बेमौसम बारिश के साथ फसलों पर गिरे ओले, अरमानों पर बरसे शोले

मुंह आयो निवाळो छीन ग्यो...
-पकी पकाई फसलों को काटने के बाद मंडियों में बेचने की चल रही थी तैयारी

नाचना. नहरी क्षेत्र में बुधवार शाम को मौसम में आए अचानक बदलाव के चलते तेज हवाओं के साथ हुई बरसात तथा कई स्थानों पर बेर आकार के गिरे ओलों से किसानों के खेतों में ईसब, जीरा, चना एव गेहूं की खड़ी फसल व खलिहान में एकत्रित फसल को जबरदस्त नुकसान पहुंचने के समाचार है। गुरुवार सुबह से ही क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से किसानों की ओर से खेतों में हुई बरसात तथा ओले गिरने से फसल नुकसान के समाचार आने लगे। सत्याया पंचायत सरहद के चक 5डीओएल चक 7 टीडी ताड़ाना, भारेवाला, नाचना क्षेत्र के साकडिय़ा वितरिका के विभिन्न चकों में बुधवार शाम लगभग 5 बजे तेज हवा के साथ लगभग आधा घंटा बारिश के साथ-साथ बेर आकार के ओले गिरे, जिससे खेतों में इसब, जीरे व चने की खड़ी फसल तथा खलिहानो में एकत्रित फसल को नष्ट कर दिया। ईसब, जीरा तथा चने के दाने झड़ कर धरती पर बिखर गए, वहीं एकत्रित फसल को तेज हवा ने बहा कर खेतों से बाहर पटक तिनका-तिनका कर दिया। बारिश व ओलो के चलते फसल नष्ट के मंजर को खेतों में बैठे किसान बेबस होकर देखते ही रह गए। सत्याया निवासी नारायण सिंह भाटी, देरावरसिंह, विश्वनाथ प्रताप सिंह, बहादुरसिंह ढाणी निवासी हिम्मतसिंह भदडिय़ा निवासी महिपालसिंह, नाचना निवासी तुलछसिंह आदि ने बताया कि क्षेत्र में कई किसानों ने हजारों रुपए लगाकर नलकूप के पानी से रबी फसल में जीरा व ईसब की खेती की थी, जो कि परिपक्व अवस्था में थी। उन्होंने बताया कि एक और कोरोना वायरस संकट के चलते फसल कटाई के लिए मजदूर नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में अपने परिवार के सदस्य ही कड़ी मेहनत कर फसल कटाई का कार्य में जुटे हुए थे, लेकिन प्रकृति के प्रकोप ने उनका मुंह आया निवाला छीन लिया। उन्होंने बताया बारिश ने खेतों में भारी तबाही मचा कर रख दी। उनकी खेती पूरी तरह से नष्ट हो गई। ऐसे में उन्हें भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है तथा क्षेत्र के किसान कर्ज तले दब गए हैं। इसी तरह नाचना क्षेत्र की साकडिय़ा वितरिका सरहद भारेवाला क्षेत्र में नहरी पानी से अधिकांश किसानों ने चने व गेहूं की सिंचित काश्त कर रखी है। तेज हवा के साथ हुई बरसात व ओले गिरने से चने की खड़ी फसल के दाने टूटकर धरती पर बिखर गए, जिससे फसल को नुकसान पहुंचा है। इसी प्रकार नहरी क्षेत्र के टावरीवाला, पन्ना, खेरूवाला, मदासर, भारमसर में भी इसब, चना व गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है।
नोख. जैसलमेर जिले के नोख उप तहसील क्षेत्र में स्थित नहरी क्षेत्र में बीती रात हुई बारिश ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया, तो कटी हुई फसलों के खराब होने से आर्थिक रूप से उनकी कमर तोड़ दी। क्षेत्र में स्थित टावरीवाला व आसपास में बीती रात व अलसुबह हुई बारिश से मुरब्बों में खड़ी गेहूं, चने, रायड़े के साथ ईसब व जीरे की फसल खराब हो गई। खासकर बारिश की चपेट में आने से ईसब व जीरे की फसल नष्ट हो गई। किसानों के अनुसार कई जगह पर तो कटी हुई फसल बर्बाद हो गई तो कुछ पकी फसलें जोकि कटने के कगार पर थी, वह भी बारिश की भेंट चढ़ गई। ऐसे में बारिश ने गत 6 महीने से मेहनत कर रहे किसान परिवारों को कहीं का नहीं छोड़ा । बुवाई के साथ खाद अन्य खर्चो व कटाई की मजदूरी की लागत के बाद इस तरह का नुकसान होना किसानों के लिए किसी सदमे से कम नहीं है। अधिकतर किसान पकी पकाई फसलों को काटने के बाद शीघ्र ही इनको मंडियों में बेचने के सपने देख रहे थे, लेकिन बारिश ने उनके अरमानों पर पानी फेर दिया इसी तरह नोख क्षेत्र में भी बारिश से गेहूंए चनेए जीरे व ईसब को नुकसान पहुंचा है । टावरीवाला के किसान जालमसिंह बताते हैं कि बारिश से क्षेत्र में ईसब, जीरे के साथ अन्य फसलों को नुकसान पहुंचा है । कटी हुई फसलें बर्बाद हो गई है ।

Deepak Vyas Bureau Incharge
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