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JAISALMER NEWS- यहां आए तो संभल कर, रहता है असुविधाओं का बोलबाला

सुविधाओं का तरसता वर्षों पुराना बस स्टैण्ड
- नहीं पर्याप्त छाया-पानी की सुविधा
- बस स्टैण्ड बना आवारा पशुओं की शरणस्थली

जैसलमेर

Published: January 08, 2018 09:20:36 pm

पोकरण (जैसलमेर) . सरकार की ओर से जनसुविधाओं के विकास के दावे किए जा रहे है। जबकि कस्बे का मात्र एक केन्द्रीय बस स्टैण्ड उपेक्षा व अव्यवस्थाओं का शिकार है। यहां पांच वर्ष पूर्व करवाए गए विकास कार्य भी ध्वस्त हो गए हैं। यहां न तो पर्याप्त छाया-पानी की सुविधा है, ना पक्की सडक़ और ना ही रात्रि में रौशनी की व्यवस्था। ऐसे में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बावजूद इसके नगरपालिका की ओर से यहां सुविधाओं के विस्तार को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
नहीं है छाया पानी की सुविधा
यहां कुछ वर्ष पूर्व छाया के लिए विश्राम गृह का निर्माण करवाया गया था, लेकिन बसों व यात्रियों की संख्या को देखते हुए यह विश्राम गृह नाकाफी साबित हो रहा है। इसके अलावा केन्द्रीय बस स्टैण्ड में जीप, कार, टैक्सी स्टैण्ड भी लगा दिए जाने से यहां चहल पहल और अधिक बढ़ गई है। बस स्टैण्ड में पेयजल की भी कोई सुविधा नहीं है। यहां पूर्व में एक भामाशाह की ओर से निर्माण करवाई गई प्याऊ में न तो पानी की व्यवस्था है, न ही पर्याप्त सफाई की। ऐसे में यहां निर्मित टांके में भी पानी पीने योग्य नहीं है। यहां पानी के लिए स्वच्छ प्याऊ अथवा वाटर कूलर नहीं होने के कारण यात्रियों को होटलों से मिनरल वाटर की बोतलें खरीदकर पानी पीना पड़ रहा है।

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IMAGE CREDIT: patrika
क्षतिग्रस्त पड़ी है सडक़
बस स्टैण्ड में कुछ वर्ष पूर्व नगरपालिका की ओर से करवाए गए निर्माण व विस्तार कार्य के दौरान यहां डामर सडक़ का भी निर्माण करवाया गया था, लेकिन गुणवत्ता के अभाव तथा बारिश के पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण यह सडक़ कुछ ही समय में क्षतिग्रस्त हो गई। इसके चलते यहां रेत व कंकरीट बिखरी पड़ी है तथा जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। इससे यात्रियों व वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। यही नहीं बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी जमा हो जाता है। इससे यहां से निकलना भी दुश्वार हो जाता है। बावजूद इसके नगरपालिका की ओर से यहां सडक़ की मरम्मत करवाने को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
अस्त व्यस्त खड़े हाथ ठेले
बस स्टैण्ड परिसर में दुकानों से ज्यादा हाथ ठेला संचालकों की भीड़ रहती है। ये ठेले एक कतार या साइड में खड़े होने की बजाय अस्त-व्यस्त खड़े होते हैं। जिससे यात्रियों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा बस स्टैण्ड परिसर आवारा पशुओं की शरणस्थली बना हुआ है। यहां बड़ी संख्या में आवारा पशु स्वच्छंद विचरण करते नजर आते है। इन पशुओं के कभी भी आपस में भिड़ जाने की स्थिति में बस स्टैण्ड में अफरा तफरी मच जाती है तथा किसी यात्री के चोटिल हो जाने व हादसे की आशंका भी बनी रहती है।
करवाए जाएंगे विकास कार्य
केन्द्रीय बस स्टैण्ड में सडक़, बिजली, छाया व पानी आदि की सुविधा को लेकर नगरपालिका की ओर से आगामी बैठक में प्रस्ताव लेकर विकास कार्य करवाए जाएंगे।
- जोधाराम विश्रोई, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका, पोकरण।

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