वन विभाग ने बढ़ाई गश्त, टिड्डी दल को नियंत्रित व खत्म करने के लिए जारी छिडक़ाव

लाठी. क्षेत्र के भादरिया गांव, पोकरण फिल्ड फायरिंग रेंंज व रेंज में स्थित पुराने टावरकी गांव के आसपास क्षेत्र में बड़ी संख्या में आए टिड्डी दल को नियंत्रित व खत्म करने के लिए रविवार को चौथे दिन भी कीटनाशक का छिडक़ाव किया गया।

By: Deepak Vyas

Published: 01 Jul 2019, 06:37 PM IST

जैसलमेर/लाठी. क्षेत्र के भादरिया गांव, पोकरण फिल्ड फायरिंग रेंंज व रेंज में स्थित पुराने टावरकी गांव के आसपास क्षेत्र में बड़ी संख्या में आए टिड्डी दल को नियंत्रित व खत्म करने के लिए रविवार को चौथे दिन भी कीटनाशक का छिडक़ाव किया गया। टिड्डी प्रतिरक्षा एवं नियंत्रण विभाग व कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में चौथे दिन भी सैंकड़ों हेक्टेयर में कीटनाशक का छिडक़ाव कर टिड्डी नियंत्रण का कार्य किया गया। क्षेत्र में बढ़ रहे टिड्डी दल को देखते हुए टिड्डी प्रतिरक्षा एवं नियंत्रण विभाग की ओर से चुरू, बीकानेर सहित अन्य जिलों से भी टिड्डी नियंत्रण दल बुलाए गए है। गौरतलब है कि चार दिन पूर्व भादरिया गांव व फिल्ड फायरिंग रेंज के आसपास बड़ी संख्या में टिड्डी दलों ने डेरा डाला। सूचना पर टिड्डी नियंत्रण व कृषि विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर टिड्डी दल पर नियंत्रण व उन्हें खत्म करने की कार्रवाई शुरू की। यहां टिड्डी नियंत्रण अधिकारी पवनकुमार के नेतृत्व में अलग-अलग टीमों की ओर से क्षेत्रीय वन अधिकारी पूरणसिंह राठौड़, कानसिंह मेड़तिया व फिल्ड फायरिंग रेंज के अधिकारियों की निगरानी में छिडक़ाव किया जा रहा है। छिडक़ाव कर रहे अधिकारियों ने बताया कि लाठी, भादरिया के आसपास क्षेत्र में वन्यजीव क्षेत्र में निवास कर रहे वन्यजीवों को भी नुकसान नहीं हो, इसके लिए वन विभाग के अधिकारियोंं को साथ रखकर छिडक़ाव किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि रविवार को करीब 105 हेक्टेयर में छिडक़ाव किया गया।
वन विभाग ने बढ़ाई गश्त
लाठी व भादरिया के आसपास स्थित वन्यक्षेत्र में बड़ी संख्या में राज्यपक्षी गोडावण व अन्य वन्यजीव विचरण करते है। क्षेत्र में टिड्डी दल पर किए जा रहे कीटनाशक व खतरनाक रसायनों के कारण छिडक़ाव क्षेत्र में वन्यजीव प्रवेश नहीं करें, इसके लिए वन विभाग की ओर से वनकर्मियों की गश्त बढ़ा दी गई है। क्षेत्रीय वन अधिकारी कानसिंह मेड़तिया के नेतृत्व में बाघसिंह झाला, गेपरराम, तगसिंह, नाथूसिंह सहित वनरक्षक व चौकीदार 24 घंटे गश्त कर रहे है।
रेंज में बमों की आशंका से भी खतरा
गौरतलब है कि पोकरण फिल्ड फायरिंग रेंज में बड़ी संख्या में टिड्डी दलों का पड़ाव है। यहां वर्षभर सैनिकों का युद्धाभ्यास चलता रहता है। ऐसे में कई बार मिस फायर होने से बम फूटने से रह जाते है तथा इनमें से कई जीवित बम रेत में धंस जाते है। अथवा आंधी के कारण उन पर रेत आ जाती है। ऐसे में छिडक़ाव कर रहे वाहनों के ऐसे किसी बम पर चढ़ जाने औैर कोई हादसा हो जाने की भी आशंका बनी हुई है। जिससे फिल्ड फायरिंग रेंज में छिडक़ाव करना खतरे से खाली नहीं है। हालांकि फिल्ड फायरिंग रेंज में सैन्य अधिकारियों की निगरानी में कीटनाशक का छिडक़ाव किया जा रहा है।

Deepak Vyas Bureau Incharge
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