scriptIf you want to get treatment, then you will have to bear this much. | इलाज कराना है तो इतना तो झेलना ही पड़ेगा | Patrika News

इलाज कराना है तो इतना तो झेलना ही पड़ेगा

- पांव पसार रहा डेंगू तो व्यवस्थाओं का बना तमाशा
- मरीजों को घर से लाने पड़ रहे बैड, पोकरण अस्पताल की निराशाजनक स्थिति

जैसलमेर

Published: November 08, 2021 04:06:08 pm


पोकरण. अस्पताल में घुसते ही गैलेरी में लगे पड़े बैड, बुखार में तड़पते मरीज, पास ही बिखरा कचरा, सड़ांध मारते शैचालय...। कुछ ऐसे ही हालात बने हुए है इन दिनों पोकरण के राजकीय उप जिला चिकित्सालय के, जहां डेंगू के मरीजों की भीड़ के बावजूद अव्यवस्थाओं का आलम पसरा हुआ है। जिसके कारण मरीजों का बेहाल हो रहा है। दूसरी तरफ अस्पताल प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। गौरतलब है कि गत एक माह से क्षेत्र में डेंगू का प्रकोप चल रहा है। प्रतिदिन एक दर्जन नए मरीज सामने आ रहे है। लगातार टूटती प्लेटलेट्स के कारण मरीजों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ रहा है। जबकि अस्पताल में अव्यवस्थाओं के कारण मरीजों को परेशानी हो रही है। जिससे वे ठीक होने की बजाय और अधिक बीमार हो रहे है। अस्पताल के चिकित्सक दिन में तीन बार मरीजों का स्वास्थ्य जांचने वार्डों व गैलेरी में अवश्य जाते है, लेकिन यहां व्याप्त अव्यवस्थाओं को सुधारने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
यह है हाल
अस्पताल में शनिवार की रात 74 से अधिक मरीज भर्ती थे। राजकीय उप जिला चिकित्सालय में बैड की कमी होने के कारण करीब एक दर्जन मरीजों ने अपने स्तर पर बैड व बिस्तर की व्यवस्था की। वार्डों में जगह नहीं होने पर उन्होंने अपने बैड अस्पताल की गैलेरी व वार्डों के आगे ही लगा दिए। इसके अलावा कस्बे में निवास कर रहे कई मरीज रिकॉर्ड में तो अस्पताल में भर्ती हो गए, लेकिन इन मरीजों ने इंजेक्शन लगवाने के बाद पुन: घरों में जाकर आराम करना मुनासिब समझा।
कचरे के ढेर, मच्छरों की भरमार
अस्पताल में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से लडख़ड़ाई हुई है। हालांकि सुबह व शाम के समय झाङू अवश्य लगता है, लेकिन कचरे के ढेर रात के समय भरे पड़े रहते है। जिन पर मच्छरों की तादाद बढ़ रही है। मच्छरों की भरमार के कारण मरीजों के और अधिक बीमार होने की आशंका है।
शौचालयों में नहीं है पानी
अस्पताल के प्रत्येक वार्ड में शौचालय बने हुए है। अस्पताल की छत पर बनी टंकी में टांके से पानी भरा जाता है, लेकिन गत दो दिनों से टंकी सूखी पड़ी है। जिसके कारण शौचालयों में गंदगी जमा हो रही है तथा वार्डों में दुर्गंध फैल रही है। जिससे मरीजों का बेहाल हो रहा है। बावजूद इसके अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है
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