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जैसलमेर

कैसे भरेगा सालमसागर तालाब, रुक रही पानी की आवक

वर्षों पूर्व कस्बे के मुख्य पेयजल स्त्रोत के रूप में माने जाने वाले ऐतिहासिक सालमसागर तालाब के आवक क्षेत्रों में आई बाधाओं ने पानी का इस कदर रोक दिया हैै कि लंबे समय से तालाब लबालब हो ही नहीं पाया है। जिसके कारण तालाब लबालब नहीं हो रहा है।

जैसलमेरJun 24, 2024 / 08:28 pm

Deepak Vyas

jsm news
वर्षों पूर्व कस्बे के मुख्य पेयजल स्त्रोत के रूप में माने जाने वाले ऐतिहासिक सालमसागर तालाब के आवक क्षेत्रों में आई बाधाओं ने पानी का इस कदर रोक दिया हैै कि लंबे समय से तालाब लबालब हो ही नहीं पाया है। जिसके कारण तालाब लबालब नहीं हो रहा है। गौरतलब है कि रियासतकाल के दौरान क्षेत्र के वाशिंदों की सुविधा को लेकर सालमसागर तालाब तालाब खुदवाया गया था। पूर्व में मानसून की अच्छी बारिश के दौरान यह तालाब लबालब हो जाता था। जिससे मवेशियों को पेयजल उपलब्ध होता था। करीब आठ वर्ष पूर्व इस तालाब की अभियान चलाकर खुदाई करवाई गई, ताकि तालाब की गहराई बढ़ सके और पानी का ठहराव भी अधिक दिनों तक हो सके, लेकिन आवक क्षेत्र में हुए गड्ढ़ोंं के साथ कई निर्माण कार्यों के कारण पानी की आवक रुक रही है। जिससे गत आठ वर्षों में एक बार भी सालमसागर तालाब लबालब नहीं हो पाया है।

सडक़ की ऊंचाई अधिक, नहीं लगाए पाइप

पोकरण कस्बे व यहां से दक्षिण-पूर्व दिशा में बारिश के दौरान बरसाती नदी नालों से पानी बहकर बीलिया गांव से होते हुए बीलिया नदी में पानी एकत्र होता था। यह पानी बहता हुआ सालमसागर तालाब पहुंचता था। बीलिया गांव से खींवज रोड के बीच भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से बाईपास मार्ग का निर्माण करवाया गया। इस सडक़ की ऊंचाई अधिक है और पानी निकासी के लिए पाइप नहीं लगाए गए। जिसके कारण पानी एक तरफ ही रुक जाता है एवं बीलिया नदी का स्वरूप भी बिगड़ गया है। इसी प्रकार बीलिया नदी के आशापुरा-खींवज रोड पर निर्मित रपट पर भी सडक़ निर्माण करवा दी गई। इसके नीचे पाइप डाले गए, लेकिन छोटे होने के कारण पर्याप्त पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। जिससे पानी की आवक प्रभावित हो रही है।

कहीं अतिक्रमण तो कहीं निर्माण कार्य से परेशानी

बीलिया नदी के रास्ते सालमसागर तालाब में पानी की आवक होने से यह तालाब लबालब हो जाता था। बीलिया नदी के रास्ते में कुछ जगहों पर अतिक्रमण तो कई जगहों पर झाडिय़ां, पत्थर पड़े होने एवं निर्माण कार्य हो जाने के कारण पानी की पूरी आपूर्ति तालाब तक नहीं हो पा रही है।

अवैध खनन से हो गए गड्ढ़े

सालमसागर तालाब के मुख्य आवक क्षेत्र में बीलिया नदी के साथ आने वाली रेत जमा हो रखी है। इस मिट्टी का अवैध खनन भी धड़ल्ले से हो रहा है। ट्रैक्टर ट्रॉलियां भरकर यहां से रेत ले जाई जा रही है। इनकी ओर से असमान खुदाई किए जाने के कारण यहां जगह-जगह गहरे गड्ढ़े हो गए है। जिसके कारण बारिश का पानी इन गड्ढ़ों में भरकर रह जाता है और आगे नहीं बढ़ पाता।

रोकनी थी रेत, रुक रहा पानी

बीलिया नदी पर सालमसागर तालाब के आवक क्षेत्र में वर्षों पूर्व एक छोटे एनीकट का निर्माण करवाया गया। समय के साथ इन एनीकट से रेत भरकर ले जाने और इसकी गहराई बढ़ जाने के कारण अब बारिश के दौरान पानी इस नदी में ही एकत्र रह जाता है। करीब छह से सात फीट तक गहराई की इस नदी में एक किलोमीटर क्षेत्र में पानी भरा हुआ रहता है और एनीकट की ऊंचाई अधिक होने के कारण यहां जमा होने वाला पानी तालाब में नहीं पहुंच पाता है। जिसके कारण तालाब में पानी की आवक बाधित हो रही है। जबकि जिम्मेदारों की ओर से इस एनीकट में पाइप लगाने और बाधाओं का समाधान कर तालाब में पानी की आवक सुचारु करने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

फैक्ट फाइल

  • 8 वर्ष पूर्व की गई थी तालाब की खुदाई
  • 25 फीट से अधिक गहरा है सालमसागर तालाब
  • 4 किमी से अधिक लंबी है बीलिया नदी

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