scriptजैसलमेर पर्यटन में बने सिरमौर…पोकरण का भी हो भाग्योदय | Patrika News
जैसलमेर

जैसलमेर पर्यटन में बने सिरमौर…पोकरण का भी हो भाग्योदय

जिले के पोकरण शहर को जैसलमेर का प्रवेश द्वार कहा जाता है। क्षेत्रीय सांसद गजेंद्रसिंह शेखावत के केंद्रीय पर्यटन व कला-संस्कृति मंत्री बनने के बाद पोकरण क्षेत्र के व्यवसायियों व लोगों में यह चाहत और जोर पकड़ गई है कि अब तक पर्यटननगरी बनने से उपेक्षित रहा यह शहर भी पर्यटन के नक्शे पर अपनी पुख्ता पहचान बनाए।

जैसलमेरJun 12, 2024 / 08:56 pm

Deepak Vyas

pokaran
जैसलमेर जिले के पोकरण शहर को जैसलमेर का प्रवेश द्वार कहा जाता है। क्षेत्रीय सांसद गजेंद्रसिंह शेखावत के केंद्रीय पर्यटन व कला-संस्कृति मंत्री बनने के बाद पोकरण क्षेत्र के व्यवसायियों व लोगों में यह चाहत और जोर पकड़ गई है कि अब तक पर्यटननगरी बनने से उपेक्षित रहा यह शहर भी पर्यटन के नक्शे पर अपनी पुख्ता पहचान बनाए। यहां यह याद रखा जाना चाहिए कि पोकरण ऐतिहासिक, सामरिक व धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण स्थल है। पोकरण में पर्यटन व्यवसाय को बढ़ावा देने की प्रबल संभावनाएं हैं। सरकारी स्तर पर प्रयास होते हैं तो प्रतिवर्ष जैसलमेर जाने वाले लाखों पर्यटकों का पोकरण में ठहराव हो सकता है। जिससे पोकरण के पर्यटन व्यवसाय को गति मिलेगी और क्षेत्र के लोगों को रोजगार मिलने के साथ पोकरण विकास के पथ पर आगे बढ़ सकेगा।

पर्यटन को लेकर प्रबल संभावनाएं

  • रियासतकाल से पोकरण महत्वपूर्ण ठिकाना रहा है। यहां वर्षों पुराना रियासतकालीन लाल पत्थर का बालागढ़ फोर्ट स्थित है। जिसकी नक्काशी, झरोखे व कलात्मकता पर्यटकों को दूर से ही आकर्षित करती है।
  • पोकरण में वर्षों पुरानी लाल पत्थर की कई हवेलियां स्थित है, जिनका जीर्णोद्धार किया जाए तो पर्यटकों के लिए आकर्षक स्थल बन सकते हैं।
  • उत्तर दिशा में पहाड़ी पर कलात्मक छतरियां स्थित हैं, जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का केन्द्र हैं।
  • यहां कई तालाब स्थित है। जिनका जीर्णोद्धार किया जाता है तो पर्यटकों के लिए दो घड़ी सुकून के पल बिताने के लिए स्थल बन सकते हैं।
  • क्षेत्र के लोहारकी, फलसूंड, झाबरा सहित कई गांवों में मखमली रेत के धोरे स्थित है। इन्हें सम डेजर्ट की तरह विकसित किया जाए तो यहां पर्यटकों की आवक बढ़ सकती है।
  • क्षेत्र के रामदेवरा गांव में लोकदेवता बाबा रामदेव की समाधि स्थित है। यहां प्रतिवर्ष 40-50 लाख श्रद्धालु आते हैं। यदि यहां विकास कार्य करवाए जाते है तो धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
  • कस्बे के उत्तर दिशा में पहाड़ी पर कैलाश टैकरी व भैरव राक्षस गुफा स्थित है। यहां विकास कार्य करवाने के साथ आवागमन के लिए सडक़ व अन्य कार्य करवाए जाए तो पर्यटकों की पहुंच हो सकेगी।
  • पोकरण में दो बार हुए परमाणु परीक्षण से विश्व स्तरीय ख्याति मिली है। गत वर्ष राज्य सरकार की ओर से इंदिरा शक्ति पेनोरमा की घोषणा की थी। इसे पेनोरमा का शीघ्र निर्माण करवाया जाए तो पर्यटकों को परमाणु परीक्षण की जानकारी हो सकेगी।

  • इन प्रयासों से बनेगी बात
    पोकरण के ऐतिहासिक स्थलों को पर्यटन विभाग वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन प्रचार प्रसार कर देश-विदेश के पर्यटकों को अवगत करवाए। जैसलमेर की तर्ज पर पोकरण में भी दो दिन तक मरु मेले का आयोजन हो और पोकरण के साथ ऐतिहासिक स्थलों व रेतीले धोरों पर आयोजन करे तो विदेशी व देशी पर्यटकों को आकर्षित किया जा सकता है।

Hindi News/ Jaisalmer / जैसलमेर पर्यटन में बने सिरमौर…पोकरण का भी हो भाग्योदय

ट्रेंडिंग वीडियो