scriptSo far God is merciful... because 10 tourist places have died on their | अब तक ईश्वर मेहरबान... क्योंकि 10 पर्यटन स्थलों पर राह तक रही मौत! | Patrika News

अब तक ईश्वर मेहरबान... क्योंकि 10 पर्यटन स्थलों पर राह तक रही मौत!

-आनंद व सुकून के पल बिताने के साथ जोखिमपूर्ण जगहों पर सेल्फी लेने की सनक
-कोरोना संक्रमण के बीच स्वर्णनगरी में उमड़ रहा सैलानियों का सैलाब

जैसलमेर

Updated: January 13, 2022 08:27:27 pm

जैसलमेर. करीब दो वर्ष तक कोरोना संक्रमण का दर्द झेल चुके जैसाण में देशी सैलानियों का हुजूम उमड़ रहा है। पर्यटन स्थलों पर मेहमान आनंद व सुकून के पल बिताते देखे जा सकते हैं। इन दिनों कोरोना संक्रमण एक बार फिर बढऩे के बावजूद पर्यटकों के कदम स्वर्णनगरी की ओर बढ़ते ही जा रहे हैं। इन सबके बीच जो बात सबसे ज्यादा निराश करने वाली है, वह है ऐसे 10 पर्यटन स्थल, जहां भ्रमण के दौरान सैलानियों को सबसे ज्यादा खतरा है। करीब आठ वर्ष पहले जोधपुर के मेहरानगढ़ किले की प्राचीर पर खड़ा होकर फोटो खिंचवाने की कोशिश कर रहे युवक की नीचे खाई में गिरने से हुई मौत के दर्दनाक हादसे के बाद से जैसलमेर में खुले व ऊंचाई वाले हिस्सों पर मोबाइल से सेल्फी लेने या खतरनाक तरीके से फोटो खिंचवाने का शौक रखने वाले स्थानीय युवाओं तथा देशी-विदेशी सैलानियों की सुरक्षा को लेकर लगातार भय बना हुआ है। पत्रिका पड़ताल में यह बात सामने आई है कि सोनार किले सहित अन्य ऐसे पर्यटन स्थलों पर करीब 10 ऐसे पर्यटन स्थल है, जो धरातल से सैकड़ों फीट की ऊंचाई पर है, साथ ही वहां हादसे को रोकने के लिए जरूरी इंतजाम भी नहीं है।
यह है हकीकत: सेल्फी की सनक
ऐतिहासिक सोनार दुर्ग के सिटी व्यू पाइंट से पूरे शहर का विहंगम दृश्य कैमरे में कैद करने की चाह में परकोटे के पास वाली दीवार पर खड़े होकर सेल्फी लेते दर्जनों युवा हर समय देखे जा सकते हैं। इस दौरान एक तेज झोंके जिंदगी की डोर तोड़ सकता है। जैसलमेर नगर में राजप्र्र्रसाद, पटवा हवेली, सालमसिंह की हवेली और नथमल की हवेली भी काफी ऊंची इमारतें हैं। यहां कार्यरत कार्मिक सैलानियों और यहां भ्रमण को आने वाले किशोर-युवाओं को सेल्फी लेने के दौरान सावधानी बरतने की सलाह भी देते हैं।
अब तक ईश्वर मेहरबान... क्योंकि 10 पर्यटन स्थलों पर राह तक रही मौत!
अब तक ईश्वर मेहरबान... क्योंकि 10 पर्यटन स्थलों पर राह तक रही मौत!
यहां सर्वाधिक सावधानी की जरूरत
-शहर क मलका प्रोल के पास सन सेट पाइंट
-सोनार किले के कोटड़ी पाड़ा में तोप के पास सिटी व्यू
-गड़ीसर तालाब के समीप छतरियां व प्रोल के पास छत
-दशहरा चौक में पानी की पुरानी टंकी के पास सिटी व्यू
-ऐतिहासिक सोनार दुर्ग में राजप्रसाद का सर्वोच्च शिखर
-सोनार दुर्ग के प्राचीन बुर्ज
-दुर्ग की मोरियों से सिटी व्यू
-सालिमसिंह हवेली की छत
--चौगान पाड़ा में तोप के पास सिटी व्यू
-पटवा हवेली का शीर्ष भाग

प्रभावी हो प्रबंध, जन-जागरण भी कारगर
-जिन पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा के वैकल्पिक इंतजाम नहीं हैं, वहां जागरुकता से ही संभावित हादसों की रोका जा सकता है।
-जहां संभव हो, वहां सुरक्षा के लिए जाली लगवाई जा सकती है।
-खतरनाक स्थानों पर फोटो खींचने से बचने संबंधित लेखन की दरकार है।
-पर्यटन सहायता बल के कार्मिकों का भी नैतिक कर्तव्य है कि वे सैलानियों को जोखिमपूर्ण गतिविधियों को टोके।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

बड़ी खबरें

SSB कैंप में दर्दनाक हादसा, 3 जवानों की करंट लगने से मौत, 8 अन्य झुलसे3 कारण आखिर क्यों साउथ अफ्रीका के खिलाफ 2-1 से सीरीज हारा भारतUttar Pradesh Assembly Election 2022 : स्वामी प्रसाद मौर्य समेत कई विधायक सपा में शामिल, अखिलेश बोले-बहुमत से बनाएंगे सरकारParliament Budget session: 31 जनवरी से होगा संसद के बजट सत्र का आगाज, दो चरणों में 8 अप्रैल तक चलेगानिलंबित एडीजी जीपी सिंह के मोबाइल, पेन ड्राइव और टैब को भेजा जाएगा लैब, खुल सकते हैं कई राजविराट कोहली ने किसके सिर फोड़ा हार का ठीकरा?, रहाणे-पुजारा का पत्ता कटना तयएसईसीएल ने प्रभावित गांवों को मूलभूत सुविधा देना किया बंद, कोल डस्ट मिले पानी से बर्बाद हो रहे हैं खेततीसरी लहर का खतरनाक ट्रेंड, डाक्टर्स ने बताए संक्रमण के ये खास लक्षण
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.