जानलेवा हो रहे कोरोना के बीच लापरवाह जन, बेफिक्र तंत्र

- कुछ इलाकों में सामुदायिक फैलाव का खतरा
- गाइडलाइन की पालना में पीछे जैसलमेर

By: Deepak Vyas

Published: 05 Sep 2020, 11:51 AM IST

जैसलमेर. विश्वव्यापी कोरोना संक्रमण की स्थितियां धीरे-धीरे सीमावर्ती जैसलमेर जिले खासकर जिला मुख्यालय पर चिंतनीय होती जा रही है। गत दिनों आई मूसलाधार बरसात के बाद मौसम में घुली ठंडक का साथ पाकर कोरोना वायरस पहले से कहीं अधिक खतरनाक ही नहीं जानलेवा हो जाने के बावजूद लोगों में हद दर्जे की लापरवाही देखी जा रही है। वहीं सरकारी तंत्र जिसमें प्रशासन, चिकित्सा और स्वास्थ्य महकमे सहित पुलिस सभी शामिल है, बेफिक्री के आलम में नजर आ रहे हैं। जैसलमेर में गत दिनों से लगातार नए संक्रमित सामने आने से आंकड़ा पांच सौ के पास पहुंच रहा है। पिछले चार दिनों में तीन जनों की मौत भी इस बीमारी से हो चुकी है। उससे पहले वृद्ध मां और उनके 50 वर्षीय पुत्र की जान भी इस महामारी की भेंट चढ़ गई। इतना सब होने के बाद लोग आपसी बातचीत में कोरोना के फैलाव को लेकर चिंता तो जताते है, लेकिन बचाव के उपाय अपनाने से कतरा रहे है।
नहीं अपना रहे एसएमएस
जिला मुख्यालय पर लोग बाजारों में, सार्वजनिक स्थानों से लेकर अन्य जगहों ही नहीं अस्पताल तक में एक दूसरे से सटे हुए तथा बिना मास्क या लापरवाही से उसे नाक व मुंह से नीचे केवल औपचारिकता पूरी करने के लए गले में लटकाए देखे जा रहे हैं। कोरोना गाइडलाइन के अनुरूप एसएमएस यानी सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क और सेनेटाइजेशन को बहुत कम लोग ही सही मायनों में अपना रहे हैं। कई जने तो कोरोना की रिपोर्ट करवाने के बाद बाजारों में सामान्य ढंग से घूमते नजर आते हैं। पॉजिटिव आने के बाद होम क्वारेंटीन में रखे गए लोग भी पूरी तरह से गाइडलाइन की पालना नहीं कर रहे, जिससे उनके सम्पर्क में परिवार के अन्य लोग भी आ रहे हैं। इसी तरह से प्रशासनिक स्तर पर ढीला रुख अपनाने से चिकित्सा महकमा अपनी जिम्मेदारी का पूरे तौर पर निर्वहन नहीं कर रहा। पॉजिटिव आने के कई-कई घंटों तक संबंधित व्यक्ति को कोविड सेंटर ले जाने अथवा होम क्वारेंटीन करने के विषय में कार्रवाई नहीं हो पाती। इसी प्रकार पॉजिटिव के घर में सेनेटाइजेशन नहीं करवाने पर अन्य लोगों के भी संक्रमित होने की शिकायतें सामने आ रही है।
ये इलाके बढ़ा रहे चिंता
जैसलमेर में सोनार दुर्ग सहित आवासीय कॉलोनियां और भीतरी भागों में बसे गली-मोहल्लों तक से पॉजिटिव पाए जा चुके हैं तथा लगातार नए केसेज सामने आ रहे हैं। इनमें भी ढिब्बा पाड़ा, गांधी कॉलोनी, जयनारायण व्यास कॉलोनी, गफूर भट्ठा आदि क्षेत्रों में सामुदायिक फैलाव का खतरा उत्पन्न हो गया है। इन क्षेत्रों में लगातार संक्रमित पाए जा रहे हैं। गांवों में भी इस बीच कोरोना ने दस्तक दे दी है। शहर तथा गांवों में एक से दूसरे तक स्थानीय लोगों में संक्रमण के फैलने से पॉजिटिव का आंकड़ा छलांगें मार रहा है। यही कारण जिले में पहले सौ मरीज जहां 50 दिन में सामने आए, वहीं अब यह आंकड़ा 10 दिनों में पूरा हो रहा है।
हल्के में ले रहे जिम्मेदार?
सीमावर्ती जिले में बढ़ते कोरोना के बीच जैसे आमजन लापरवाही दिखा रहे हैं, कुछ-कुछ कैस ही प्रशासन और पुलिस तथा अन्य जिम्मेदार महकमे भी जरूरत जितने चैकन्ने नहीं दिखते। जनजागरण के लिए प्रयास अब नहीं के बराबर रह गए हैं। जिन क्षेत्रों से लगातार पॉजिटिव सामने आ रहे हैं, वहां कोई विशेष बंदोबस्त नहीं दिखते। चिकित्सा महकमा अब सुस्त पड़ गया है। पुलिस दिनभर में कुछेक जनों के बिना मास्क होने पर चालान कर संतुष्ट है, तो सोशल डिस्टेंस की दुकानों व बाजारों में उडऩे वाली धज्जियों की तरफ उसका कतई ध्यान नहीं है।

Deepak Vyas Bureau Incharge
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