
पोकरण क्षेत्र के लाठी गांव के एक समाज के श्मशान में शुक्रवार को कुछ कपड़े व बिस्तर मिलने पर गांव में किसी व्यक्ति की मौत के बाद गुपचुप तरीके से शव दफनाने की सूचना से सनसनी फैल गई। मामले में पुलिस को भी खासी मशक्कत करनी पड़ी। हालांकि जब पूरी बात का पटाक्षेप हुआ तो मामला शांत हो गया। लाठी पुलिस के अनुसार लाठी गांव के उत्तर दिशा में एक समाज का श्मशान स्थित है। शुक्रवार सुबह किसी व्यक्ति ने गांव के लोगों को सूचना दी कि श्मशान में एक बिस्तर व कुछ कपड़े पड़े है और जगह भी खोदी हुई है। इस बात की जानकारी मिली तो लोग एकत्रित हुए। उन्होंने इधर-उधर पूछताछ की तो पता लगा कि गांव में इन दिनों किसी व्यक्ति की मौत नहीं हुई है तो यहां शव किसने दफनाया ? उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। जिस पर थानाधिकारी राजेन्द्र खदाव व सहायक उपनिरीक्षक किशनसिंह के नेतृत्व में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। मामले की सूचना पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रवीणकुमार सैन, पुलिस वृताधिकारी गजेन्द्रसिंह नाचना, तहसीलदार विश्वप्रकाश चारण, जैसलमेर से पुलिस एफएसएल टीम के भरतकुमार सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा। उन्होंने मौके पर जांच की तो एक बिस्तर, कंबल, चद्दर व बालिका के कपड़े पड़े है। जांच में पाया गया कि कुछ दिन पूर्व यहां किसी का शव दफनाया गया है।
पूछताछ की तो मामला सामने आया कि चांधन क्षेत्र की एक ढाणी में मजूदरी करने वाले एक व्यक्ति की 10 वर्षीय पुत्री की गत एक सप्ताह पूर्व मौत हो गई थी। पूछताछ में उसने बताया कि उसकी पुत्री की बीमारी के कारण मृत्यु हो गई थी और 28 दिसंबर को उन्होंने अपनी 10 वर्षीय पुत्री को यहां लाकर दफना दिया और उसके पहने हुए कपड़े, बिस्तर, कंबल व चद्दर वगैरह श्मशान में ही डाल दिए। जब मामले का पटाक्षेप हुआ तो सभी का भ्रम दूर हुआ और ग्रामीणों व पुलिस ने राहत की सांस ली।
Published on:
03 Jan 2025 10:19 pm
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