सुनहरे बिम्बों से साक्षात कराती रंगोलियों ने किया मुग्ध

-ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के प्राचीन धाम कुलधरा में रहा पर्यटकों का जमघट

By: Deepak Vyas

Published: 09 Feb 2020, 08:20 PM IST

जैसलमेर. मरु-महोत्सव को देखते हुए प्राचीन और ऐतिहासिक महत्व के पुरातात्विक स्थल कुलधरा में रविवार को देशी और विदेशी सैलानियों का जमघट लगा रहा। सैलानियों ने कुलधरा की बस्तियों के अवशेषों के साथ ही कुलधरा के पालीवालों की प्राचीन लोक संस्कृति का दिग्दर्शन करवाने के लिए हुए कार्यों, संरचनाओं और विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों को देखा। सैलानियों ने पालीवालों के समृद्ध और अत्यंत वैभवशाली कुलधरा नगर के ऐतिहासिक परिवेश, जनजीवन और लोक संस्कृति की विलक्षण परम्पराओं व विरासत की जानकारी ली। गौरवशाली इतिहास को सुनकर व पुरा महत्व के अवशेषों को देख कर बेहद अभिभूत हो उठे और प्राचीनकालीन कुलधरा के तत्कालीन वैभवशाली स्वर्णिम समय की कल्पना में खो गए। कुलधरा भ्रमण के दौरान इन सैलानियों ने पूरे क्षेत्र में घूम-घूम कर प्राचीन खंडहर, इनके वास्तुए भवनों की पुरातन संरचना तथा लोक जीवन के तमाम पहलुओं के बारे में जानकारी ली।
कल्पनाशीलता और सृजनात्मक प्रतिभाओं की सराहना
सैलानियों ने कुलधरा में मरु महोत्सव के तहत आयोजित रंगोली प्रतियोगिता को देखा तथा प्रतिभागियों की कल्पनाशीलता और सृजनात्मक प्रतिभाओं की सराहना की। इस दौरान दो वर्गों में रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रथम वर्ग में किशनी देवी मगनीराम मोहता राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जैसलमेर की छात्राओं ने ने आठ समूहों में रंगोलियों का सृजन किया, जबकि दो समूह ओपन वर्ग के रहे। इन सभी से जुड़े हुए रंगोली कलाकारों ने कुलधरा की ऐतिहासिक धरा पर अपनी मौलिक सृजन क्षमता और कल्पनाशीलता का परिचय देते हुए पारम्परिकए सांस्कृतिक, ऐतिहासिक धरोहरों को रंगोली के माध्यम से प्रदर्शित किया।
राजस्थान की कला, संस्कृति, परंपरा एवं विरासत को प्रदर्शित करती रंगोली पधारो म्हारे देश... के तहत धरती धोरां री ... की झिलमिलाती रेत एवं गूंजता सुरीला लोक संगीत, जैसलमेर किला, ऊंट, मूमल-महेन्द्र का सौ कोस का सफरए अद्वितीय सौन्दर्य की स्वामिनी राजकुमारी मूमल और अदम्य साहसए अमरकोट के राणा महेन्द्र आदि से संबंधित पूरे ऐतिहासिक कथानक को लकड़ी के रंगीन बुरादे के माध्यम से दर्शाती रंगोली सैलानियों के आकर्षण का केन्द्र रही। छात्राओं की रंगोली निर्माण कला, इसकी विषय वस्तुए बालिकाओं की कल्पना में जैसलमेर में मरु-महोत्सव तथा बेटी बचाओ, बेटी बचाओ अभियान और परिवेश सौन्दर्य दर्शाने वाली रंगोलियों को देख हर कोई अभिभूत हुए बिना नहीं रह सका।
फोटोग्राफी व सेल्फी का क्रेज
सचिव चन्द्रप्रकाश व्यास ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से आयोजित की गई इस रंगोली प्रतियोगिता में 50 बालिकाओं ने हिस्सा लिया और रंगोलियां बनाई। पूर्व पार्षद मीना भाटी व उनकी पुत्री सोनिया और अन्य महिलाओं ने भी रंगोलियों का सृजन कर अपनी सहभागिता निभाई। इसी प्रकार आकर्षक परिधानों में नृत्य करते कलाकारों एवं लोक वाद्यों की धुनों पर विदेशी पर्यटक खासे मोहित हुए। पर्यटकों ने इनके नृत्यों को देखा तथा जी भर कर सराहा। इसके बाद देशी-विदेशी पर्यटकों ने कुलधरा में कच्छी घोड़ी नृत्य कलाकारों के मनोहरी रंगारंग कार्यक्रमों को उत्सुकता के साथ देखा और लोक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों पर मुग्ध हुए बिना नहीं रह सके। मरुश्री ओमप्रकाश वैष्णव ने भी कुलधरा में रंगोलियों को देखा।

Deepak Vyas Bureau Incharge
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