अतिक्रमणों से मुक्त हुई परमाणु नगरी

- तीन जेसीबी मशीनों से ध्वस्त किए कच्चे व पक्के मकान, लोगों ने मुक्तकंठ से की सराहना

By: Deepak Vyas

Published: 25 Aug 2020, 12:48 PM IST

पोकरण. परमाणु नगरी पोकरण में सोमवार को सूर्य की पहली किरण ऐसी निकली कि कुछ दिनों पूर्व कच्चे पक्के आशियाने बनाकर निवास कर रहे अतिक्रमणकारियों को आसमान तले ला दिया। सोमवार को सुबह सात बजे दिन निकलने के साथ नगरपालिका का 100 से अधिक का लवाजमा तीन जेसीबी मशीनोंं व चार ट्रैक्टर ट्रोलियों के साथ निकल पड़ा अतिक्रमणकारियों के आशियानों की तरफ। इसके बाद शुरू हुआ अतिक्रमणों को हटाने का अभियान, जो सोमवार की देर शाम तक भी जारी रहा। इस दौरान नगरपालिका की करोड़ों रुपए की भूमि पर किए गए अतिक्रमणों को हटाकर सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त किया गया। गौरतलब है कि पोकरण में चारों तरफ नगरपालिका की करोड़ों रुपए की भूमि खाली पड़ी है। गत एक माह से इस खाली पड़ी भूमि पर अतिक्रमणों का दौर चल रहा था। हालात ये हो गए थे कि अतिक्रमणकारी इन खाली पड़ी जमीन पर सुबह पत्थर डालते तथा रातोंरात यहां कमरा खड़ा कर देते। जिसको लेकर कस्बे में चर्चाओं का बाजार गर्म था। इस संबंध में कई लोगों की ओर से प्रशासन व नगरपालिका को ज्ञापन देकर अतिक्रमण हटाने की मांग भी की गई थी। इसी को लेकर सोमवार को नगरपालिका की ओर से अतिक्रमणोंं को हटाने के लिए अभियान शुरू किया गया।
प्रशासक काल लगने के चौथे दिन शुरू हुआ अभियान
गत 20 अगस्त को नगरपालिका के वर्तमान बोर्ड का कार्यकाल खत्म हो गया। कोरोना संक्रमण की महामारी के कारण अभी तक चुनाव की घोषणा नहीं हो पाई है। ऐसे में सरकार व स्वायत शासन विभाग की ओर से अधिशासी अधिकारी को ही प्रशासक नियुक्त किया गया। प्रशासक बनने के चौथे दिन सोमवार को अधिशासी अधिकारी व प्रशासक तौफिक अहमद ने अतिक्रमणों को हटाने और नगरपालिका की करोड़ों रुपए की भूमि को खाली करवाने की हिम्मत जुटाई और अभियान का आगाज कर दिया। यह आगाज भी शानदार रहा तथा सुबह सात बजे शुरू हुआ अतिक्रमणों को हटाने का दौर देर शाम तक भी जारी रहा। उन्होंने बताया कि यह अभियान आगामी 15 दिनों तक लगातार जारी रहेगा तथा किसी भी अतिक्रमण को बक्शा नहीं जाएगा और सरकारी भूमि को खाली करवाया जाएगा।
शिवपुरा से हुई शुरुआत
नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी तौफिक अहमद, कनिष्ठ अभियंता अंजूमन अंसारी, अखाराम, केशियर रवि ओझा, सफाई जमादार घनश्याम जोशी, नेमीचंद, सुरेशकुमार के नेतृत्व में तीन जेसीबी मशीनों, चार ट्रैक्टर ट्रोली के साथ 70-80 सफाईकर्मियों का लवाजमा सोमवार को सुबह सात बजे फलसूण्ड रोड पर शिवपुरा कच्ची बस्ती के दक्षिणी छोर पर पहुंचा। यहां उनकी ओर से किए गए कच्चे व पक्के मकानों को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू की गई। अलसुबह अचानक हुई कार्रवाई से अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया तथा मौके पर अतिक्रमणकारियों के साथ शिकायतकर्ताओं व आमजन की भीड़ लग गई। नगरपालिका की अतिक्रमण निरोधक टीम ने जेसीबी मशीनों के माध्यम से यहां किए गए सभी अतिक्रमणों को ध्वस्त किया। उन्होंने अतिक्रमणकारियों को निर्माण सामग्री उठा लेने और अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी तथा नहीं मानने पर अतिक्रमण हटाकर निर्माण सामग्री जब्त भी की। जिस पर कई लोगों की ओर से तारबंदी वगैरह खोल दी गई। पक्के निर्माणों को ध्वस्त करने के बाद अतिक्रमणकारियों ने अपनी निर्माण सामग्री मौके से उठा ली।
कई बार करना पड़ा विरोध का सामना
अतिक्रमण हटाने के दौरान कई बार दस्ते को अतिक्रमणकारियों का विरोध भी झेलना पड़ा। कुछ लोगों ने विरोध करते हुए भेदभाव नहीं करने और सभी अतिक्रमण हटाने की मांग की। जिस पर अधिशासी अधिकारी तौफिक अहमद ने उपस्थित लोगों को भरोसा दिलाया कि चाहे किसी का अतिक्रमण हो, बक्शा नहीं जाएगा और सभी अतिक्रमण ध्वस्त किए जाएंगे। कुछ जगहों पर वर्षों से काबिज अतिक्रमणकारियों ने अपने पास दस्तावेज होने की बात कही, जिस पर अधिकारियों ने दस्तावेज दिखाने की बात कही। कई लोगों के पास वैध कागजात नहीं होने और मात्र अतिक्रमण होने की पुष्टि पर उन अतिक्रमणों को भी ध्वस्त किया गया।
आसमान तले आ गए कई परिवार
कस्बे के विभिन्न हिस्सों तथा आसपास ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करने वाले लोगों ने पोकरण में शिवपुरा कच्ची बस्ती के साथ फलसूण्ड रोड, जैसलमेर-जोधपुर रोड पर अतिक्रमण कर पक्के कमरों का निर्माण करवाने के साथ निवास भी शुरू कर दिया था। सोमवार को हुई कार्रवाई के दौरान इन अतिक्रमणों को ध्वस्त कर दिया गया। जिससे वे परिवार एकबारगी आसमान तले आ गए। इसके बाद वाहनों से उन्होंने अपने सामान को पुन: पुराने मकानों में शिफ्ट करवाया।
लाखों की लागत का मकान चंद मिनटों में हुआ ढेर
शिवपुरा में जीएसएस के सामने एक अतिक्रमणकारी की ओर से लाखों रुपए की लागत से पक्का मकान बनवाया गया था। आलीशान मकान पूरी तरह से रहवासी था। यही नहीं मकान में नल व विद्युत कनेक्शन भी किया गया था। उसके पास कोई वैध कागजात नहीं होने पर नगरपालिका की ओर से लाखों रुपए की लागत से निर्माण करवाए गए मकान को चंद मिनटों में ही मलबे में तब्दील कर दिया गया।
अन्य कॉलोनियों में भी चला अभियान
शिवपुरा, फलसूण्ड रोड व जोधपुर-जैसलमेर बाईपास राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे अतिक्रमण हटाने के बाद पूरा लवाजमा रामदेवरा रोड पहुंचा। यहां रैन बसेरे के आसपास किए गए अतिक्रमणों को हटाया गया। यहां एक घंटे तक भोजन अंतराल के बाद अभियान पुन: शुरू हुआ तथा शक्तिस्थल के पीछे, जैसलमेर रोड, उरमूल के पीछे सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमणों को हटाने का दौर चला। जिससे अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मचा रहा।
पुलिस जाब्ता भी रहा साथ
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान सहायक उपनिरीक्षक धन्नाराम विश्रोई के नेतृत्व में पुलिस का भारी जाब्ता साथ रहा। कई जगहों पर विरोध होने पर पुलिस ने बीच बचाव कर लोगों को शांत किया। हालांकि कार्रवाई के दौरान छुट-पुट विरोध चलता रहा, लेकिन कोई बड़ा विवाद या प्रदर्शन नहीं होने से कानून एवं शांति व्यवस्था बनी रही।
चर्चित अतिक्रमण स्वैच्छा से हटाया
कस्बे में रेलवे स्टेशन रोड पर तोलाबेरा नदी में किया गया अतिक्रमण व तारबंदी लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ था। कई लोगों ने इस अतिक्रमण व कब्जे को हटाने की भी की मांग की थी। इस कब्जे को हटाने को लेकर किसी ने जहमत नहीं उठाई। सोमवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान कब्जाधारियों ने स्वैच्छा से ही तारबंदी खोल दी और अतिक्रमण हटा दिया।
लोगों ने की सराहना
नगरपालिका की ओर से सोमवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। यह अभियान इस कदर चला कि रास्ते में जो भी अवैध कब्जा दिखा, उस अतिक्रमण को ध्वस्त कर दिया गया। इस कार्रवाई के बाद कस्बेवासियों ने नगरपालिका की इस कार्रवाई की मुक्त कंठ से सराहना की। कई कस्बेवासियों ने इस अभियान को लगातार जारी रखने और सरकारी भूमि पर किए गए सभी अतिक्रमणों को बिना किसी भेदभाव के हटाने की मांग की।
अतिक्रमण पर जल व बिजली कनेक्शन
जब भी कोई आम व्यक्ति जल व विद्युत कनेक्शन लेने के लिए जाता है, तो उसे मकान से संबंधित कई दस्तावेज जमा करवाने होते है। इसके बाद उन्हें कड़ी मशक्कत व कई चक्कर के बाद कनेक्शन मिल पाता है। सोमवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान जानकारी मिली कि इन अवैध कब्जों पर जल व विद्युत कनेक्शन किए गए है। कई लोग इनके बिलों को दिखाकर अपना कब्जा वैध बताते रहे, लेकिन नगरपालिका की टीम ने इन बिलों को अनदेखा करते हुए अक्रिमणों को हटाया।
जारी रहेगा अभियान
नगरपालिका की करोड़ों रुपए की भूमि पर किए गए अतिक्रमणों को लेकर लम्बे समय से शिकायतें मिल रही थी। जिस पर अभियान शुरू किया गया है। सोमवार को दर्जनों की तादाद में अतिक्रमण हटाए गए है। यह अभियान आगामी दिनों में भी जारी रहेगा तथा बिना किसी भेदभाव के सभी अतिक्रमणों को हटाया जाएगा।
तौफिक अहमद, अधिशासी अधिकारी व प्रशासक नगरपालिका, पोकरण।

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