Jaisalmer Video- जैन समाज ने जिनालयों में मनाया क्षमापना दिवस

मनाया क्षमापना दिवस... मन, वचन व काया से की गई गलतियों के लिए की क्षमा याचना

By: jitendra changani

Published: 26 Aug 2017, 10:47 PM IST

जैसलमेर . जैसलमेर के सोनार दुर्ग स्थित जिनालयों के कर्मचारियों ने क्षमापना दिवस को एक दूसरे से साल भर में जाने अनजाने में हुई गलतियों के लिए क्षमा मांग कर मनाया। दुर्ग जैन मंदिर प्रभारी मनोज जिंदानी ने बताया कि दुर्ग स्थित जिनालयों के कर्मचारियों ने जैन नोहरे में एकत्रित होकर साल भर में जाने अनजाने में मन, वचन व काया से की गई गलतियों के लिए आपस में क्षमा याचना की व मिच्छामि दुक्कड़म किया। इस अवसर पर जैन ट्रस्ट के अध्यक्ष महेंद्रसिंह भंसाली ने कहा कि क्षमा हमारा सबसे बड़ा धर्म है, जिसे हर मनुष्य को अपने जीवन में उतारने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि क्षमा को जीवन में उतारकर ही हम मोक्ष के मार्ग पर आगे बढ़ सकते हैं। जिसके जीवन में प्राणी मात्र के प्रति दया, करुणा व क्षमा के भाव नहीं हैं तो निसंदेह उसके जीवन में आने वाला समय दु: ख व तकलीफों से भरा होगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जैन ट्रस्ट के सह मंत्री नेमीचंद जैन ने कहा कि हम वीतराग परमात्मा उस महावीर स्वामी के अनुयाई है, जिन्होंने जीवन में आए घोर उपसर्गों को सहा, बावजूद इसके उनके जीवन में हर समय प्राणी मात्र के प्रति करुणा झलक रही। इसको हर व्यक्ति को अपने जीवन में उतारना चाहिए। चातुर्मास कमेटी के प्रचार मंत्री अतुल जिंदानी ने बताया कि क्षमा दुनिया का सबसे ताकतवर हथियार है, जिससे हम अपने जीवन मे उतारकर विश्व विजेता बन सकते हैं। इस अवसर पर दुर्ग जैन मंदिर के सह व्यवस्थापक रमेशचंद्र जैन, सवाई सेवक, धर्मेन्द्र शर्मा, लक्ष्मीनारायण सेवक, रामसिंह, जाकिर भाई, मेवीलाल, रतन जैन, तुलछाराम सहित बड़ी संख्या में ट्रस्ट के कर्मचारी मौजूद थे। इस अवसर सूरज देवी जैन की ओर से जिनालयों में काम करने वाले कर्मचारियों का सम्मान कर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
कौमी एकता की दिखी मिसाल
दुर्ग स्थित जिनालयों में सभी धर्मों के मानने वाले लोग काम करते हैं। जैन धर्म के सिद्धांत दया करुणा ओर क्षमा से प्रभावित होकर सभी धर्म के लोगों ने एक दूसरे से साल भर में मन वचन काया से हुई गलतियों के लिए क्षमा प्रार्थना की। धर्म सभा में मुख्य पुजारी धर्मेंद्र शर्मा ने क्षमा को अपने जीवन में उतारने पर बल दिया। जाकिर भाई ने कहा कि जैन धर्म के सिद्धांत जियो और जीने दो पर चलकर ही मानव मात्र का कल्याण संभव है। धार्मिक सभा मे रमेशचंद जैन, रामसिंह आदि ने भी विचार व्यक्त किए।
धार्मिक कार्यक्रमों की रही धूम
आठ दिन तक चलने वाले जैन धर्म के सबसे बड़े पर्व पर्वाधिराज पर्यूषण के अवसर पर दुर्ग स्थित जिनालयों में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों की धूम रही। गौरतलब है कि साध्वी विनीत यशा, साध्वी प्रशमिता, साध्वी अर्हम निधि व साध्वी परमप्रिया के ऐतिहासिक चातुर्मास जैसलमेर के महावीर भवन में होने के कारण विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है। पर्यूषण पर्व पर दुर्ग स्थित जिनालयों ंंंमें बड़ी संख्या में जैन धर्मावलंबियों ने पहुंचकर पूजा व दर्शन किए और धार्मिक कार्यक्रमों में उत्साहपूर्वक भागीदारी की।

Show More
jitendra changani Desk/Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned