JAISALMER NEWS- शिक्षक की जादू की छड़ी रोकेगी बच्चों की शादी, इनकी लाठी से याद आएगी नानी

बाल विवाह पर इनकी रहेगी निगरानी, मामला सामने पर करेंगे ऐसा उपाय कि याद रखेंगे...

By: jitendra changani

Published: 05 Apr 2018, 12:17 PM IST

जैसलमेर. गांवों में बाल विवाह रोकने के लिए पटरवारी और ग्राम सेवक के साथ शिक्षकों को निगरानी रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। शिक्षकों को गांव में होने वाले बाल विवाह को रोकने के लिए अपनी रौबदार छड़ी का जादू चलाकर पुलिस और प्रशाासन को बाल विवाह की सूचना देंगे। जिसके बाद पुलिस का डंडा बाल विवाह करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई कर गलती का अहसास करवाया जाएगा।

‘बाल विवाह रोकने को ग्रामसेवक, पटवारी व शिक्षक रखें निगरानी’

जिले में आगामी 18 अप्रेल को अक्षय तृतीया व 29 अप्रेल को पीपल पूर्णिमा पर्व पर व अन्य अवसरों पर बाल विवाहों के आयोजन की प्रबल संभावना रहती हैं। जिला कलक्टर कैलाशचन्द मीना ने जिले में बाल विवाह की रोकथाम के लिए जन सहभागिता एवं चेतना जागृत करने के लिए पुलिस अधीक्षक, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद, उप खण्ड अधिकारी व तहसीलदार जैसलमेर , पोकरण, फतेहगढ़, भणियाणा, उप निदेशक महिला एवं बाल विकास, तीनों विकास अधिकारियों, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक एवं प्रारम्भिक, ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों, सहायक निदेशक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, आयुक्त नगर परिषद जैसलमेर, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका पोकरण, सहायक निदेशक एवं पदेन प्रभारी बाल संरक्षण इकाई को बाल विवाह रोकने के संबंध में आग्रह किया है। जिला कलक्टर ने निर्देश दिए हैं कि बाल विवाह रोकथाम के लिए छोटे कस्बे व गांवों में कस्बे एवं गावों में बाल विवाह की पूर्व तैयारी के लिए निमंत्रण पत्र मुद्रित करने, टेन्ट हाउस, हलवाई, बैण्ड बाजे आदि की व्यवस्था की जाती है तो उसकी जानकारी गावों में पदस्थापित ग्रामसेवक, पटवारी, एएनएम, शिक्षक आदि को हो जाती है। इसलिए उन्हें पाबंद करें कि वे इस संबंध में क्षेत्र में सतर्कता एवं निगरानी रखें ताकि बाल विवाह को आसानी से रोका जा सकें।

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‘बाल विवाह रोकथाम के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में हो कार्यक्रमों का आयोजन’
जैसलमेर जिले में कार्यरत समस्त चिकित्सा अधिकारियों एवं एएनएम को अक्षय तृतीया व अन्य अबूझ सावों पर होने वाले बाल विवाह रोके जाने के लिए निरोधात्मक कदम उठाने के लिए निर्देशित किया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बीएल बुनकर ने बताया कि जिले में कार्यरत चिकित्सा अधिकारियों एवं एएनएम को बाल विवाह रोकथाम के लिए क्षेत्र में विचार गोष्ठियों, समूह चर्चा आदि कार्यक्रमों का आयोजन कर प्रभावी जन चेतना जागृति के कार्य करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने विभागीय कार्मिकों को इस संबंध में किसी भी तरह की शिथिलता नहीं बरतने की सलाह दी।
डॉ. बुनकर ने बताया कि चिकित्सा अधिकारियों, एएनएम एवं विभागीय कार्मिकों की ओर से बाल विवाह की रोकथाम के लिए संबंधित क्षेत्र के अधीनस्थ गांव व कस्बे में सर्तकता व निगरानी रखने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि अपने क्षेत्र में बाल विवाह की रोकथाम के लिए कार्यरत चिकित्साकर्मियों एवं अधीनस्थ विभागीय कार्मिकों की ओर से बाल विवाह रोकने संंबंधी संदेश आमजन तक पहुंचाकर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

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jitendra changani Desk/Reporting
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