JAISALMER NEWS- अधिकारियों की कार्यशैली पर प्रभारी सचिव और जनप्रतिनिधियों ने उठाए ऐसे-ऐसे सवाल कि...

वर्षों से ऐसे-ऐसे काम बकाया, क्या कर रहे हैं आप?

By: jitendra changani

Published: 26 Apr 2018, 09:30 AM IST

स्वीकृत कार्यों की मोनेटरिंग नहीं के बराबर
जैसलमेर. गत कई वर्षों से स्वीकृत किए कार्य बकाया चल रहे हैं। प्रत्येक बैठक में कहने के बाद भी उनका निस्तारण नहीं हो रहा है। आखिर अधिकारी कर क्या रहे हैं? क्यों न उनके खिलाफकार्रवाई करते हुए उनके वेतन से राशि काटने तथा चार्जशीट देने की सिफारिश कर दी जाए? कुछ इसी अंदाज में बुधवार को कलेक्टे्रट स्थित डीआरडीए हॉल में प्रभारी मंत्री अमराराम चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में प्रभारी सचिव हेमंत गेरा व निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने विभागीय अधिकारियों को लताड़ लगाई। इस मौके पर विधायक छोटूसिंह भाटी, जिला प्रमुख अंजना मेघवाल और प्रधान अमरदीन फकीर खास तौर पर जलदाय विभाग तथा विद्युत निगम पर खफा नजर आए। कई बार जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों के बीच तकरार भी हुई। प्रभारी सचिव ने जिला प्रमुख के बोलने के दौरान जवाब देने से डिस्कॉम के अधीक्षण अभियंता को रोकते हुए कहा कि, जब वे अपनी बात खत्म करें तब आप जवाब देना।
हमें देना पड़ता है जनता को जवाब
इस मौके पर जनप्रतिनिधियों ने जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता से कहा कि कई ग्रामीण क्षेत्रों में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है।वर्षों पहले मंजूर किए गए ट्यूबवैल खुदाईव अन्य कार्य अब तक पूर्ण नहीं किए गए हैं। हमें जनता को जवाब देना पड़ता है। प्रमुख ने कहा कि दबड़ी गांव में जलापूर्ति नहीं होने से हालात खराब हैं। 20 दिन पहले उन्होंने इस संबंध में एसई से कहा तब भी टैंकर नहीं भिजवाया गया और अब बैठक से ठीक पहले गत दिन टैंकर भेजा गया है। प्रधान ने कहा कि नहरी क्षेत्र में पानी की किल्लत से बड़ी संख्या में गोवंश प्राण त्याग रहा है। विधायक ने भी कई गांवों में पेयजल समस्या का हवाला दिया। इस मौके पर बकाया कार्यों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जलदाय विभाग के हिस्से के 115 कार्य बकाया है। इस पर सचिव गेरा ने एसई से कहा कि यह चिंतनीय स्थिति बताती है कि मोनेटरिंग नहीं हो रही।बैठक में जलदाय विभाग के एसई बकाया कार्यों के संबंध में संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।

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परिषद और डिस्कॉम आमने-सामने
बैठक में डिस्कॉम और नगरपरिषद के अधिकारी आमने-सामने नजर आए। डिस्कॉम के एसई ने बताया कि जैसलमेर को बिजली आपूर्ति के लिहाज से स्मार्ट सिटी बनाने के लिए डेढ़ सौ करोड़ रुपए की राशि मंजूर हुई है, लेकिन नगरपरिषद काम में अड़ंगे डाल रही है। ऐसा ही चलता रहा तो यह काम जैसलमेर से हटकर कहीं और स्थानांतरित हो जाएंगे। इसका प्रतिवाद सभापति कविता खत्री और परिषद के आयुक्त ने किया। बैठक में विधायक और डीएनपी के उप वन संरक्षक के बीच भी कुछ देर के लिए वाद-विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई।
विधायक ने मंजूरी दी, फिर भी स्कूल नहीं पहुंचा फर्नीचर
इस अवसर पर पोकरण के मंगलपुरा स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए फर्नीचर मुहैया करवाने का विधायक कोटे का कार्य अब तक पूरा नहीं होने को प्रभारी सचिव ने गंभीरता से लिया। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक से जवाब मांगा जो बैठक में गैरहाजिर थे। इस पर उन्होंने कहा कि यह शर्मनाक है। करीब एक साल पहले बच्चों के लिए फर्नीचर मुहैया करवाने का कार्य अब तक पूरा नहीं हुआ। उन्होंने आगामी बैठक तक यह कार्य नहीं होने पर शिक्षा अधिकारी व संबंधित संस्था प्रधान को चार्जशीट जारी करने की बात कही।
इनकी हुई समीक्षा
बैठक में फ्लेगशिप योजनाओं के साथ ही मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान, महानरेगा, मुख्यमंत्री बजट घोषणा, प्रधानमंत्री आवास योजना, बीएडीपी, विधायक एवं सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा अन्य विकास योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा हुई।

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jitendra changani Desk/Reporting
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