शादी वाले घर धर्मसंकट में घिरे, किसे बुलाएं व किसे छोड़ें

-जरूरी सामान का बंदोबस्त करना भी मुश्किल
-दुकानदार भी कशमकश में

By: Deepak Vyas

Published: 22 Apr 2021, 05:26 PM IST

जैसलमेर. पिछले एक साल से कोरोना का साया मंडराने की वजह से मंगल कार्यों में आ रहे विघ्न इस बार भी शादी समारोह वाले घरों का पीछा नहीं छोड़ रहे हैं। जैसलमेर शहर से लेकर जिले के ग्रामीण अंचलों में आगामी 25 से 30 अप्रेल तक की अवधि में बड़ी संख्या में शादियां होनी हैं। वर-वधू पक्ष के लोगों ने इस संबंध में सारी तैयारियां गत महीनों ही पूरी कर दी। बीच में अब कोरोना महामारी उफान पर आ जाने से राज्य सरकार की ओर से सीमित अर्थों वाला लॉकडाउन लगाए जाने तथा शादी आदि कार्यक्रमों के लिए सख्त गाइडलाइन तय कर देने से ऐसे लोग गहरी मुश्किलों में खुद को फंसा हुआ पा रहे हैं। शादी जैसे मांगलिक अवसर पर केवल पचास लोगों को बुलाने की पाबंदी से लेकर बाजार बंदी उनकी चिंता का प्रमुख कारण है। वे समझ नहीं पा रहे हैं कि अपणायत वाले जैसलमेर में शादी करने के दौरान किन पचास लोगों को निमंत्रण दें क्योंकि यहां आज भी अधिकांश घरों में सौ जने तो पारिवारिक सदस्यों में आ जाते हैं। फिर बाहरी सम्पर्क वालों को टालना भी उनके लिए मुश्किल हो रहा है। इस बीच बड़े पैमाने पर शादी करने का अरमान संजोए कुछ जनों ने तो सभी तैयारियां करने के बावजूद फिलहाल शादियां टालने का निर्णय लिया है।
छोटी कर रहे निमंत्रितों की सूची
शादी के कार्ड तो सभी लोगों ने पहले ही छपवा लिए और अब कोरोना की वजह से पचास जनों को ही एक साथ बुलाए जाने की सीमा तय कर दी गई है। ऐसे में निमंत्रितों की सूचियों की कतरब्योंत की जा रही है। सबसे पहले तो शादी कार्ड ही कम भेजे जा रहे हैं। उस पर किसी तरह से लोगों को मनाया जाएगा कि वे कार्यक्रम वाले दिन थोड़ा आगे.पीछे करते हुए आएं ताकि गाइडलाइन की पालना भी हो जाए और वे ज्यादा से ज्यादा को बुलाकर उनकी खातिरदारी कर सकें। जानकारी के अनुसार प्रशासन ने बारात में डीजे बजाने की अनुमति जारी करने से इनकार किया है। ऐसे में बारातें पुराने ढंग से ढोल की थाप पर ही निकल सकेंगी। डीजे वालों से कहा गया कि वे कार्यक्रम स्थल पर संगीत की लहरियां बिखेर सकते हैं।
दुकानदारों में असंतोष
सरकार की गाइडलाइन में ज्वेलर्स, रेडीमेड कपड़ों, दर्जी, जूते-चप्पलों, मणिहारी, इलेक्ट्रोनिक्स, इलेक्ट्रिकल्स, फर्नीचर्स आदि की दुकानें व प्रतिष्ठान नहीं खुल सकते। इनकी अहम भूमिका शादियों में रहती है। इन व्यवसायियों के लिए सावे का सीजन सबसे अहम होता है। इस वजह से उनमें असंतोष पनप रहा है। उनकी मांग है कि दिन में कम से कम चार-छह घंटों के लिए उन्हें व्यवसाय करने की छूट मिलनी चाहिए, जिससे वे भी व्यवसाय कर सकें। ऐसे में लोगों की मुसीबत भी समाप्त हो पाएगी। उन्होंने बताया कि नागौर में जिला प्रशासन ने दिन में चार घंटे इन सब दुकानदारों को व्यवसाय करने की छूट प्रदान की है।

Deepak Vyas Bureau Incharge
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned