पहेली बन रही पुलिसकर्मी की आत्महत्या, कारणों का पता लगाने में जुटी पुलिस

- पावर ग्रिड पर नियुक्त था कांस्टेबल
- देर रात पहुंची पुलिस अधीक्षक, ली घटना की जानकारी
- घटनास्थल के समीप भय का माहौल

By: Deepak Vyas

Published: 01 Jun 2020, 08:10 PM IST

पोकरण. कस्बे में एक निजी होटल में रविवार को पुलिस कांस्टेबल के फांसी लगाकर आत्महत्या कर लेने के मामले का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है। देर रात जिला पुलिस अधीक्षक भी पोकरण पहुंची और मामले की तफ्तीश शुरू की। गौरतलब हैै कि जैसलमेर पुलिस लाइन में पदस्थापित व पॉवर ग्रिड में कार्यरत पुलिस कांस्टेबल बूंदी जिलांतर्गत नैनवा तहसील क्षेत्र के बाडोली निवासी मायाराम पुत्र रामरतन मीणा ने रविवार को होटल के एक कमरे में फांसी का फंदा लगा लिया। दिनभर उसके कमरे से बाहर नहीं आने और एक साथी कांस्टेबल की ओर से फोन करने पर जवाब नहीं देने के बाद उस कांस्टेबल ने कमरे का दरवाजा खटखटाया। दरवाजा नहीं खुलने और कोई जवाब नहीं देने पर उसने दरवाजे को धक्का मारकर तोड़ दिया और अंदर पहुंचा, तो कांस्टेबल मायाराम का शव फंदे से लटका हुआ था। जिस पर उसने पुलिस को सूचना दी। सूचना के बाद देर रात 10 बजे पुलिस उपाधीक्षक मोटाराम गोदारा व थानाधिकारी सुरेन्द्रकुमार प्रजापति मौके पर पहुंचे। उनकी सूचना पर देर रात साढ़े 11 बजे जिला पुलिस अधीक्षक डॉ.किरण कंग सिधू व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेशकुमार बैरवा भी पोकरण आए। उन्होंने घटनास्थल का मौका मुआयना कर पुलिस के अधिकारियों, साथी कांस्टेबलों, पॉवर ग्रिड कंपनी के अधिकारियों से बातचीत कर मामले की जानकारी ली और जांच शुरू की।
नहीं सुलझी आत्महत्या की पहेली
राजस्थान के चुरू जिलांतर्गत राजगढ़ थानाधिकारी विष्णुदत्त विश्रोई की ओर से आत्महत्या कर लेने के बाद एक हेड कांस्टेबल ने रविवार को आत्महत्या की। रविवार को ही पोकरण में एक कांस्टेबल ने फांसी का फंदा लगा लिया। पुलिस अधिकारियों व पुलिसकर्मियों की ओर से की जा रही आत्महत्या का खुलासा नहीं हो पा रहा है। पोकरण में कांस्टेबल की ओर से आत्महत्या करने के बाद अधिकारियों ने कमरे व शव की तलाशी ली। कांस्टेबल के कान में ब्ल्यूटूथ ईयरफोन लगा हुआ था और लॉवर की जेब में मोबाइल मिला। कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस की ओर से मोबाइल कॉल डिटेल के आधार पर मामले की जांच शुरू की गई है।
पिता को दी सांत्वना
देर रात शव को नीचे उतारकर स्थानीय राजकीय अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। रविवार रात अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बैरवा पोकरण में ही रुके और सोमवार को सुबह पुलिस उपाधीक्षक मोटाराम गोदारा, थानाधिकारी सुरेन्द्रकुमार प्रजापति, पुलिस निरीक्षक भवानीसिंह, रामदेवरा थानाधिकारी दलपतसिंह चौधरी के साथ अस्पताल की मोर्चरी पहुंचे। दोपहर 12 बजे बाद मृतक के पिता रामरतन मीणा व अन्य परिवारजन यहां पहुंचे। जब अधिकारियों ने मृतक के पिता रामरतन से बात करने का प्रयास किया, तो उनके मुंह से कोई शब्द ही नहीं निकल पाया और हाथ जोड़कर अपने बेटे को याद करते हुए आंसू बहाने लगे। जिस पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बैरवा व अन्य अधिकारियों ने उन्हें सांत्वना दी और ढाढ़स बंधाया।
एसपी ने भी की पूछताछ, चार कांस्टेबल के साथ किया रवाना
दोपहर बाद जिला पुलिस अधीक्षक डॉ.किरण कंग पुन: पोकरण पहुंची। उन्होंने परिवारजनों से मुलाकात कर घटना पर दु:ख जताया और परिवारजनों को सांत्वना दी। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सुपुर्द किया गया। पुलिस की ओर से चार कांस्टेबल परिवारजनों के साथ रवाना किए गए।
आसपास क्षेत्र में फैली सनसनी
कांस्टेबल की ओर से आत्महत्या कर लेने के बाद होटल के आसपास क्षेत्र रामदेव कॉलोनी में भय व दहशत का माहौल हो गया। इसके अलावा पोकरण क्षेत्र में सनसनी फैल गई। हर कोई कांस्टेबल की मौत पर दु:ख जताते हुए सोशल मीडिया के माध्यम से श्रद्धांजलि भी दी।

Deepak Vyas Bureau Incharge
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