ऐतिहासिक बंद: संयम व संकल्प के साथ दिखा अपूर्व जज्बा

जैसाण में जनता कफ्र्यू को मिला अपार समर्थन,
-पूरी तरह से थम गया सीमावर्ती जिला

जैसलमेर. कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए प्रधानमंत्री की ओर से किए गए जनता कफ्र्यू के ऐलान का सीमावर्ती जैसलमेर जिलावासियों ने भरपूर समर्थन करते हुए रविवार का पूरा दिन अपने घर में रहकर निकाला। इस दौरान ऐतिहासिक और अपूर्व बंद रहा। हर खास-आम ने अपूर्व संयम का परिचय देते हुए कामकाज से छुट्टी लेने के साथ बाहर का रुख तक नहीं किया और दिन भर शहर के मुख्य चौक-चौराहों से लेकर गली-मोहल्लों तक में सन्नाटा पसरा रहा। सड़कों पर इक्का-दुक्का वाहन ही उतरे नजर आए। शहर भर में कानून व्यवस्था की निगरानी के लिए केवल पुलिसकर्मी सड़कों पर दिखे। वरिष्ठ नागरिकों ने भी कहा, उन्होंने अपने जीवनकाल में इस तरह का शहर बंद कभी नहीं देखा। रविवार को घर पर रहकर कोरोना से जंग के प्रधानमंत्री के विचार को लोगों ने दलीय विचारधारा से भी उठकर समर्थन दिया। इसके साथ गत रात्रि मुख्यमंत्री की ओर से आगामी ३१ मार्च तक राजस्थान भर में आवश्यक सेवाओं को छोड़कर लॉकडाउन करने की घोषणा का भी सकारात्मक असर पड़ा।
मेडिकल और पेट्रोल पंप को छोड़ हर दुकान बंद
रविवार सुबह से जनता कफ्र्यू का असर साफ नजर आने लगा। अलसुबह सड़कों पर केवल दुधिये और अखबार वितरण करने वाले हॉकर्स ही निकले। वे भी अपना काम निपटा कर घरों की ओर रवाना हो गए। इसके बाद कोई छोटा-बड़ा प्रतिष्ठान तो दूर चाय-पान, फल-सब्जी के ठेले व थडिय़ां तक नहीं खुली। महज पेट्रोल पंप और मेडिकल स्टोर्स ही खुले नजर आए। वहां भी बिक्री नगण्य दिखी। गोपा चौक, हनुमान चौराहा, गड़ीसर चौराहा, जोधपुर मार्ग, सोनार दुर्ग, शिव मार्ग, बाड़मेर रोड, सम मार्ग, गीता आश्रम रोड जैसे आम दिनों में भीड़ भड़ाके वाली सड़कों पर आवाजाही न्यून रही।
जिम्मेदारों ने लिया जायजा
जनता कफ्र्यू के दौरान शहर के हालात का जायजा लेने के लिए जिला कलक्टर नमित मेहता, पुलिस अधीक्षक डॉ. किरण कंग सिद्धू ने भ्रमण किया। उन्होंने सड़कों पर ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मियों से स्थिति की जानकारी ली और लोगों की ओर से दिखाए गए संयम की प्रशंसा की। इसी तरह से जैसलमेर नगरपरिषद के सभापति हरिवल्लभ कल्ला ने गोपा चौक में तैनात पुलिसकर्मियों के हाथ सेनिटाइज करवाए और अलग-अलग क्षेत्रों में पार्षदों से सम्पर्क कर स्थितियों की जानकारी ली।
पांच बजते ही बजी ताली-थाली
दिनभर घर में रहने के बाद लोगों ने शाम ठीक ५ बजे घरों की छतों व बालकोनियों पर खड़े होकर कोरोना के खिलाफ मुस्तैदी से काम कर रहे चिकित्साकर्मियों व अन्य जिम्मेदारों की हौसला अफजाई करने के लिए ताली और थाली बजाकर समर्थन जताया। कई जगहों पर लोगों ने जिनमें युवाओं के साथ बच्चे व महिलाएं शामिल थी ने शंख, घंटी व ढोल भी बजाए। शहरभर में हर कहीं से पांच मिनट तक लगातार आवाजों ने एक अलग ही समां बांध दिया।

Deepak Vyas Bureau Incharge
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