Video: गांव में पेयजल संकट से पशुधन व लोग बेहाल

नी नहीं धूल फांक रहे हैंडपम्प

By: Deepak Vyas

Published: 11 Jun 2021, 09:17 AM IST

जैसलमेर. जिले के अंतिम छोर पर बसे भाडली ग्राम पंचायत के राजस्व गांव छिपासरिया व आस-पास की ढाणियों में भीषण गर्मी के मौसम में पेयजल संकट गहराया हुआ है। ऐसे में यहां के बाशिंदों व पशुपालकों को विकट समस्या का सामना करना पड़ रहा है। गांव में पेयजल आपूर्ति का मुख्य साधन हैडपम्प व जीएलआर है। जीएलआर में पेयजल की आपूर्ति नियमित नहीं होने से लोग परेशान है, वहीं गांव व आस-पास की ढाणियों में बने करीब तीन दर्जन से अधिक हेंडपंपों में से डेढ दर्जन हैडपम्प जिम्मेदारों की उदासीनता के कारण दुर्दशा का दंश झेल रहे है। कई हैंडपम्पों की पशुखेलियां जर्जर हो गई है, तो कइयों की खेलियां मिटïटी में दबकर जमींदोज हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में जिम्मेदारों व जन प्रतिनिधियों को मौखिक व लिखित रूप से अवगत कराया, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों ने समस्या का शीघ्र समाधान करवाने की मांग की है।
महंगे दामों में टैंकर मंगवाना मजूबरी
मदाणियों की ढाणी निवास कानाराम पंवार व कोजाराम पंवार बताते है कि ढाणियों में अलग-अलग जगहों पर बने करीब १५ हैंडपम्प तकनीकी खराबी व टूटने की वजह से बंद है। ६०० से ७०० रूपए पानी का टेंकर मंगवाना मजबूरी बना हुआ है। ऐसे में ग्रामीणों को आर्थिक व मानसिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। ग्रामीण भैराराम पंवार व सुरज कुमार बताते है कि गांव व ढाणियों व निवास करने वाले लोगों का मुख्य व्यवसाय पशुपालन है। भीषण गर्मी के मौसम में पशुओं के लिए पीने का पानी उपलब्ध नहीं होने के कारण कई पशु काल का ग्रास बन गए है। टूटे हुए हेंडपम्प व सूखी जीएलआर पर पशुधन भटकने का मजबूर है।

Deepak Vyas Bureau Incharge
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