बन नहीं पा रही सामरिक महत्व की जैसलमेर-म्याजलार रोड

- डीएनपी की आपत्तियों से अटका हुआ है काम
- भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत होना है सड़क निर्माण

 

By: Deepak Vyas

Published: 02 Aug 2020, 08:46 AM IST

जैसलमेर। भारत-पाकिस्तान सरहद पर बसे जैसलमेर जिले के सीमाई क्षेत्र में सैन्य बलों की सुगम आवाजाही और सीमावर्ती क्षेत्र के बाशिंदों को मूलभूत सुविधा मुहैया करवाने के लिए केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी भारतमाला प्रोजेक्ट के अंतर्गत प्रस्तावित जैसलमेर-म्याजलार तक की सड़क का कार्य बीते दो वर्ष से ज्यादा समय से अब भी अटका हुआ ही है। इस मार्ग पर राष्ट्रीय मरु उद्यान (डीएनपी) का क्षेत्र आया होने के चलते डीएनपी की तरफ से वन्यजीवों की सुरक्षा को खतरा बताते हुए एनओसी नहीं दिए जाने से इस सड़क मार्ग की योजना धरातल पर नहीं उतर पा रही है। जबकि यह सड़क सामरिक दृष्टिकोण से सेना और सीमा सुरक्षा बल सहित अन्य एजेंसियों के लिए आवाजाही के लिहाज से बहुत अहम मानी जा रही है।
नहीं हटी आपत्ति
जानकारी के अनुसार वर्ष 2017 में इस सड़क के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने योजना बनाई थी। जिसके लिए तब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट भी तैयार करवा ली गई। इस पर डीएनपी जैसलमेर की तरफ से यह कहते हुए आपत्ति जताई गई कि दोहरा सड़क मार्ग बनने से यहां स्वच्छंद विचरण करने वाले गोडावण सहित अन्य वन्यजीवों की जान को खतरा बढ़ जाएगा। इसके बाद यह मामला वन विभाग की जयपुर स्थित प्रदेश स्तरीय कमेटी के पास चला गया। तब से दोनों विभागों के बीच यह सड़क मार्ग का मसला एक तरह से फुटबाॅल ही बना हुआ है।
इन गांवों को भी मिलेगी राहत
भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत जैसलमेर से म्याजलार तक की करीब 100 किलोमीटर लम्बी दोहरी सड़क बन जाने से सैन्य बलों के साथ इस मार्ग पर अवस्थित धऊवा, पिथला, सिपला, बरना, खुहड़ी, फुलिया, केसरसिंह का तला आदि गांवों व दसियों ढाणियों के हजारों बाशिंदों को बहुत बड़ी राहत मिल जाएगी। यह सड़क मार्ग वर्तमान में एकल है और यहां आए दिन सड़क हादसे घटित होते हैं। ऐसे ही सम के समान रेतीले धोरों के लिए विख्यात खुहड़ी तक पर्यटकों की पहुंच भी आसान हो जाने से उसका भी तेजी से विकास संभव हो सकेगा।

फैक्ट फाइल -
- 100 किलोमीटर लम्बी सड़क का होना है निर्माण
- 400 करोड़ के करीब आनी है लागत
- 02 साल से ज्यादा समय से अटका है प्रोजेक्ट

लम्बे समय से अटका प्रोजेक्ट
जैसलमेर जिले में भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत होने वाले अन्य सड़क कार्य तेजी से करवाए जा रहे हैं लेकिन जैसलमेर-म्याजलार सड़क मार्ग डीएनपी की आपत्तियों तथा एनओसी नहीं मिलने से अटका हुआ है।
- केआर चैहान, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई जैसलमेर

सवालों के नहीं दिए जवाब
यह मामला विभाग की राज्य स्तरीय कमेटी के पास भिजवाया जा चुका है। इस संबंध में एनएचएआई से कुछ सवाल किए गए हैं, जिनके जवाब अब तक नहीं दिए गए हैं। उनके जवाब के बाद ही यह प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
- कपिल चंद्रवाल, उप वन संरक्षक, डीएनपी, जैसलमेर

Deepak Vyas Bureau Incharge
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