लॉक डाउन में भी दिन की शुरुआत अखबार से

-प्रामाणिक खबरों के लिए आज भी मंत्री, विधायक व सभापति का राजस्थान पत्रिका पर भरोसा

By: Deepak Vyas

Published: 27 Mar 2020, 08:32 PM IST

जैसलमेर. कोरोना वायरस के संक्रमण की दहशत के बीच आम से लेकर खास को आज भी प्रामाणिक खबरों के लिए अखबारों विशेषकर राजस्थान पत्रिका का भरोसा है। यही कारण है कि जिले के जनप्रतिनिधियों के दिन की शुरुआत लॉकडाउन के मौजूदा दौर में भी अखबार से होती है। देशव्यापी लॉकडाउन के कारण जनप्रतिनिधियों को घर पर अपने परिवार के साथ समय बिताने का अच्छा अवसर मिल रहा है और रोजमर्रा की भागदौड़ भरी जिंदगी में वे इस समय थोड़ा अधिक तसल्ली के साथ अखबार पढ़ रहे हैं।

अफवाहों पर ध्यान न दें, अखबार पढ़ें : शाले मोहम्मद
राज्य के अल्पसंख्यक मामलात मंत्री और पोकरण विधायक शाले मोहम्मद ने कहा कि दिन की शुरुआत आम दिनों की भांति अखबार पढऩे से ही होती है। अखबारों से हमें कोरोना संक्रमण के बारे में भी विस्तारपूर्वक तथा प्रामाणिक जानकारियां मिल रही हैं। अखबार से कोरोना संक्रमण फैलने की बात पूरी तरह मिथ्या है, जिसका कोई आधार नहीं है। उन्होंने कहा कि इस समय देशभर में लॉकडाउन कायम है, ऐसे में वे अपना अधिकांश समय भागू का गांव स्थित घर पर ही बीता रहे हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से भी अपील की है कि वे केंद्र तथा राज्य सरकार की ओर से जारी एडवाइजरी की पूर्णरूपेण पालना करें।

घर पर रहकर कोरोना को हराएं : रूपाराम
सामान्य दिनों में भी जैसलमेर विधायक रूपाराम धणदे के दिन की शुरुआत अखबार पढऩे से होती है। वर्तमान में विधायक को भी परिवार के साथ तसल्लीपूर्वक समय बिताने का मौका मिल रहा है, जिसका वे भरपूर उपयोग कर रहे हैं। धणदे के अनुसार सभी लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करनी चाहिए और रिश्तेदारों व मित्रों आदि से मिलने की बजाय फोन पर बात करने को प्राथमिकता देनी चाहिए। यह संक्रामक रोग है, जो एक से अनेक में फैलता है। इसकी रोकथाम का आसान उपाय इसकी चेन को तोडऩा ही है। सभी लोग सरकार के दिशा-निर्देशों को दिल से मानें।

परिवार की शिकायत दूर करने का समय: कल्ला
जैसलमेर नगरपरिषद के सभापति हरिवल्लभ कल्ला मानते हैं कि इस समय परिवारजनों के साथ ज्यादा क्वालिटी समय बिता कर लॉकडाउन का सदुपयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी लोगों को अपने पुराने शौक पूरा करने का भी अवसर घर पर रहने से मिल रहा है, इसका उन्हें लाभ लेना चाहिए। सरकार अगर आपके भले के लिए ही घर पर रहने पर जोर दे रही है। इसे बंधन न मानें, बल्कि अवसर के तौर पर लें। परिवारजनों के साथ हंसी-खुशी के पल बिताएं, जो आपको ताउम्र याद रहेंगे। साथ ही उन्होंने बताया, देश-दुनिया की तमाम खबरों के लिए अखबार पढऩे की आदत को विकसित करने का भी यह अच्छा समय है।

Deepak Vyas Bureau Incharge
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