Independence Day 2019:आज हर कहीं शान से लहराएगा हमारा तिरंगा,सीमावर्ती जिले में राष्ट्रीय ध्वज फहराने की ललक में इजाफा

Independence Day 2019:आज हर कहीं शान से लहराएगा हमारा तिरंगा,सीमावर्ती जिले में राष्ट्रीय ध्वज फहराने की ललक में इजाफा

Deepak Vyas | Updated: 15 Aug 2019, 08:26:03 AM (IST) Jaisalmer, Jaisalmer, Rajasthan, India

पाकिस्तान से लगते सीमावर्ती जैसलमेर जिले में गुरुवार को ‘विश्व विजयी तिरंगा’ हर कहीं लहराता नजर आने वाला है। पिछले कुछ वर्षों के दौरान जैसलमेर जिले में स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के राष्ट्रीय पर्वों के मौके पर लोगों में तिरंगा फहराने का जोश लगातार बढ़ रहा है।

जैसलमेर. पाकिस्तान से लगते सीमावर्ती जैसलमेर जिले में गुरुवार को ‘विश्व विजयी तिरंगा’ हर कहीं लहराता नजर आने वाला है। पिछले कुछ वर्षों के दौरान जैसलमेर जिले में स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के राष्ट्रीय पर्वों के मौके पर लोगों में तिरंगा फहराने का जोश लगातार बढ़ रहा है। अब सरकारी कार्यालयों और विद्यालयों के अलावा लोग अपने घरों, दुकानों, प्रतिष्ठानों, निजी संस्थाओं आदि पर तिरंगा फहराने के कायल हो रहे हैं। देशभर में एकमात्र महाराष्ट्र राज्य के नांदेड़ में झंडे अधिकृत रूप से बनाए जाते हैं। वहां निर्मित झंडे ही जैसलमेर स्थित खादी संस्था ‘गांधी दर्शन’ में विक्रय के लिए पहुंचे। इस बार जम्मू-कश्मीर में धारा ३७० और ३५ए समाप्त किए जाने के बाद स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय भावना पहले से भी ज्यादा मुखर नजर आ रही है। इसका सीधा असर ध्वज लहराने पर पडऩे की पूरी संभावना है।
खादी के कपड़े पर ही बनता है तिरंगा
गौरतलब है कि भारत का राष्ट्रीय ध्वज केवल खादी के कपड़े पर बनाया जा सकता है। जैसलमेर के गांधी दर्शन में विभिन्न आकार वाले तिरंगा झंडे पिछले दिनों के दौरान बेचे जा चुके हैं। यहां काम करने वाले कार्मिकों ने बताया कि अनेक सरकारी और गैरसरकारी संस्थाओं के साथ निजी लोगों ने झंडे खरीदने में रुचि दिखाई है। उनकी तरफ से जितनी उम्मीद की गई थी, उसी अनुरूप तिरंगों की बिक्री हो चुकी है। बुधवार को बड़ी तादाद में लोग यहां झंडा खरीदने पहुंचे। गौरतलब है कि इस संस्था को झंडे मंगवाने के लिए एक माह पहले अपनी मांग भेजनी पड़ती है।
सबको मिला है अधिकार
गौरतलब है कि पूर्व में राष्ट्रीय पर्वों पर तिरंगा सरकारी कार्यालयों और भवनों पर ही फहराया जाता था। बाद में नवीन जिंदल की पहल पर सुप्रीम कोर्ट से प्रत्येक नागरिक को इसे फहराने का अधिकार मिल गया। इसके बाद स्थितियों में तब्दीली आई है। वर्तमान में सीमावर्ती जिले की ग्राम पंचायतों से लेकर निजी शिक्षण संस्थाओं, दुकानों, मकानों, प्रतिष्ठानों, एनजीओ के दफ्तरों, निजी बैंक शाखाओं आदि पर भी तिरंगा पूरे जोश के साथ फहराया जाता है। राष्ट्रीय स्तर पर घटित होने वाली घटनाओं तथा मुख्यधारा के मीडिया और सोशल मीडिया से भी लोगों को प्रेरणा मिलती है।
झंडा संहिता की पालना हो
- राष्ट्रीय ध्वज का साफ-सुथरा होना जरूरी है।
- ध्वज को सुबह फहराने के बाद उसी दिन सूर्यास्त से पहले ससम्मान उतारना होता है।
- ध्वज सायं 5 बजे के बाद नहीं फहराया जा सकता।
- तिरंगा फहराते समय केसरिया पट्टिका ऊपर होनी चाहिए।
- कटा-फटा ध्वज कभी नहीं फहराना चाहिए। ऐसे ध्वज को सम्मानित ढंग से निस्तारित करना आवश्यक है।
- राष्ट्रीय ध्वज जमीन से नहीं टकराना चाहिए।

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