रोडवेज के पास एक भी एसी बस नहीं! यात्री भार में लगातार पिछड़ रहा रोडवेज

स्वर्णनगरी के नाम से मशहूर जैसलमेर में प्रतिवर्ष आठ लाख से ज्यादा सैलानी पहुंचते हैं। उनके लिए हवाई जहाज, रेल और निजी वाहनों के बाद राजस्थान के विभिन्न शहरों से निजी बसें आवागमन का प्रमुख साधन बनी हुई है, लेकिन आज के दौर में यात्रियों की पहली पसंद एसी की सुविधा बसों में नहीं होने के कारण राज्य पथ परिवहन निगम (रोडवेज) इस दौड़ में काफी पिछाड़ी ही बनी हुई है।

By: Deepak Vyas

Published: 01 Jul 2019, 11:16 AM IST

जैसलमेर. स्वर्णनगरी के नाम से मशहूर जैसलमेर में प्रतिवर्ष आठ लाख से ज्यादा सैलानी पहुंचते हैं। उनके लिए हवाई जहाज, रेल और निजी वाहनों के बाद राजस्थान के विभिन्न शहरों से निजी बसें आवागमन का प्रमुख साधन बनी हुई है, लेकिन आज के दौर में यात्रियों की पहली पसंद एसी की सुविधा बसों में नहीं होने के कारण राज्य पथ परिवहन निगम (रोडवेज) इस दौड़ में काफी पिछाड़ी ही बनी हुई है। रोडवेज के जैसलमेर डिपो से संचालित करीब तीन दर्जन बसों में एक भी एयरकंडीशनर बस नहीं है। आज भी रोडवेज की बसें अधिकतर तीन गुणा दो सीटिंग वाली ही है जबकि निजी बस ऑपरेटर जैसलमेर से बाड़मेर, जोधपुर, अहमदाबाद, बीकानेर, जयपुर, उदयपुर, अजमेर, नागौर, नाथद्वारा आदि के लिए दो गुणा दो डिलक्स और एसी बसों का इफरात में संचालन कर अच्छी कमाई कर रहे हैं।
जुड़ते नहीं सैलानी
रोडवेज की ओर से अपनी बसों की ओर जैसलमेर आने वाले सैलानियों को आकर्षित करने न वोल्वो और न ही डिलक्स बस का संचालन किया जा रहा है। ऐसे में स्वर्णनगरी भ्रमण पर आने वाले पर्यटक रोडवेज बस सेवा से नहीं जुड़ पा रहे। जिससे रोडवेज का घाटा कम होता है और न ही यात्री भार में बढ़ोतरी। पर्यटननगरी के तौर पर दुनिया भर में विख्यात जैसलमेर के लिए वोल्वो बस सेवा को बंद हुए करीब सात साल बीत चुके हैं। जब यहां से जयपुर और दिल्ली के लिए वोल्वो बस का संचालन होता था, तब अन्य यात्रियों के साथ कई विदेशी सैलानी भी उसमें सवार होते थे। अब यह सब बीते जमाने की बात हो चुकी है। वोल्वो बस सेवा बंद होने से देश की राजधानी दिल्ली से जैसलमेर का नाता भी टूट गया।
निजी ऑपरेटर बढ़ा रहे बेड़ा
जानकारी के अनुसार रोडवेज के जैसलमेर डिपो में निगम की अपनी और अनुबंधित बसों को मिलाकर 37-38बसों का बेड़ा है। इसमें से प्रतिदिन 30-31 पुराने जमाने की बसें यात्रियों को जोधपुर, अहमदाबाद, माउंट आबू, आबूरोड, बाड़मेर, बीकानेर, अजमेर, चौहटन आदि के लिए आवाजाही की सुविधा प्रदान करती है। इनमें एक भी एसी बस तो दूर डिलक्स बस तक नहीं है। दूसरी ओर निजी बस ऑपरेटर जैसलमेर की पर्यटन अहमियत को समझते हुए यहां से लगातार देश-प्रदेश के विभिन्न शहरों के लिए लग्जरी बसों की सुविधा बढ़ा रहे हैं। मौजूदा समय में उनकी तरफ से जैसलमेर से दूरस्थ पूना, मुम्बई, सूरत, बड़ौदा जैसे शहरों के लिए भी बस सेवा उपलब्ध है। निजी बसें एसी तो एक दर्जन से ज्यादा प्रतिदिन चलती हैं, वोल्वो बसों का संचालन भी हो रहा है। गर्मी के मौसम में यात्रियों को रोडवेज आज भी नॉन एसी बसों में ही सफर करवा रही है। चौंकाने वाली जानकारी के अनुसार राजस्थान भर में जयपुर डिपो ही एसी बसों का संचालन करता है। पड़ोसी बाड़मेर शहर से जयपुर के लिए रोडवेज की एक एसी बस संचालित होने की जानकारी मिली है। वह बस भी जयपुर डिपो की है, बाड़मेर की नहीं।
डिलक्स बस सेवा भी नहीं
जैसलमेर से डीलक्स बस का संचालन भी करीब छह सालों से बंद है। पूर्व में अहमदाबाद से जैसलमेर के बीच एक डिलक्स स्लीपर बस सेवा का संचालन होता था। जिसे भी कई साल पहले बंद कर दिया गया। इस रुट पर स्लीपर क्लास में यात्रा करने वाले यात्रियों को अब निजी बस सेवा का उपयोग करना मजबूरी बन गया है। पर्यटन की दृष्टि से विश्व पटल पर अपनी खास पहचान रखने के बाद भी जैसलमेर को रोडवेज बसों का संचालन नहीं हो रहा। विगत वर्षों के दौरान जैसलमेर डिपो में बसों की संख्या में इजाफा होने के स्थान पर कमी आने की जानकारी भी मिली है।
फैक्ट फाइल
- 40 बसें करीब हैं जैसलमेर डिपो के पास
- 30-31बसों का ही होता है नियमित संचालन
- 08लाख से अधिक सैलानी प्रतिवर्ष आते हैं जैसलमेर

Deepak Vyas Bureau Incharge
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