अल्पसंख्यक मामलात मंत्री ने कहा, जिले में कालाबाजारी पर नहीं लग रही लगाम

गांवों में ज्यादा से ज्यादा लोगों को मनरेगा पर काम दिलाएं : मोहम्मद

By: Deepak Vyas

Published: 10 May 2020, 10:01 AM IST

जैसलमेर. अल्पसंख्यक मामलात मंत्री और पोकरण विधायक शाले मोहम्मद ने कहा कि कोरोना संक्रमण के चलते लॉकडाउन से उत्पन्न हालात में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के लिए जिला प्रशासन को ज्यादा से ज्यादा संख्या में गांवों में मनरेगा कार्य स्वीकृत कर ग्रामीणों को रोजगार मुहैया करवाने पर ध्यान देना चाहिए। शाले मोहम्मद ने बताया कि मुख्यमंत्री ने इसके लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। राजस्थान पत्रिका के साथ शनिवार को बातचीत में मंत्री ने कहा कि गांवों में पशुधन को बचाने के लिए जल्द से जल्द चारा डिपो और गो शिविर भी शुरू करवाए जाएंगे। गांव और शहरों में पीने का पानी सुचारू रूप से दिलाने के लिए भी मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया हुआ है, उसके अनुरूप जलदाय व बिजली महकमों को समन्वित रूप से काम करना होगा।
सरकार के स्तर पर लाए जाएंगे प्रवासी
बाहरी राज्यों में निवास कर रहे राजस्थान के मूल बाशिंदों को लाए जाने के दौरान राज्य सरकार की ओर से लगाई गई रोक के संबंध में शाले मोहम्मद ने बताया कि बाहरी राज्यों से प्रवासियों के आने से राज्य के ग्रीन जोन वाले जिले रेड जोन में आ गए। इस वजह से अब यह प्रक्रिया बहुत संभलकर चलाने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत राज्य का गृह विभाग जिला स्तर से सिफारिश मिलने के बाद संबंधित राज्य सरकार से सम्पर्क कर आपसी सामंजस्य से प्रवासियों को राजस्थान में लाने के लिए कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से प्रवासी राजस्थानियों को उनके गृह प्रदेश में लाया जाएगा लेकिन इससे पहले हमें कोरोना संक्रमण के खतरे की आशंका को भी ध्यान में रखना पड़ेगा।
कालाबाजारी की बड़ी समस्या
मंत्री ने स्वीकार किया कि जैसलमेर जिले में कोरोना संकट की इस घड़ी में आवश्यक वस्तुओं के ज्यादा दाम वसूले जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कार्यकर्ताओं के स्तर से उन्हें इस तरह की जानकारियां मिल रही हैं कि रोजमर्रा में उपयोग आने वाली वस्तुएं बढ़े हुए भावों पर बेची जा रही हैं। मंत्री ने कहा कि उन्होंने पूर्व में भी कालाबाजारी का सवाल उठाया था लेकिन प्रशासन ने जरूरी कदम नहीं उठाए। जब तक प्रशासन अपने अधिकारियों को फिल्ड में नहीं भेजेगा, इस पर अंकुश नहीं लग सकता। प्रशासन को बोगस ग्राहक भेजकर अथवा किसी भी तरीके से कालाबाजारी का पता लगाकर कार्रवाई करनी चाहिए। जिले में एक बार फिर टिड्डी दलों के हमले के संबंध में अल्पसंख्यक मामलात मंत्री ने कहा कि पूर्व की भांति प्रशासन, टिड्डी नियंत्रण विभाग और अन्य सरकारी मशीनरी को किसानों के साथ मिलकर इस समस्या से निपटना होगा। बातचीत के दौरान जैसलमेर नगरपरिषद के सभापति हरिवल्लभ कल्ला भी मौजूद थे।

Deepak Vyas Bureau Incharge
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