प्रधानाचार्य को पीओ और उनसे कम ग्रेड पे वाले अधिकारियों को बनाया सेक्टर अधिकारी

-चुनाव ड्यूटी के असंगत आदेश निकालने से प्रधानाचार्यों में रोष
-पत्रिका पड़ताल में सामने आया सच

By: Deepak Vyas

Updated: 13 Nov 2020, 09:15 PM IST


जैसलमेर. आगामी पंचायतीराज चुनावों में स्कूली प्रधानाचार्यों को पीठासीन अधिकारी ;पीओद्ध लगाए जाने और उनसे कम ग्रेड पे के अन्य विभागों के अधिकारियों को सेक्टर मजिस्ट्रेट बनाए जाने से जिले के प्रधानाचार्यों में रोष गहरा गया है। प्रधानाचार्यों का कहना है कि इस मामले को जिला प्रशासन के ध्यान में लाए जाने के बावजूद उनकी सुनवाई नहीं की जा रही है और उन्हें एक तरह से निशाना बनाया जा रहा है। जिससे वे खुद को अपमानित व आहत महसूस कर रहे हैं।
6600-6800 है ग्रेड पे
गौरतलब है कि राजकीय विद्यालयों के प्रधानाचार्यों का ग्रेड पे 6600 और 6800 होता है। पत्रिका पड़ताल में यह बात सामने आई है कि इस ग्रेड पे के कई प्रधानाचार्यों को प्रशासन ने आगामी चुनाव में पीओ के तौर पर ड्यूटी दी है, जबकि उनसे कम 4800, 5400 और 6000 रुपए ग्रेड पे के अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ कुछ व्याख्याताओं को सेक्टर मजिस्ट्रेट बना दिया है। बताया जाता है कि प्रधानाचार्यों पर प्रशासन ने वेटरनरी डॉक्टर्स, व्याख्याता, पोलोटेक्निक कॉलेज व्याख्याता आदि को तरजीह दी है। जो ग्रेड पे में प्रधानाचार्य से नीचे हैं। प्रधानाचार्यों ने यह भी बताया कि उनके समान ग्रेड पे वाले किसी अन्य विभाग के अधिकारियों को प्रशासन ने पीओ नहीं बनाया है। प्रधानाचार्यों का प्रतिनिधिमंडल इस संबंध में गत दिनों के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी और उप जिला निर्वाचन अधिकारी से भी मिल चुका है। इसके बावजूद उनकी आपत्तियों का निराकरण नहीं हो सका है।

अन्य जिलों में भी ऐसा किया गया
राजस्थान के कई जिलों में प्रधानाचार्यों को पीओ बनाया गया है। जिले में चुनाव कार्य के लिए मानव संसाधन का अभाव रहता है। हालांकि अभी तक पंचायतीराज चुनाव के लिए जोन निर्धारण नहीं हुआ है। पहले तो प्रशिक्षण दिया जाएगा, उसके बाद ड्यूटी लगाने के बारे में निर्णय किया जाएगा।
-ओपी विश्नोई, उप जिला निर्वाचन अधिकारी, जैसलमेर

Deepak Vyas Bureau Incharge
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