तो क्या अगले महिने हो जाएंगे पंचायत के चुनाव ?

- प्रशासन व चुनाव आयोग ने शुरू की तैयारी
- बैठकों में हो रही है चर्चाएं, मतदाता सूचियां हुई तैयार
- मतदान केंद्रों पर व्यवस्थाओं को दे रहे अंतिम रूप

By: Deepak Vyas

Published: 05 Sep 2020, 12:07 PM IST

पोकरण. गत जनवरी माह से सरपंची की बाट जो रहे उम्मीदवारों को अब चुनाव की आस जगने लगी है। हालांकि अभी तक न तो आचार संहिता लगी है, न ही चुनाव की घोषणा हुई है, लेकिन चुनावी हलचल शुरू हो जाने और प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां शुरू करने से ग्रामीण क्षेत्रों में चुनावी बिसात बिछने लगी है। गौरतलब है कि प्रत्येक पांच वर्ष के अंतराल में ग्राम पंचायतों में सरपंच, वार्डपंच, पंचायत समितियों में सदस्यों व प्रधान तथा जिला परिषद में सदस्यों व जिला प्रमुख के चुनाव होते है। वर्ष 2020 में जनवरी व फरवरी माह में चुनाव होने थे, लेकिन कोरोना संक्रमण की महामारी के कारण चुनाव में देरी होती चली गई और नौ माह बाद भी चुनाव नहीं हो पाए है। जिसके कारण सरपंच, वार्डपंच, प्रधान, जिला प्रमुख तथा पंचायत समिति व जिला परिषद के सदस्यों के चुनावी अभी तक अधरझूल में लटके पड़े है।
पहले परिसीमन, फिर कोरोना
प्रत्येक पांच वर्षों बाद जनवरी व फरवरी माह में चुनाव हो ही जाते है। इस वर्ष भी चुनाव की तैयारी शुरू हो चुकी थी, लेकिन सरकार की ओर से पंचायतों के परिसीमन का निर्णय लिया गया, जो लम्बा अटक गया। पहले हाईकॉर्ट, तो फिर सुप्रीम कॉर्ट तक मामला पहुंचा और निपटारा हुआ। जिसके बाद प्रदेश की कई ग्राम पंचायतों में सरपंचों व वार्डपंचों के चुनाव भी करवाए गए, लेकिन सभी जिला परिषदों व पंचायत समितियों में प्रधानोंं तथा कई ग्राम पंचायतों में सरपंचों व वार्डपंचों के चुनाव नहीं हो पाए। मार्च माह में कोरोना की दस्तक हो गई और 22 मार्च को देशभर में लॉकडाउन कर दिया गया। जिसके बाद चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह से ठण्डे बस्ते में चली गई।
अब जगी है आस, बिछने लगी बिसात
गत दिनों चुनाव आयोग की ओर से अधिकारियों को चुनाव की तैयारियों को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए गए। मतदान केन्द्रों की देखभाल के साथ मतदाता सूचियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाकर चुनाव की तैयारियां की जा रही है। ऐसे में ग्रामीणों तथा चुनाव लडऩे वाले उम्मीदवारों को भी चुनाव की आस जगने लगी है। जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों में चुनावी बिसात बिछती नजर आ रही है। साथ ही गांवों में चौपाळों पर चुनावी चर्चाएं भी तेज हो गई है।
अधिकारी बैठकों में कर रहे चर्चाएं, केन्द्रों का करेंगे निरीक्षण
चुनाव आयोग की ओर से मतदान केन्द्रों की देखभाल तथा व्यवस्थाएं करने के निर्देशों के बाद अधिकारी भी बैठकें लेते नजर आ रहे है। उपखंड अधिकारी अजय अमरावत की ओर से भणियाणा उपखंड अधिकारी राजेश विश्रोई, विकास अधिकारी गौतम चौधरी व चुनाव से जुड़े अन्य अधिकारियों के साथ गत दो दिनों से बैठकें कर चुनाव संबंधी चर्चाएं की जा रही है। साथ ही मतदान केन्द्रों पर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि चुनाव की सभी तैयारियां अभी से कर ली जाए और घोषणा के बाद कोई समस्या नहीं हो।
इन पंचायतों में बाकि है चुनाव
जिला परिषद के सदस्यों व जिला प्रमुख तथा सभी पंचायत समितियों में सदस्यों व प्रधान के चुनाव शेष है। पोकरण उपखंड क्षेत्र में तीन पंचायत समितियों सांकड़ा, नाचना व भणियाणा में चुनाव होने है। पूर्व में पंचायत समिति सांकड़ा में पांच, भणियाणा में चार व नाचना में चार ग्राम पंचायतों में सरपंचोंं व वार्डपंचों के चुनाव हो चुके है। अब सांकड़ा में 24, भणियाणा में 32 व नाचना में 16 ग्राम पंचायतों के सरपंचों व वार्डपंचों के चुनाव होने शेष है।
की जा रही है पूरक तैयारी
अभी तक चुनाव की घोषणा नहीं हुई है। चुनाव को लेकर पूरक तैयारियां की जा रही है, ताकि ऐन मौके पर कोई समस्या नहीं हो। मतदाता सूचियों को अपडेट कर दिया गया है और मतदान केन्द्रों पर व्यवस्थाएं पूर्ण की जा रही है।
अजय अमरावत, उपखंड अधिकारी, पोकरण।

Deepak Vyas Bureau Incharge
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