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स्टाफ की कमी से मरीज परेशान, ग्रामीणों ने लगाए ताले

स्टाफ की कमी से मरीज परेशान, ग्रामीणों ने लगाए ताले

जैसलमेर

Updated: December 24, 2021 09:45:51 am

नाचना. क्षेत्र के भारेवाला गांव में स्थित राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में स्टाफ की कमी व संबंधित कार्यकारी एजेंसी की ओर से कोई ध्यान नहीं दिए जाने से परेशान क्षेत्र के ग्रामीणों ने गुरुवार को अस्पताल के मुख्य द्वार पर ताले लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। गौरतलब है कि भारेवाला गांव में स्थित पीएचसी को पीपीपी मोड पर संचालित किया जा रहा है, लेकिन कार्यकारी एजेंसी की ओर से अस्पताल में चिकित्सक व अन्य स्टाफ नहीं लगाया जा रहा है। जिसके कारण मरीजों को अपने उपचार के लिए अन्यंत्र जाना पड़ रहा है। जिससे उन्हें परेशानी हो रही है। इसी को लेकर गुरुवार को जीवणखां के नेतृत्व में गुल मोहम्मद, उपसरपंच हसन हुसैन, वार्डपंच गुलशेरखां, नसीरखां, कामलखां, मंजूरखां, यार मोहम्मद, दिलावरखां, जाकिर हुसैन, युसुबखां सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल के आगे एकत्रित हुए। उन्होंने अव्यवस्थाओं से परेशान होकर अस्पताल के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया।
20 दिनों से बंद है विद्युत आपूर्ति
अस्पताल में गत 20 दिन पूर्व विद्युत कनेक्शन काट दिया गया। जिसके कारण 20 दिनों से अस्पताल अंधेरे में डूबा हुआ है तथा अस्पताल में रखी दवाइयां, वैक्सीन आदि खराब हो रहे है और मरीजों को परेशानी हो रही है।
यह है पदों की स्थिति
अस्पताल गत चार वर्षों से पीपीपी मोड पर संचालित हो रहा है। यहां एक चिकित्सक, दो जीएनएम, दो एएनएम, फार्मासिस्ट, एक प्रयोगशाला तकनीशियन, एक कम्प्यूटर सहायक, एक वार्डबॉय, दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कुल 11 पद स्वीकृत है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस अस्पताल में लंबे समय से चिकित्सक व अन्य स्टाफ नहीं है। यहां मात्र एक एएनएम ही कार्यरत है। ऐसे में मरीजों को उपचार के लिए नाचना अथवा अन्यंत्र जाकर उपचार करवाने में परेशानी हो रही है।
पूर्व में किया गया था क्रमिक अनशन
अस्पताल की अव्यवस्थाओं को लेकर फरवरी 2021 में ग्रामीणों की ओर से क्रमिक अनशन व धरना प्रदर्शन किया गया था। जिस पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने भारेवाला पहुंचकर सात दिनों में व्यवस्थाओं को सुचारु करने का भरोसा दिलाकर अनशन समाप्त करवा दिया था, लेकिन अभी तक कोई व्यवस्था नहीं सुधरी है। जिससे मरीज परेशान हो रहे है। कार्यकारी एजेंसी की ओर से मात्र एक या दो एएनएम से ही अस्पताल का संचालन किया जा रहा है।
करोड़ों रुपए का किया भुगतान, मरीजों को नहीं मिली कोई सुविधा
गत दो दिसंबर को ग्राम पंचायत की ग्रामसभा में सरपंच जमीला खातुन सहित अन्य सदस्यों ने प्रस्ताव पारित कर जिला कलक्टर व सीएमएचओ को ज्ञापन प्रेषित किया। उन्होंने बताया कि एक जनवरी 2018 से भारेवाला में पीएचसी को पीपीपी मोड पर संचालित किया जा रहा है। चार वर्षों में कार्यकारी एजेंसी की ओर से करोड़ों रुपए का भुगतान उठाया गया, लेकिन क्षेत्र के ग्रामीणों को एक बार भी चिकित्सा सुविधा नहीं मिली। चिकित्सक सहित अन्य पद रिक्त होने के कारण मरीजों को आज भी नाचना व अन्यंत्र जाकर उपचार करवाना पड़ रहा है। जिससे उन्हें परेशानी हो रही है।
व्यवस्था सुधरने तक जारी रहेगी तालाबंदी
अस्पताल की अव्यवस्थाओं को लेकर ग्रामीणों ने गुरुवार को ताला लगाकर धरना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने बताया कि जब तक अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया जाता है, तब तक उनका धरना व प्रदर्शन जारी रहेगा और अस्पताल के ताले लगे रहेंगे।
नोटिस किया गया है जारी
कार्यकारी एजेंसी को नोटिस जारी किया गया है तथा भुगतान की जाने वाली राशि रोक दी गई है। सात दिन में स्वीकृत पदों पर नियुक्तियां नहीं की जाती है, तो चिकित्सा विभाग की ओर से यहां चिकित्सक व कार्मिक लगाकर मरीजों को चिकित्सा सुविधा मुहैया करवाई जाएगी।
- डॉ.कुणाल साहू, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जैसलमेर।
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