JAISALMER NEWS- लंका विध्वंशक की महिमा का बखान कर मांगा बल और पौरुष का वरदान

By: jitendra changani

Published: 01 Apr 2018, 12:33 PM IST

Jaisalmer, Rajasthan, India

Rajasthan patrika

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रामदेवरा हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना करते श्रद्धालु।

बांकना हनुमान मंदिर में 225, सालमसागर तालाब में 251 व रामदेवरा में चढ़ाया 351 किलो रोटे का प्रसाद
पोकरण .पवन तनय, बल पवन समाना, बुद्धि विवेक विज्ञान निधान...., कौन सो काज कठिन जग माही जो नहीं होत तात तुम पाही, जय हनुमान ज्ञान गुण सागर, जय कपीस तिहुं लोक उजागर... आदि रामभक्त हनुमान को सबोंधित करती चौपाईयों से यहां के हनुमान मंदिरों में हनुमान भक्तों ने अंजनीपुत्र की उपासना कर मंगल कामना की। स्वामी भक्ति व ब्रह्मचर्य के प्रतीक महावीर हनुमान का जन्मोत्सव कस्बे में हर्षोल्लास से मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न हनुमान मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना के साथ धार्मिक अनुष्ठान हुए तथा लोगों ने अमन चैन व खुशहाली की प्रार्थना की।
फलसूण्ड मार्ग पर स्थित बांकना हनुमान मंदिर व ऐतिहासिक सालमसागर तालाब स्थित हनुमान मंदिर में गेहूं के रोटे का प्रसाद चढ़ाया गया। शनिवार शाम करीब 7 बजे मंदिर में दर्शनार्थियों की भीड़ उमड़़ी। इससे पूर्व हनुमान प्रतिमा को सिंदूर से मालीपन्ने लगा शृृंगार किया गया व मंदिर को फूलों से सजाया गया। विशेष पूजा-अर्चना, सुंदरकांड, हनुमान चालिसा व हनुमानाष्टक के पाठ हुए।
चमेली के तेल से किया अभिषेक
सालमसागर तालाब स्थित ऐतिहासिक हनुमान मंदिर में सुबह पुजारी हरिवंश दवे के सान्निध्य में प्रतिमा पर चमेली के तेल से अभिषेक किया गया। दिनभर दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा। शाम 5 बजे सुंदरकांड का पाठ हुआ। ऐसे ही गांधी चौक के निकट स्थित इच्छापूर्ण बालाजी मंदिर, भवानीप्रोल स्थित हनुमान मंदिर में भी विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम हुए।
बालाजी को चढ़ाया रोटा
कस्बे के फलसूण्ड रोड स्थित प्रसिद्ध ऐतिहासिक बांकना हनुमान मंदिर में 225 किलो गेहूं का रोट चढ़ाया गया। यह रोटा पहले ही तैयार कर लिया था तथा देर रात तक चूरमा बनाया गया। इससे पूर्व मंदिर में प्रतिमा पर बागा व पूजा-अर्चना कर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम हुए। इसी प्रकार सालमसागर तालाब स्थित हनुमान मंदिर में भी 251 किलो का रोट चढ़ाया गया। शाम को हनुमान जयंती पर मेले का आयोजन हुआ।
रामदेवरा. गांव में स्थित हनुमान मंदिर में दिनभर धार्मिक कार्यक्रम चले। यहां 351 किलो का रोट बनाकर प्रसाद चढ़ाया गया। मंदिर व्यवस्थापक मोतीलाल पुरोहित ने बताया कि कारीगर अशोक चूरा, शांतिलाल व मदनलाल ने रोट बनाया। फलोदी के आचार्य राधेश्याम जोशी के सान्निध्य में 11 पंडितों ने विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया। शाम को आरती के बाद प्रसादी का वितरण किया गया।

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