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Jaisalmer News- अपने रक्त से दूसरों का जीवन सींच रहे है यह, जानिए इनकी कहानी....

गंभीर मरीजों के लिए ‘सूरा’ बन आता है चूरा- रक्तदान के लिए बनाया ग्रुप से जुड़े हैं सैकड़ों लोग

जैसलमेर

Updated: January 27, 2018 08:13:19 pm

अब तक बचाई कई लोगों की जिन्दगी
जैसलमेर. जब कोई अपना आईसीयू में हो और चिकित्सक शीघ्र रक्त की व्यवस्था करने को कहे तो कलेजा मुंह को आ जाता है। वहीं यह स्थिति अगर जैसलमेर जैसे जिले में हो तो हालत और खराब हो जाती है। यहां के गांवों में दूर-दूर तक पानी नहीं मिलता और कई लोग तो रक्तदान के नाम से ही घबराते हैं।
ऐसे जरूरतमंद परिजन के लिए दिलीप चूरा मददगार बनकर सामने आए हैं। उन्होंने रक्तदान कर अब तक कई जिन्दगियां बचाई है। अब उन्होंने मित्रों तथा रक्तदान के इच्छुक लोगों का एक ऐसा ग्रुप बनाया है जो जरूरत पड़ते ही हाजिर हो जाता है। ऐसे में जैसलमेर जिला अस्पताल में समय पर पहुंचने वाले मरीज की रक्त की कमी से मौत नहीं होती।
सोशल मीडिया से जुड़े हैं सैकड़ों लोग
मरीज को सुलभ तथा शीघ्र रक्त उपलब्ध हो इसके लिए दिलीप ने ‘जैसलमेर रक्तदाता ग्रुप’ वाट्सअप ग्रुप बनाए हैं। इसमें रक्तदान के लिए तैयार रहने वाले करीब 250 लोग जुड़े हुए हैं। कभी भी किसी को रक्त की आश्यकता पडऩे पर ग्रुप में मैसेज छोड़ देते हैं और कुछ ही समय में रक्तदाता अस्पताल पहुंच जाते हैं। इसके अलावा इसी नाम से फेसबुक पेज भी बनाया हुआ है।
रहता है हर रक्तदाता का हिसाब-किताब
एक बार रक्तदान करने के बाद तीन माह तक दोबारा रक्तदान नहीं किया जा सकता। ऐसे में दिलीप रक्तदान करने वाले सभी रक्तदाताओं का एक रजिस्टर में हिसाब किताब रखते हैं। इसके साथ ही वे कब, किसने व किसको रक्तदान किया इसे भी रजिस्टर में लिखकर रखते हैं।
थैलेसीमिया पीडि़तों को रहती है रक्त की जरूरत
अस्पताल में गर्भवती महिलाओं, हादसे में घायलों तथा थैलेसीमिया पीडि़त बच्चों को रक्त की आवश्यकता रहती है। जिले में करीब 15 बच्चे हैं जिन्हें महीने में 1 से 3 बार रक्त की जरूरत पड़ती है। उन्हें इस ग्रुप के सदस्य तथा एक संस्था की ओर से रक्त उपलब्ध करवाया जाता है। दिलीप का कहना है कि कई बार ऐसी स्थिति होती है कि मरीज को रक्त की सख्त जरूरत रहती है। कुछ समय पहले एक गर्भवती महिला के प्रसव के दौरान अत्यधिक रक्त बह गया था और शीघ्र ब्लड उपलब्ध करवाना था। दिलीप साथियों के साथ अस्पताल पहुंचे। सयम पर खून मिल जाने से उसकी जान बच गई।
हर ग्रुप के हैं रक्तदाता
नेगेटिव रक्त गु्रप को लेकर अक्सर परेशानी रहती है। वहीं इस ग्रुप में हर रक्त ग्रुप के रक्तदाता उपस्थित हैं। ऐसे में हर ग्रुप के मरीज को समय पर रक्त उपलब्ध करवा दिया जाता है। इसके अलावा दिलीप मरीज के साथ आने वाले तथा अन्य लोगों को भी रक्तदान के लिए प्रेरित करते रहते हैं।
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