बॉर्डर पर सीमाजन छात्रावास श्रद्धा के केन्द्र है : कैलाश चौधरी

सीमाजन छात्रावास का वार्षिकोत्सव एवं पुरस्कार वितरण समारोह

By: Deepak Vyas

Updated: 07 Mar 2020, 09:02 PM IST

जैसलमेर. सीमाजन कल्याण समिति द्वारा संचालित सीमाजन छात्रावास का वार्षिकोत्सव एवं पुरस्कार वितरण समारोह हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर छात्रावास में अध्ययनरत मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। मुख्य अतिथि व केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने छात्रावास भवन निर्माण में धन सहयोग करने वाले भामाशाहों का भी सम्मान किया। कार्यक्रम के बाद मुख्य अतिथि ने राज्य सभा सदस्य केजे अल्फांस के कोटे से निर्मित कक्षा भवन का लोकार्पण किया गया। इस दौरान अतिथियों ने मेधावी छात्रों के साथ-साथ स्वच्छता, अनुशासन, उत्कर्ष शारीरिक प्रदर्शन, नवोदित छात्र जैसी कई श्रेणियों में उत्कर्ष प्रदर्शन करने वाले छात्रों को अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। इससे पहले जिले के शहर और गांवों से आए गणमान्य नागरिकों को संबोधित करते हुए कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि शिक्षा के इस मंदिर में राष्ट्रवादी विचार पोषित हो रहे है। सीमा क्षेत्रों में यह श्रद्धा के केन्द्र है। इनका संरक्षण होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भविष्य का भारत युवाओं का है। अब यह अभिभावकों को तय करना है कि वो अपने बच्चों को टुकड़े-टुकड़े गैंग में देखना चाहते है या फिर राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत शिक्षा मंदिरों में पढ़ाना चाहते है। कृषि राज्य मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की राष्ट्रवादी नीतियों की चर्चा करते हुए कहा कि कश्मीर में धारा 370 के हटाने और नागरिकता संशोधन कानून के पारित होने से भारत के सुरक्षा बलों के साथ.साथ देश की जनता में खोया आत्मविश्वास लौटा है। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि खंगारसिंह सोढ़ा ने कहा कि बॉर्डर जिलों के बच्चों में जन्म से ही सीमा सुरक्षा के संस्कार देने की आवश्यकता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्री लक्ष्मीनाथ सोसायटी सचिव हरिराम खत्री ने सीमाजन कल्याण समिति की स्थापना और प्रारंभकाल से उसके संस्थापकों के समर्पण को इस संस्था की पूंजी बताते हुए कहा कि अब यह वट वृक्ष बन चुका है। मंच पर समाजसेवी गोविन्दलाल माली, मुख्य वक्ता बंशीलाल भाटी और समिति के जिलाध्यक्ष अलसगिरी मौजूद थे।
सद्गुणों की जननी है राष्ट्रभक्ति
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सीमाजन कल्याण समिति के प्रांतीय महामंत्री बंशीलाल भाटी ने कहा कि राष्ट्रभक्ति सभी प्रकार के सद्गुणों की जननी है। सीमाजन छात्रावासों का संचालन इसी साधना का परिणाम है। राष्ट्र और समाज का सामूहिक चिंतन हर कठिनाई और समस्या से निपटने का हथियार है। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत आजादी अधिकांशत देश और समाज के खिलाफ जाने का मार्ग है। खान.पान की व्यक्तिगत आजादी के नाम पर कुछ देशों में पशु.पक्षियों का भक्षण करने के परिणाम के रुप में हम कोरोना नाम की बीमारी से संघर्ष कर रहे है। सनातनी व्यवस्था से ही हम सभी का कल्याण संभव है। समिति के प्रदेश संगठन मंत्री नीम्बसिंह ने संक्षिप्त में बॉर्डर जिलों के विकास में आ रही डीएनपी के प्रतिबंध की अड़चनों के साथ-साथ मूलभूत सुविधाओं के अभाव के कारणों पर प्रकाश डाला। मंच संचालन भैया मोतीसिंह और टीकमचंद जीनगर ने किया। इस अवसर पर जिले के गणमान्य नागरिक डॉ. दाउलाल शर्मा, त्रिलोकचंद खत्री, मुरलीधर खत्री, पूर्व विधायक छोटूसिंह भाटी, सांगसिंह भाटी, चन्द्रप्रकाश शारदा, जुगलकिशोर व्यास, कविता खत्री इत्यादि उपस्थित थे।

Deepak Vyas Bureau Incharge
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