भिजवाए गए सभी 20 जनों के सेम्पल नेगेटिव

- बारिश ने लॉकडाउन को और सफल बनाया
-जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में लॉकडाउन का व्यापक असर

जैसलमेर. देश-विदेश के लाखों सैलानियों की वर्ष पर्यन्त आमद वाले जिले में अब तक दुनिया भर को दहशत में डालने वाला कोरोना वायरस को लेकर जैसलमेर के बाशिंदों को अच्छी खबर गुरुवार को मिली। जिले से अब तक 20 संदिग्ध मरीजों के कोरोना की जांच के लिए भिजवाए गए सेम्पल में से सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। गुरुवार शाम तक कोई नमूना नहीं भिजवाए जाने की जानकारी सामने आई है।गौरतलब है कि बुधवार दिन में 6 जनों के सेम्पल भिजवाए गए थे, उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई और बुधवार देर रात पोकरण के एक और एक अन्य व्यक्ति का भेजे गए सेम्पल की भी रिपोर्ट गुरुवार को प्राप्त हुई और वह भी नेगेटिव ही आई है। वहीं गुरुवार को दिनभर रिमझिम बारिश के कारण जिला मुख्यालय पर लॉकडाउन का और भी व्यापक असर नजर आया। सड़कों पर पुलिसकर्मियों के अलावा इक्का-दुक्का लोग ही दिखाई दिए और छूट प्राप्त खाद्य सामग्री व अन्य सामान का परिवहन करने वाले वाहनों तथा सरकारी गाडिय़ों के अलावा निजी वाहन गत दिनों के मुकाबले भी बहुत कम दौड़ते दिखे। लोगों में मौसम के शीतल होने से कोरोना वायरस संक्रमण का भय और ज्यादा देखा गया।
बढ़ रही जागरुकता, घरों में रहे लोग
जैसलमेर के बाशिंदों में अब कोरोना संक्रमण से बचने के लिए घर पर ही रहने संबंधी जागरुकता बढ़ गई है। यही कारण है कि पिछले दिनों के मुकाबले गुरुवार को मुख्य सड़कों के साथ भीतरी भागों में भी लोगों की आवाजाही बहुत कम हो गई है। प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री की ओर से की गई अपील और लागू किए गए लॉकडाउन को लेकर मुख्यधारा के मीडिया के साथ सोशल मीडिया पर चलाया जा रहा अभियान रंग ला रहा है। लोग अपना समय घर पर बुजुर्गों और और बच्चों के साथ बिता रहे हैं। कई पुरुष सदस्य चाय-नाश्ता और खाना बनाने तक के काम में हाथ आजमा रहे हैं।
दुर्गवासियों ने खुद को आइशोलेट किया
इस बीच दुनिया के चुनिंदा रिहाइशी दुर्गों में एक जैसलमेर के ऐतिहासिक सोनार दुर्ग के हजारों बाशिंदों ने कोरोना के खतरे से निपटने के लिए अनूठा कदम उठाते हुए स्वयं को एक तरह से आइशोलेट कर लिया है। दुर्ग पर रहने वालों के लिए सुबह सब्जी से लेकर आरओ पानी की टंकी दशहरा चौक तक मंगवाई जा रही है। सब्जी लेने के लिए भी लोग सर्किल बनाकर दूर-दूर खड़े हुए। यहां तक कि दुर्ग तक दूध की आपूर्ति भी करवाई जा रही है। कई परिवार किराणा का सामान भी होम डिलेवरी ले रहे हैं। दुर्ग पर शहर के बाकी हिस्सों से जाने वाले लोगों के जाने पर एक तरह से लोगों ने एकजुट होकर अघोषित रोक लगा रखी है। दुर्गवासियों ने शहर के शेष हिस्सों में रहने वाले अपने रिश्तेदारों से भी फिलहाल मेलजोल कम कर रखा है और वे बनाए गए वॉट्सएप ग्रुप पर एक दूसरे की समस्या तथा जरूरतों को सुनकर उसे दूर करवाने का प्रयास कर रहे हैं।

Deepak Vyas Bureau Incharge
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