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जैसलमेर की ‘उड़ान’ में कब तक चलेगा व्यवधान?

जैसलमेर में साल भर विमान सेवाओं का संचालन किया जाए तो पर्यटन में जोरदार उछाल आ सकता है। कितने ही देशी-विदेशी सैलानी समयाभाव व दिल्ली, जयपुर, मुम्बई आदि से दूरी के कारण चाह कर भी जैसलमेर घूमने नहीं पहुंच पाते।

जैसलमेरJun 23, 2024 / 08:24 pm

Deepak Vyas

jsm
साल 2012 में तत्कालीन केंद्र सरकार ने जब ठेठ पाकिस्तान की सीमा पर अवस्थित छोटे-से शहर जैसलमेर में कोई 100 करोड़ रुपए की लागत से सिविल एयरपोर्ट का निर्माण करवाया तब उम्मीदें बंधी थी कि अब यह शहर पर्यटन, उद्योग, व्यापार आदि के क्षेत्रों में नई उड़ान हासिल करेगा और यहां के बाशिंदों के साथ बाहर से आने वाले धनी-मानी लोगों व सैन्य सेवा के हजारों जवानों व अफसरों आदि को बड़ी सुविधा मिलेगी…लेकिन अफसोस जैसलमेर में केवल पर्यटन के चरम काल के चार-साढ़े चार महीने अक्टूबर आखिर से फरवरी या मार्च मध्य तक ही सिविल एयरपोर्ट से नियमित उड़ान की सुविधा मिलती है और उसके बाद वहां वीराना छा जाता है क्योंकि विमानन कम्पनियां विशुद्ध मुनाफा कमा कर यहां से बोरिया बिस्तर समेट जाती हैं। कई महीनों बाद फिर से दिवाली के आसपास वे लौटती हैं। एक तरह से सरकारी धन से निर्मित जैसलमेर का सिविल एयरपोर्ट निजी विमानन कम्पनियों की जेब भरने का माध्यम भर बन कर रह गया है। मौजूदा समय में हकीकत यह है कि जैसलमेर से ही सैकड़ों की तादाद में लोग जोधपुर या अहमदाबाद जाकर अपने गंतव्य के लिए विमान सेवा का उपयोग करने के लिए विवश हैं। जैसलमेर में सिविल एयरपोर्ट पर वर्ष पर्यंत हवाई सफर की सुविधा मिले तो विशालकाय जैसलमेर जिले के साथ पड़ोसी बाड़मेर के बाशिंदों व उद्योगपतियों-व्यवसायियों-पर्यटकों आदि को जबर्दस्त राहत मिल जाए। गौरतलब है कि बाड़मेर में अभी तक सिविल एयरपोर्ट की सुविधा नहीं है।

संभावनाएं अपार…ध्यान तो दो सरकार

  • जैसलमेर में साल भर विमान सेवाओं का संचालन किया जाए तो पर्यटन में जोरदार उछाल आ सकता है। कितने ही देशी-विदेशी सैलानी समयाभाव व दिल्ली, जयपुर, मुम्बई आदि से दूरी के कारण चाह कर भी जैसलमेर घूमने नहीं पहुंच पाते।
  • जैसलमेर में पर्यटन अब मई और जून को छोड़ दें तो साल के शेष 10 महीनों में चालू रहता है। हवाई सेवा मिल जाए तो इस कलात्मक व ऐतिहासिक नगर को देखने के लिए गर्मियों में भी लोग हिम्मत जुटा सकते हैं।
  • जैसलमेर जिले में सीमेंट कारखानों की स्थापना की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा जा रहा है। यहां का पत्थर उद्योग व व्यवसाय देश-दुनिया में नाम कमा चुका है। इसके अलावा कई किस्म के खनिजों व तेल-गैस के भंडार होने की यहां भारी संभावनाएं हैं।
  • हवाई सेवा नहीं होने की वजह से मार्च से लेकर अक्टूबर के बीच जैसलमेर में फिल्मों व कॉमर्शियल एड आदि की शूटिंग नहीं के बराबर होती है। गौरतलब है कि शो-बिजनेस में शामिल लोगों के पास बहुधा समय का अभाव होता है।
  • जैसलमेर जिले में आर्मी का कैंट है। इसके अलावा एयरफोर्स व बीएसएफ में हजारों अधिकारी व जवान देश की सुरक्षा में तैनात हैं। इतनी बड़ी तादाद में देश के कोने-कोने से सैन्य बलों के लोग सेवाएं दे रहे हैं। उन्हें किसी मीटिंग या छुट्टी में घर जाने के लिए विमान सुविधा हो तो बहुत राहत मिल सकती है।
  • केंद्र व राज्य सरकारों के मंत्रियों से लेकर आला अधिकारियों को आवाजाही करने में नियमित विमान सेवा से बड़ी सुविधा मिल सकती है।
    वर्षों से उठ रही मांग
    जैसलमेर के सिविल एयरपोर्ट पर कुछ महीनों की बजाए साल भर विमान सेवा मुहैया करवाने की मांग को पिछले कई वर्षों से बुलंद किया जा रहा है। इस संबंध में पर्यटन क्षेत्र से जुड़े कई संगठन जिला प्रशासन से लेकर राज्य व केंद्र सरकार के नुमाइंदों से नियमित संवाद करते रहे हैं। हर बार उन्हें आश्वासनों के सिवाय कुछ नहीं मिलता। हाल में जोधपुर सांसद गजेंद्रसिंह शेखावत को केंद्र में पर्यटन, कला-संस्कृति विभागों का कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। शेखावत के मंत्री बनने से जैसलमेर के बाशिंदों की उम्मीदों को एक बड़ा सम्बल मिला है।

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