पहले की घोषणाएं फाइलों में पांव-पांव बढ़ी,जमीन पर उतरना बाकी

आगामी दिनों में मौजूदा राज्य सरकार का दूसरा बजट पेश किया जाएगा। सीमावर्ती जैसलमेर जिले को राज्य सरकार से कई सौगातों का इंतजार है। वैसे, गत वर्ष जुलाई माह में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बतौर वित्तमंत्री बजट पेश करते हुए जैसलमेर जिले के लिए जो घोषणाएं की थी, उनका अभी तक जमीन पर उतरना बाकी है।

By: Deepak Vyas

Updated: 18 Feb 2020, 09:06 PM IST

जैसलमेर. आगामी दिनों में मौजूदा राज्य सरकार का दूसरा बजट पेश किया जाएगा। सीमावर्ती जैसलमेर जिले को राज्य सरकार से कई सौगातों का इंतजार है। वैसे, गत वर्ष जुलाई माह में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बतौर वित्तमंत्री बजट पेश करते हुए जैसलमेर जिले के लिए जो घोषणाएं की थी, उनका अभी तक जमीन पर उतरना बाकी है। सभी घोषणाएं फाइलों में पांव-पांव बढ़ी है। इस साल उनके क्रियान्वयन के साथ चिकित्सा, सुरक्षा, पर्यटन के क्षेत्र में नई घोषणाओं की अपेक्षाएं जिलावासियों की ओर से लगाई जा रही हैं। एक नजर पिछले बजट की प्रमुख घोषणाओं और उनकी स्थिति तथा भावी उम्मीदों पर।

इंदिरा गांधी नहर परियोजना
परियोजना के द्वितीय चरण में, जिसमें जैसलमेर जिला शामिल है, नाबार्ड के वित्त पोषण से 179 करोड़ रुपए खर्च किए जाने की घोषणा की गई थी। इसमें जैसलमेर जिले में शहीद बीरबल शाखा प्रणाली में ५२ करोड़ रुपए के कार्य होने हैं। नाबार्ड से ऋण के लिए प्रक्रिया अभी चल रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि आगामी वित्त वर्ष में इसके कार्य होंगे। यह कार्य होने से जैसलमेर तहसील के २५ हजार किसानों के लाभान्वित होने का अनुमान है।

खाभा का विकास
राज्य सरकार ने गत बजट में प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासतों के संरक्षण तथा उचित सार-संभाल के लिए तीन वर्षीय कार्ययोजना बनाकर २२ करोड़ के कार्य करवाने की घोषणा की थी। इसके अंतर्गत इसमें जैसलमेर जिले में पालीवालों के परित्यक्त गांव खाभा स्थित प्राचीन मंदिर को शामिल किया गया था। मंदिर का कार्य अभी शुरू नहीं हो पाया है। जानकारी के अनुसार टेंडर प्रक्रिया की जा चुकी है।

नंदीशाला बनना बाकी
सरकार ने गत बजट के अनुसार पशुधन बाहुल्य वाले जैसलमेर जिले के प्रत्येक पंचायत समिति स्तर पर स्थापित की जाने वाली नंदीशाला की योजना से भी खासी उम्मीदें थी, लेकिन अब तक समिति स्तर पर नंदीशालाएं नहीं बनी। इनके बनने से स्वच्छंद घूमने वाले पशुओं के अचानक सड़क मार्ग पर आ जाने से होने वाली दुर्घटनाओं पर अंकुश लग सकेगा और गोवंश का भी संरक्षण होगा।

सीमेंट उद्योग को मिले प्रोत्साहन
जैसलमेर जिले में सीमेंट उद्योग स्थापित किए जाने की भरपूर संभावनाएं हैं। हजारों करोड़ के निवेश वाले इस उद्योग की स्थापना से जिले के बेरोजगारों को बड़ी मात्रा में रोजगार मिल सकेगा। जिलावासी इस संबंध में ठोस घोषणा होने की उम्मीद आगामी बजट से जोड़े हुए हैं।

सीमा चौकियां खोलने पर हो विचार
जैसलमेर. के सीमा क्षेत्र में वर्षों से बंद पड़ी गुप्तचर विभाग की चौकियों को पुन: शुरू करने के संबंध में आगामी बजट में घोषणा हो सकती है। इनकी जरूरत प्रत्येक स्तर पर महसूस की जा रही है। अगर ऐसा किया जाता है तो यह आंतरिक सुरक्षा के लिहाज से अहम कदम होगा।

पर्यटन को मिले प्रोत्साहन
जैसलमेर का एकमात्र उद्योग पर्यटन है। जिससे हजारों लोग प्रत्यक्ष-परोक्ष रूप से आजीविका कमा रहे हैं। जैसलमेर के सोनार दुर्ग के संरक्षण सहित गड़ीसर सरोवर तथा अन्य ऐतिहासिक इमारतों के जीर्णोद्धार के लिए राज्य बजट में प्रावधान किए जाने से यह उम्मीद पूरी हो सकती है।

मेडिकल कॉलेज और ट्रोमा सेंटर
चिकित्सा के क्षेत्र में पिछड़े जैसलमेर को एक बड़ी सौगात यहां मेडिकल कॉलेज की स्थापना करने संबंधी राज्य सरकार के निर्णय से मिली है। इस संबंध में जमीन आवंटन भी हो चुका है। राज्य बजट में वित्तीय प्रावधान किए जाए तो बात आगे बढ़ेगी। ऐसे ही पोकरण में वर्षों से फलीभूत होने की बाट जोह रही ट्रोमा सेंटर स्थापना के लिए भी सरकार से राशि स्वीकृत करने की आशा है।

Deepak Vyas Bureau Incharge
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