न चलेंगे तीर और न होंगे धमाके

- जैसलमेर में लगातार दूसरे साल भी नहीं होगा रावण दहन
- आतिशबाजी चलाने पर है फिलहाल रोक

By: Deepak Vyas

Published: 11 Oct 2021, 10:10 PM IST

जैसलमेर. बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक पर्व दशहरा आगामी १५ अक्टूबर को मनाया जाएगा। जैसलमेर मुख्यालय पर पूनम स्टेडियम में हर साल इस मौके पर दशानन रावण, उसके भाई कुंभकर्ण और पुत्र मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाता है और हजारों लोग इस मौके पर मौजूद रहते हैं। पिछले वर्ष की भांति इस बार भी दशहरा पर पुतलों का दहन या आतिशबाजी नहीं की जाएगी। आतिशबाजी पर राज्य सरकार की ओर से पूर्व में ही इस साल ३१ दिस बर तक रोक लगाई जा चुकी है। नगरपरिषद जैसलमेर की तरफ से पुतलों के निर्माण के लिए टेंडर आदि की प्रक्रिया तक नहीं करवाई गई। ऐसे में यह तय है कि नगरपरिषद पुतलों का दहन नहीं करवाएगी। एक तथ्य यह भी है कि पुतलों का दहन आतिशबाजी के साथ ही होता है। जब पटाखे चलाने पर ही सरकार ने रोक लगा दी है तब पुतले खड़े कर उन्हें जलाने का कोई मतलब नहीं रह जाता। इसके अलावा कोरोना की नवीनतम गाइडलाइन में राज्य सरकार ने किसी भी धार्मिक कार्यक्रम में दो सौ लोगों के शामिल होने को ही मंजूरी दी है। जबकि दशहरा के सार्वजनिक उत्सव में हजारों की भीड़ जुटती है। बताया जाता है कि जिला प्रशासन ने मौजूदा समय में पुतलों के दहन कार्यक्रम को करवाने को उचित नहीं माना है।
कोरोना की काली छाया
विजयदशमी के सार्वजनिक आयोजन पर वर्ष २०२० में भी कोरोना के मद्देनजर रोक लगा दी गई थी और पूनम स्टेडियम सहित जिलेभर में कहीं बड़े आयोजन नहीं हुए थे। इस बार हालांकि कोरोना की दूसरी लहर लगभग दम तोड़ चुकी है। इसके बावजूद सरकार ने आतिशबाजी पर रोक लगा रखी है। जिसके चलते पिछली बार की भांति लगातार दूसरा दिवाली पर्व बिना आतिशी नजारों के ही मनाया जाएगा। ऐसे में दशहरा पर बिना आतिशी नजारों के पुतलों का दहन व्यावहारिक तौर पर संभव नहीं होगा। नगरपरिषद कार्यालय में अभी तक इस संबंध में कोई हरकत नहीं की गई है। जानकारी के अनुसार पुतलों का निर्माण करने वाले शोरगरों की तरफ से भी नगरपरिषद कार्यालय से निविदा आदि के संबंध में जानकारी तक नहीं ली गई है। गौरतलब है कि हर साल दशहरा पर पुतलों का दहन और आतिशबाजी के लिए निविदा प्रक्रिया कई दिन पहले संपन्न करवाई जाती है और बाद में कार्यादेश जारी किया जाता है। इस बार ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है।
नगरपरिषद सभापति हरिवल्लभ कल्ला और कार्यवाहक आयुक्त सुनिता चौधरी के बीच इस संबंध में चर्चा हुई है। जिसमें यह निर्णय लिया गया कि पुतलों का दहन नहीं करवाया जाएगा। वैसे भी सरकार ने आतिशबाजी पर तो रोक लगा ही रखी है।
उमड़ता है विशाल हुजूम
विजयदशमी के मौके पर पूनम स्टेडियम में विगत वर्षों के दौरान हजारों की संख्या में शहरी और ग्रामीण उमड़ते रहे हैं। यहां नगरपरिषद लाखों रुपए खर्च कर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के 25 से 35 फीट की ऊंचाई के पुतलों का निर्माण और उनका दहन करवाती आई है। धार्मिक आस्था के साथ रंगीन आतिशी नजारों को देखने के लिए १० से १५ हजार लोग जुटते रहे हैं। जितनी भीड़ मरु महोत्सव के कार्यक्रमों में भी कभी नहीं पहुंचती है। पिछले साल कोरोना के कारण पुतलों के दहन का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया था।

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