परमाणु नगरी में पुलिस की 'तीसरी आंख' को मोतियाबिन्द ! जानिए पूरी खबर

-लम्बे समय से खराब आधा दर्जन सीसीटीवी कैमरे

By: Deepak Vyas

Published: 19 Jan 2019, 05:27 PM IST

जैसलमेर/पोकरण. अपराध की रोकथाम, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए परमाणु नगरी पोकरण में पुलिस की तीसरी आंख को मोतियाबिन्द हो गया है। गत लम्बे समय से पोकरण में लगे 11 में से छह सीसीटीवी कैमरे खराब पड़े है। जिन्हें ठीक करवाने को लेकर पुलिस की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। गौरतलब है कि पोकरण सामरिक सुरक्षा से महत्वपूर्ण स्थल है तथा संवेदनशील क्षेत्रों में से एक है। स्वर्णनगरी जैसलमेर का प्रवेश द्वार होने के कारण यहां से प्रतिदिन सैंकड़ों लोग जैसलमेर जाते है। ऐसे में संदिग्ध गतिविधि, अपराध की रोकथाम को लेकर पुलिस की ओर से मुख्य मार्गों व चौराहों पर 11 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। पुलिस की ओर से गत 23 मार्च 2017 को 11 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। इनमें से दो कैमरे पूर्व में खराब हो चुके है। जबकि एक माह पूर्व मुख्य चौराहे पर लगे चार सीसीटीवी कैमरे एक निजी बस की टक्कर से टूटकर खराब हो गए। जिससे छह सीसीटीवी कैमरे बंद पड़े है। अब मात्र पांच कैमरे चालू अवस्था में हैै। जिससे प्रत्येक संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखना मुश्किल हो रहा है।
विधायक मद से लगे थे कैमरे
गणतंत्र दिवस के मौके पर 26 जनवरी 2016 को आयोजित उपखण्ड स्तरीय कार्यक्रम में तत्कालीन विधायक ने कस्बे में 11 सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए पांच लाख रुपए की घोषणा की गई थी। जिस पर मार्च 2017 में ग्रीन आईपी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड जयपुर की ओर से कैमरे भी लगा दिए गए, लेकिन गत लम्बे समय से छह कैमरे खराब होने के कारण संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना पुलिस के लिए मुश्किल हो रहा है।
यहां लगाए गए थे कैमरे
कस्बे में मुख्य चौराहे जयनारायण व्यास सर्किल पर चार, बस स्टैण्ड पर एक, फलसूण्ड तिराहे पर दो, जैसलमेर रोड पर एक, अस्पताल के पास एक, गांधी चौक में एक व पुलिस थाने के बाहर एक कैमरा लगाया गया था। इनमें से व्यास सर्किल के चार सहित छह कैमरे खराब पड़े है। पुलिस की अभय कमाण्ड योजना के अंतर्गत जिला पुलिस अधीक्षक की ओर से कस्बे में मुख्य मार्गों व चौराहों पर 100 सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना बनाई गई थी। उनकी ओर से आठ सितम्बर 2017 को पोकरण थानाधिकारी को एक पत्र जारी कर इस संबंध में कार्रवाई करने के भी निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन कोई बजट प्राप्त नहीं होने के कारण यह योजना भी ठण्डे बस्ते में ही पड़ी है।
फैक्ट फाइल:-
- 25 हजार है पोकरण कस्बे की आबादी
- 11 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे दो वर्ष पूर्व
- 6 कैमरे पड़े है खराब
- 5 लाख रुपए की लागत से लगाए गए थे सीसीटीवी कैमरे
- 100 कैमरे लगाए जाने है प्रस्तावित
लिखा गया है पत्र
कंपनी की ओर से लगाए गए सीसीटीवी कैमरे अभी तक गारंटी अवधि में है। जिसको लेकर संबंधित कंपनी को कई बार पत्र भी लिखा गया, लेकिन अभी तक उनकी ओर से कैमरे ठीक कर पुन: नहीं लगाए जा रहे है।
सुखराम विश्रोई, थानाधिकारी पुलिस थाना, पोकरण।

Deepak Vyas Bureau Incharge
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