... यंहा पेयजल लाइनें बिछाई, जोडऩा भूल गए !

पेयजल संकट से जूझ रहे ग्रामीण

By: Deepak Vyas

Published: 23 Apr 2020, 08:26 PM IST

जैसलमेर/भीखोड़ाई. पोकरण फलसूंड व बालोतरा लिफ्ट पेयजल योजना के तहत लंबे इंतजार के बाद डेढ़ साल पूर्व भीखोड़ाई पम्प हाउस पर मीठा पानी पहुंचा है। बावजूद इसके क्षेत्र के एक दर्जन गांवों मीठे पानी की आपूर्ति के लिए परियोजना के अधिकारी पेयजल लाइनें बिछा कर जोडऩा भूल गए है। ऐसे में हिमालय का मीठा पानी उपलब्ध होने के बावजूद आबादी मीठे पानी को तरस रही है।
लाखों रुपए खर्च कर बिछाई लाइनें
क्षेत्र के गांवों में मीठे पानी की पेयजल आपूर्ति के लिए पांच माह पूर्व बलाड़, रूपसर, बरसाणी, गोरालिया, खानपुरा, राजमथाई मसूरिया, हरियासर, झलौडा भाटियान सहित अन्य गांवों में लाखों रूपए खर्च कर पेयजल लाइनें बिछा दी। सभी जगह पीएसपी भी बना दी बावजूद पानी आज तक नहीं पहुंचा
पेयजल संकट से जूझ रहे ग्रामीण
बारिश नहीं होने के कारण सूखे के हालात के चलते पेयजल को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। ऐसे में 15 साल के इंतजार के बाद आमजन मे मीठे पानी की आस जगी थी, लेकिन जिम्मदारों की लापरवाही के चलते आमजन को हिमालय के मीठे पानी से वंचित रखा जा रहा है। बावजूद लिफ्ट परियोजना के अधिकारी भी मूकदर्शक बने हुए हैं। रुपसर निवासी शिवकुमार बताते हैं कि पांच माह पूर्व रूपसरए बलाड़ गांवों में पाइप लाइनें बिछा दी तो खुशी हुई थी की अब हिमालय का मीठा पानी मिलेगा लेकिन जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते पानी नहीं पहुंचा है। इसी तरह झलोड़ा भाटियान निवासी राजूसिंह बताते हैं कि 6 माह पूर्व गांव में मीठे पानी की आपूर्ति के लिए पेयजल लाइन बिछा दी, लेकिन पानी नहीं पहुंचा मजबूरी में लोग महंगे दामों पर पानी खरीदने को मजबूर है।

Deepak Vyas Bureau Incharge
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