाला देकर देरी होने की बात कह रहे है, लेकिन हकीकत यह है कि जिन किसानों का अनुदान स्वीकृत है, उन सभी किसानों के बैंक खाते सहकारी बैंक में खुले हुए है, लेकिन औपचारिक कागजी कार्रवाई के लिए राशि को अटकाया जा रहा है।
ऑनलाइन खातों में भुगतान
सरकार ने किसानों के खातों में भुगतान में पारदर्शिता लाने के लिए ऑनलाइन भुगतान की योजना तैयार की है, लेकिन जिम्मेदार इसमें भी अड़ंगा लगाकर किसानों से चक्कर लगा रहे है, जबकि हकीकत यह है कि विभाग के पास अनुदानित किसानों की सूची और खाता संख्यां पहले से ही मौजूद है, फिर भी राशि खाते में जमा करवाने से पहले अनावश्यक औपचारिकता कर भुगतान करने में देरी कर रहे है।
कलक्टर ने लगाई डांट
खरीफ खराबे के लिए स्वीकृत कृषि आदान अनुदान राशि का भुगतान नहीं होने की सूरत में जिला कलक्टर ने सबंधित विभाग के जिम्मेदारों को डांट लगाई है और समय पर अनुदान राशि का भुगतान करने के निर्देश दिए है।

 

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राजस्व एवं उपनिवेशन अधिकारियों की हुई बैठक
जैसलमेर . कलक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को राजस्व एवं उप निवेशन अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें जिला कलक्टर कैलाश चन्द मीना ने राजस्व एवं उप निवेशन अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे फसल खराबे के कृषि आदान-अनुदान राशि का तत्काल भुगतान करावें। इसमें देरी किसी भी सूरत में बर्दास्त नहीं की जाएगी। उन्होंने राजस्व नक्षों का डिजिटाइजेशन भी शीघ्र करवाने को कहा। बकाया व चालू राशि वसूली भी कम होने को गंभीरता से लिया। सही ढंग से कार्य नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाने को कहा।
राजस्व रिकॉर्ड में करें भूमि का अंकन
कलक्टर ने राजस्व अधिकारियों को ओरण, चारागाह व वन विभाग की घोषित भूमि जो राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हुई है, उसे राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करवाने तथा अनुपालना रिपोर्ट भेजें भेजने को कहा। सरकारी भूमि पर की गई काश्त नीलामी करवाने को कहा।

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jitendra changani Desk/Reporting
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