बेमौसम की बारिश ने बढ़ाई चिंता, संक्रमण का बढ़ सकता है खतरा

जैसलमेर. जैसलमेर रविवार को जनता कफ्र्यू के बीच बाद अचानक आई बेमौसम की बारिश ने लोगों को चिंता में डाल दिया है। कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे को लेकर पहले से खौफजदा लोगों ने इसे आफत की बारिश माना है। गौरतलब है कि गत दिनों से जैसलमेर शहर का अधिकतम तापमान ३५ डिग्री या उससे ऊपर चल रहा है।

जैसलमेर. जैसलमेर रविवार को जनता कफ्र्यू के बीच बाद अचानक आई बेमौसम की बारिश ने लोगों को चिंता में डाल दिया है। कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे को लेकर पहले से खौफजदा लोगों ने इसे आफत की बारिश माना है। गौरतलब है कि गत दिनों से जैसलमेर शहर का अधिकतम तापमान ३५ डिग्री या उससे ऊपर चल रहा है। माना जाता है कि तीव्र तापमान से धरती की सतह जितनी गरम होगी, उतना ही कोरोना वायरस फैलने की आशंका कम होती जाएगी। ऐसे में बारिश के कारण शहर के मौसम में आई शीतलता ने लोगों को चिंतातुर कर दिया। रविवार को जिला मुख्यालय पर १७ मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है और इस वजह से शहर में जगह-जगह पानी भी जमा हो गया और सड़कें व गलियां तरबतर दिखाई दी।
स्थायी न हो गिरावट
इस संबंध में जैसलमेर के फिजिशियन डॉ. संजय व्यास ने बताया कि बारिश के कारण शहर के तापमान अस्थायी गिरावट आने पर यह चिंतित नहीं करेगी लेकिन अगर आगामी दो-तीन दिन अधिकतम तापमान २५-३० डिग्री के मध्य ही रहता है तो वायरस के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। डॉ. व्यास के अनुसार वैसे अभी तक जैसलमेर जिला पूर्णतया सुरक्षित है और भारत में भी जो कैसेज सामने आ रहे हैं, उनमें पॉजिटिव मरीजों की दशा अत्यंत गंभीर होने जैसी जानकारी सामने नहीं आ रही है। उन्होंने आगामी ३१ मार्च तक सरकार की ओर से जारी एडवाइजरी की पूरी तरह से पालना करने की जरूरत पर जोर दिया है।

Deepak Vyas Bureau Incharge
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