जिम्मेदारों का 'मौन व्रत, जान पर भारी लापरवाही

- ओवरलोड वाहनों का संचालन बदस्तूर जारी
- हादसों को लेकर पत्रिका ने पहले ही चेताया था

By: Deepak Vyas

Published: 05 Apr 2021, 09:12 PM IST

पोकरण. जिम्मेदारों की लापरवाही किस कदर है, उसकी बानगी रविवार को उस समय देखने को मिली, जब दो दर्जन से अधिक सवारियों से भरी एक बोलेरो कैम्पर अचानक असंतुलित होकर पलट गई। जबकि इस ओवरलोड भरी बोलेरो कैम्पर को मुख्य सड़क से सरपट दौड़ते किसी जिम्मेदार ने रोकने की जहमत नहीं उठाई। गौरतलब है कि क्षेत्र में ओवरलोड वाहनों का संचालन बदस्तूर जारी है। जिन्हें रोकने के लिए पुलिस व परिवहन विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। या यूं कहे तो मुख्य मार्गों पर स्थित परिवहन विभाग, पुलिस थानों व उपाधीक्षक कार्यालयों के आगे से गुजरते ओवरलोड वाहनों को रोकने की कोई जहमत नहीं उठा रहा है। जिससे आए दिन ओवरलोड वाहनों से हादसे हो रहे है। जबकि उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं होने के कारण संचालकों के हौसले बुलंद हो रहे है।
पत्रिका ने जताई थी आशंका
पोकरण क्षेत्र में संचालित हो रहे ओवरलोड वाहनों को लेकर राजस्थान पत्रिका के 1 अप्रेल के अंक में 'धड़ल्ले से निकल रहे ओवरलोड वाहन' शीर्षक से प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया गया था। इस खबर के माध्यम से परिवहन विभाग व पुलिस को क्षेत्र में ओवरलोड वाहनों से हादसे की आशंका को लेकर चेताया गया था।
...और हो गया हादसा
जिलेभर में संचालित हो रहे ओवरलोड वाहनों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं होने के कारण बुलंद हौसले के साथ संचालक किसी की जान की परवाह किए बगैर यात्रा करवा रहे है। रविवार को भी कुछ इस तरह ही हुआ, पांचे का तला निवासी दो दर्जन से अधिक लोग घंटियाली गांव में एक शादी समारोह में शिरकत करने के बाद पुन: बोलेरो कैम्पर वाहन से घर की तरफ लौट रहे थे। छोटे वाहन में दो दर्जन से अधिक सवारियां भरकर जा रही गाड़ी तिराहे पर अचानक असंतुलित हो गई और सवारियां की जान पर बन आई। हादसे में 14 जने घायल हो गए।
सोती रही पुलिस, निकल गई ओवरलोड गाड़ी
नाचना से पांचे का तला की दूरी पांच-छह किमी है तथा नाचना से घंटियाली की दूरी 30 किमी। पांचे का तला से घंटियाली जाने का मार्ग भी नाचना गांव से होकर गुजरता है तथा पुलिस थाने के आगे से होकर वाहन निकलते है। रविवार को सुबह भी दो दर्जन से अधिक सवारियों से भरी बोलेरो कैम्पर पुलिस थाने के आगे से होकर गुजरी, लेकिन पुलिस ने न तो गाड़ी को रुकवाया, न ही उसका चालान काटा। यदि पुलिस की ओर से वाहन को रुकवा दिया जाता, तो शायद यह हादसा नहीं होता।
कब चेतेंगे जिम्मेदार
जिले में आए दिन ओवरलोड वाहनों से हादसे हो रहे है। बावजूद इसके पुलिस व परिवहन विभाग पूरी तरह से मूकदर्शन बनकर सब देख रही है। उनकी ओर से वाहनों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। ऐसे में इस लापरवाही के कारण कभी किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।

Deepak Vyas Bureau Incharge
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