Video: परमाणु नगरी मेंं जमकर बरसे बदरा, बिजली गिरने से हुई 12 बकरियों की मौत

- जगह-जगह जमा हुआ पानी, बहने लगे नदी नाले

By: Deepak Vyas

Published: 05 Sep 2020, 12:16 PM IST

पोकरण. क्षेत्र में गत एक सप्ताह से बदले मौसम का मिजाज लगातार जारी है और रुक-रुककर बारिश का दौर चल रहा है। शुक्रवार को सुबह आसमान साफ होने के कारण सूर्य की तेज किरणें निकली और 11 बजे तक तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। 12 बजे बाद आसमान में बादलों की आवाजाही शुरू हुई और एक बजे तक आसमान में काले घटाटोप बादल छा गए। साथ ही रुक-रुककर रिमझिम फुहारें चलने लगी। करीब ढाई बजे बारिश का दौर शुरू हुआ। कुछ ही देर बाद में तेज झमाझम बारिश होने लगी। मूसलाधार बारिश का दौर करीब डेढ़ घंटे तक जारी रहा। जिससे छतों से परनाले बहने लगे और सड़कों पर पानी जमा हो गया। तेज बारिश से एकबारगी जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। इसकेे अलावा तेज हवाओं के साथ मौसम ठण्डा व खुशगवार हो गया। बारिश से जगह-जगह पानी जमा हो गया। जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। बारिश के साथ ही कस्बे की विद्युत आपूर्ति बंद हो गई, जो करीब दो घंटे बाद सुचारु हुई।
बहने लगे नदी नाले
अच्छी बारिश के साथ क्षेत्र के नदी नाले भी उफान पर रहे। कस्बे के उत्तर की तरफ स्थित पहाड़ी पर बारिश के कारण तोलाबेरा नदी चलने लगी तथा रेलवे स्टेशन रोड पर स्थित नदी के मोगे भी तेज बहाव के साथ चले। इसी प्रकार कस्बे के साथ आसपास ग्रामीण क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश के समाचार मिले है। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के नाडियों व तालाबों में पानी की अच्छी आवक हुई है।
बिजली गिरने से 12 बकरियों की हुई मौत
पोकरण (आंचलिक). राजमथाई क्षेत्र के हरियासर गांव में तेज बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से 12 बकरियों की मौत हो गई। ग्रामीण क्षेत्रों में शुक्रवार को दोपहर बाद अच्छी बारिश हुई है। हरियासर गांव में भी दोपहर दो बजे अच्छी बारिश हो रही थी। पशुपालक कोजेखां जुनैजा पुत्र बीरमखां अपने खेत में बकरियां चरा रहा था। इस दौैरान तेज आवाज के साथ आकाशीय बिजली गिरी। जिससे पेड़ के नीचे बैठी उसकी 12 बकरियों की मौत हो गई।
नोख. गांव की सार्वजनिक सादोलाई नाडी गुरुवार शाम की मूसलाधार बारिश के बाद लबालब हो गई। इससे पहले गत दिनों की बारिश से भी नाडी में पानी की आवक हुई थी। नाडी में बरसाती पानी की आवक से ग्रामीणों के चेहरे खिल उठे है। हालांकि वर्तमान में इस नाडी का पानी पेयजल के रूप में काम नहीं लिया जाता, लेकिन नाडी में पानी की आवक होने पर इसके आसपास स्थित गोंगासर सहित पेयजल कुंओं और सब्जी की बाडिय़ों के कुंओं के लिए वरदान साबित होती है। इस नाडी में लम्बे समय तक पानी जमा रहने से इन कुंओ में धीरे धीरे जलस्तर बढ़ता रहता है। इस तरह से नाडी का पानी इन कुओं के लिए रिचार्ज का कार्य करता है। इस वर्ष लम्बे इंतजार के बाद नाडी में पानी की आवक हुई है।

Deepak Vyas Bureau Incharge
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned