Jaisalmer- #sehatsudharosarkar अस्पताल क्रमोन्नत हो तो मरीजों को मिले सुविधा

By: jitendra changani

Published: 21 Sep 2017, 11:24 PM IST

Jaisalmer, Rajasthan, India

Rajasthan patrika

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2. पोकरण के राजकीय अस्पताल में पर्ची के लिए लगी कतारें।

पोकरण . उपखण्ड मुख्यालय पर राज्य सरकार की ओर से वर्षों पूर्व राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र स्थापित किया गया, लेकिन चिकित्सा के नाम पर आज भी यहां पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल रही है। पोकरण उपखण्ड क्षेत्र लम्बे भू-भाग में फैला हुआ है। इसके अलावा भणियाणा उपखण्ड के लोग भी अपने उपचार के लिए पोकरण ही आते हंै। ऐसे में यहां पर्याप्त चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में उन्हें सही व पूरा उपचार नहीं मिल पाता तथा जोधपुर जाकर उपचार करवाना पड़ रहा है। इससे उन्हें आर्थिक, शारीरिक व मानसिक परेशानी हो रही है। बावजूद इसके सरकार की ओर से यहां सुविधाओं के विस्तार को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
बैड की कमी
स्थानीय राजकीय अस्पताल में 100 बैड स्वीकृत हैं। यहां प्रतिदिन औसतन 150 मरीज भर्ती रहते हैं। चिकित्सा विभाग की ओर से अस्पताल में 100 बैड लगाए गए थे, लेकिन क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण यहां सही हालत में अब 75 बैड ही रहे है। इसके अलावा 100 बैड के अस्पताल में स्वीकृत होने वाले चिकित्सकों के कई पद भी रिक्त हैं। ऐसे में मरीजों की संख्या बढऩे पर बाहर से बैड लाकर रखने पड़ रहे है।
नौ चिकित्सकों के पद रिक्त
अस्पताल में चिकित्सकों के भी नौ पद रिक्त है। यहां 100 बैड के राजकीय अस्पताल में 23 पद स्वीकृत है। जिसमें से 14 चिकित्सक कार्यरत है। यहां वरिष्ठ एवं कनिष्ठ विशेषज्ञ शल्य चिकित्सा, फिजीशियन, नेत्र रोग विशेषज्ञ, निश्चेतन विशेषज्ञ सहित नौ पद रिक्त है। प्रतिदिन 600 से 700 मरीजों की ओपीडी, 100 से अधिक इनडोर में भर्ती मरीज तथा सडक़ दुर्घटनाओं व अन्य मामलों में आने वाले घायलों का उपचार करना 14 चिकित्सकों के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है।
उपखण्ड स्तरीय अस्पताल में क्रमोन्नत हो, तो बने बात
पोकरण में वर्षों पूर्व राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र स्थापित किया गया था। तब से लेकर यहां सुविधाओं व व्यवस्थाओं का टोटा नजर आ रहा है। सुदूर गांवों व ढाणियों से अपने उपचार के लिए आने वाले मरीजों को 150 किमी दूर जोधपुर जाना पड़ता है। पोकरण का राजकीय अस्पताल मात्र 100 बैड का है। ऐसे में सरकारी नियमों के अनुसार यहां पर्याप्त बजट भी नहीं मिल पाता है। यदि सरकार की ओर से इसे उपखण्ड स्तरीय अस्पताल में क्रमोन्नत किया जाता है, तो यहां अतिरिक्त बजट भी मिलेगा तथा चिकित्सकों सहित अन्य स्टाफ में बढ़ोतरी होगी। इससे यहां आने वाले मरीजों को पर्याप्त उपचार मिल सकेगा।
क्रमोन्नति का इंतजार
्रयहां 600 से 700 की ओपीडी, भर्ती मरीजों की अधिक संख्या व प्रतिदिन होने वाले प्रसव को देखते हुए यहां सुविधाओं की कमी है। यदि अस्पताल को उपखण्ड स्तरीय अस्पताल में क्रमोन्नत किया जाता है, तो सुविधाओं का विस्तार होगा।
- डॉ. आरएस चंपावत, प्रभारी राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, पोकरण
फैक्ट फाइल:-
- 2 उपखण्ड के बीच पोकरण में स्थित है एक बड़ा राजकीय अस्पताल
- 600 से 700 मरीज प्रतिदिन आते है उपचार करवाने
- 100 से अधिक मरीज रहते है प्रतिदिन भर्ती
- 14 चिकित्सक है कार्यरत
- 100 बैड का है राजकीय अस्पताल
- 75 बैड लगे है अस्पताल में

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