नई आबकारी नीति के विरोध में उतरे शराब के ठेकेदार

सरकार ने नई आबकारी नीति घोषित करने के साथ ही शराब की दुकानों के लिए आवेदन लेने शुरू कर दिए है, लेकिन अब इस नीति का विरोध और आवेदनों का बहिष्कार भी शुरू कर दिया है।

By: Deepak Vyas

Updated: 18 Feb 2020, 09:25 PM IST

जैसलमेर. सरकार ने नई आबकारी नीति घोषित करने के साथ ही शराब की दुकानों के लिए आवेदन लेने शुरू कर दिए है, लेकिन अब इस नीति का विरोध और आवेदनों का बहिष्कार भी शुरू कर दिया है। जैसलमेर में शराब ठेकेदारों ने जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को लेकर आबकारी अधिकारियों को ज्ञापन दिया, जिसमें कहा गया है कि नई आबकारी नीति शराब ठेकेदारों के खिलाफ हैण् जिसे स्थगित कर पुरानी नीति या फिर नई नीति में परिवर्तन करना चाहिए। शराब ठेकेदारों ने बताया कि अंग्रेजी शराब की दुकानों की संख्या व बेसिक लाइसेंस फीस बहुत ज्यादा है, जबकि आबकारी नीति के दिशा निर्देश अनुसार पास में स्थित बाड़मेर जिले से भी सात लाख ज्यादा है। जिले में जनसंख्या अन्य जिलों की अपेक्षा से कम है, फिर शहर में अंग्रेजी दुकानों की संख्या 12 है, जबकि हिसाब से 8 दुकानें होनी चाहिए और गत वर्ष इस बार बेसिक लाइसेंस शुल्क साढ़े तीन लाख ज्यादा कर दी गई है।
मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
जैसलमेर शहर में टूरिज्म सीजन विशेष समय का होता है, फिर भी यहां की शुल्क अन्य से आबकारी नीति के अनुसार 7 से 9 लाख ज्यादा है। शराब ठेकेदारों ने इस वर्ष देसी मदिरा समूह में वार्षिक राशि के साथ लाइसेंस फीस नहीं है, जो कि वर्ष 2020 और 21 में लागू की गई है। जिले की बड़ी हुई वार्षिक राशि बेसिक लाइसेंस शुल्क के रूप में अतिरिक्त भार जैसलमेर जिले के दुकानदारों को चुकाने होंगे यह एक सोचनीय बिंदु है। ऐसे ही करीब 18 बिंदुओं पर मुख्यमंत्री के नाम आबकारी विभाग अधिकारी को ज्ञापन सौंपा तथा न्याय दिलाने की मांग की।

Deepak Vyas Bureau Incharge
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